भारत का 'फॉलोऑन प्लान' तबाह कर सोनल दिनुषा ने रचा इतिहास: टेस्ट क्रिकेट में ऐसा करने वाले बने इकलौते बल्लेबाज

भारत का 'फॉलोऑन प्लान' तबाह कर सोनल दिनुषा ने रचा इतिहास: टेस्ट क्रिकेट में ऐसा करने वाले बने इकलौते बल्लेबाज

कोलंबो के ऐतिहासिक सिंहली स्पोर्ट्स क्लब (SSC) ग्राउंड पर खेला गया भारत बनाम श्रीलंका दूसरा टेस्ट मैच टेस्ट क्रिकेट के 147 साल के इतिहास के उन सबसे यादगार मुकाबलों में दर्ज हो गया है, जिन्हें केवल एक खिलाड़ी की अदम्य इच्छाशक्ति और क्लासिकल डिफेंस के लिए याद रखा जाएगा। पहली पारी में 503/9 का विशाल स्कोर खड़ा करने और श्रीलंका को 290 रनों पर समेटने के बाद भारतीय कप्तान शुभमन गिल ने पारी से जीत दर्ज करने और सीरीज को 2-0 से क्लीन स्वीप करने के लिए मेजबान टीम को फॉलोऑन खेलने का न्योता दिया था। लेकिन श्रीलंका के 25 वर्षीय युवा बाएं हाथ के बल्लेबाज सोनल दिनुषा ने न केवल भारत के इस पूरे 'फॉलोऑन प्लान' को पूरी तरह ध्वस्त कर दिया, बल्कि एक ऐसा अद्वितीय और ऐतिहासिक रिकॉर्ड अपने नाम कर लिया जो आज तक दुनिया का कोई भी महानतम बल्लेबाज भारत के खिलाफ नहीं बना सका था।

भारत के खिलाफ फॉलोऑन के बाद दोनों पारियों में शतक: बने विश्व के इकलौते बल्लेबाज

टेस्ट क्रिकेट के इतिहास में किसी भी टीम के लिए फॉलोऑन का सामना करना सबसे बड़ा मानसिक और शारीरिक दबाव माना जाता है। ऐसे हालात में जब सामने भारत जैसी दुनिया की शीर्ष गेंदबाजी यूनिट हो, तो इतिहास रचना किसी चमत्कार से कम नहीं होता। सोनल दिनुषा टेस्ट क्रिकेट के इतिहास में भारत के खिलाफ एक ही टेस्ट मैच में फॉलोऑन दिए जाने के बावजूद दोनों पारियों में शतक (Twin Centuries) जड़ने वाले दुनिया के इकलौते और पहले बल्लेबाज बन गए हैं।

दिनुषा ने पहली पारी में जब श्रीलंका 150 रनों पर संघर्ष कर रहा था, तब 108 रनों की संघर्षपूर्ण पारी खेली थी। इसके बाद जब भारत ने श्रीलंका को फॉलोऑन देकर दोबारा क्रीज पर बुलाया, तो दिनुषा ने दूसरी पारी में 264 गेंदों पर नाबाद 133 रनों की मैराथन पारी खेल डाली। दुनिया का कोई भी दिग्गज—चाहे वह रिकी पोंटिंग हों, ब्रायन लारा हों, या स्टीव स्मिथ—फॉलोऑन के बाद भारत के खिलाफ दोनों पारियों में 100 से अधिक का स्कोर नहीं बना सका था, जिसे दिनुषा ने अपने करियर के शुरुआती चरण में ही हासिल कर दिखाया।

264 गेंदें, 412 मिनट और फौलादी डिफेंस: भारत की मुट्ठी से यूं छीना मुकाबला

कोलंबो टेस्ट के पांचवें दिन भारतीय गेंदबाजी आक्रमण को जीत के लिए केवल 6 विकेटों की दरकार थी और श्रीलंका की पारी पारी की हार के कगार पर खड़ी थी। लेकिन दिनुषा ने क्रीज पर कदम रखते ही ऐसा रक्षात्मक जाल बुना कि भारतीय गेंदबाज विकेट की तलाश में छटपटाते रह गए।

दिनुषा ने 412 मिनट (लगभग 7 घंटे) से अधिक समय क्रीज पर बिताया और 264 गेंदों का सामना करते हुए 14 चौके और 1 छक्का लगाया। उन्होंने गेंद को शरीर के बेहद करीब से खेलते हुए स्पिनरों की टर्न को पूरी तरह निष्प्रभावी कर दिया। जब भी भारतीय कप्तान शुभमन गिल ने सिली पॉइंट, शॉर्ट लेग, लेग स्लिप और फॉरवर्ड शॉर्ट लेग का घेरा बनाकर दिनुषा के चारों ओर दबाव बनाया, तो दिनुषा ने हर गेंद को सॉफ्ट हैंड्स से खेलकर जमीन पर दबाया। उनके इस धैर्य के चलते श्रीलंका ने दूसरी पारी में 154 ओवर बल्लेबाजी करते हुए 9 विकेट पर 429 रन बनाए और मैच को सुरक्षित ड्रॉ की तरफ मोड़ दिया।

शुभमन गिल के फॉलोऑन दांव को किया पूरी तरह नाकाम

भारतीय टेस्ट कप्तान शुभमन गिल ने चौथे दिन 213 रनों की पहली पारी की बढ़त के आधार पर श्रीलंका को फॉलोऑन देने का आक्रामक फैसला लिया था। गिल की योजना थी कि पांचवें दिन की टूटती और टर्न लेती पिच पर रवींद्र जडेजा और तेज गेंदबाज मिलकर श्रीलंकाई बल्लेबाजों को 60-70 ओवरों के भीतर समेट देंगे।

लेकिन सोनल दिनुषा ने गिल के इस पूरे दांव को उलटा साबित कर दिया। दिनुषा ने न केवल शीर्ष क्रम के पतन को रोका, बल्कि निचले क्रम के पुछल्ले बल्लेबाजों के साथ मिलकर 7वें और 8वें विकेट के लिए क्रमशः 78 और 54 रनों की साझेदारियां कीं। नतीजा यह हुआ कि भारतीय गेंदबाजों को लगातार दो पारियों में 250 से अधिक ओवर गेंदबाजी करनी पड़ी और अंत में जब मैच ड्रॉ हुआ, तो भारतीय खिलाड़ी शारीरिक और मानसिक रूप से पूरी तरह थक चुके थे।

वीवीएस लक्ष्मण और संगकारा के एलीट क्लब में हुए शामिल

फॉलोऑन के बाद टेस्ट क्रिकेट बचाने वाली पारियों में भारतीय दिग्गज वीवीएस लक्ष्मण (281 रन, ईडन गार्डन्स 2001) का नाम सबसे ऊपर आता है। वहीं श्रीलंका की ओर से कुमार संगकारा और अरविंद डिसिल्वा ने भी फॉलोऑन के बाद यादगार शतक जड़े हैं।

लेकिन दिनुषा की यह उपलब्धि इसलिए सबसे अलग और खास है क्योंकि उन्होंने मैच की दोनों पारियों में शतक लगाया है। फॉलोऑन मिलने पर किसी एक पारी में शतक लगाना कई बल्लेबाजों ने किया है, लेकिन पहली पारी में टीम को फॉलोऑन के खतरे से बचाने के लिए 108 रन बनाना और फिर फॉलोऑन मिलने के बाद दूसरी पारी में नाबाद 133 रन बनाकर मैच बचाना, उन्हें क्रिकेट इतिहास के सबसे अनूठे 'क्राइसिस मैन' की श्रेणी में खड़ा करता है।

भारत के WTC फाइनल समीकरणों को लगा बड़ा झटका

दिनुषा की इस ऐतिहासिक पारी का सबसे बड़ा नुकसान भारतीय टीम को आईसीसी वर्ल्ड टेस्ट चैंपियनशिप (WTC 2025-27) की अंक तालिका में उठाना पड़ा है। भारत ने सीरीज तो 1-0 से जीत ली, लेकिन दूसरे टेस्ट में जीत के 12 अंकों के स्थान पर ड्रॉ के महज 4 अंक मिलने से टीम इंडिया का जीत प्रतिशत (PCT) 53.33% से फिसलकर 51.52% पर आ गया। अंक तालिका में 5वें स्थान पर अटकी भारतीय टीम के लिए अब लॉर्ड्स में होने वाले फाइनल की राह बेहद कठिन हो गई है।

श्रीलंकाई टेस्ट क्रिकेट की नई दीवार बने सोनल दिनुषा

इस दो मैचों की टेस्ट सीरीज में सोनल दिनुषा कुल 316 रन बनाकर सर्वाधिक रन बनाने वाले बल्लेबाज बने। उन्होंने भारत के शीर्ष स्कोरर देवदत्त पडिक्कल (238 रन) को भी पीछे छोड़ दिया। श्रीलंका क्रिकेट, जो लंबे समय से कुमार संगकारा और महेला जयवर्धने के संन्यास के बाद मध्यक्रम में एक भरोसेमंद टेस्ट बल्लेबाज की तलाश में था, उसे सोनल दिनुषा के रूप में एक ऐसी मजबूत दीवार मिल गई है जो आने वाले वर्षों में विश्व क्रिकेट में अपनी अलग पहचान बनाएगी।

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