Wednesday , July 1 2026

अयोध्या-गोरखपुर में आधी रात महा-हड़कंप! राम मंदिर और गोरक्षापीठ को बम से उड़ाने की धमकी, DIG के फोन पर आई कॉल से मचा बवाल

गोरखपुर। उत्तर प्रदेश के दो सबसे बड़े और हाई-प्रोफाइल धार्मिक स्थलों—अयोध्या के भव्य राम मंदिर और गोरखपुर के प्रसिद्ध गोरक्षापीठ को बम से उड़ाने की एक सनसनीखेज धमकी मिलने का मामला सामने आया है। यह धमकी भरा कॉल किसी आम नंबर या पुलिस कंट्रोल रूम पर नहीं, बल्कि सीधे डीआईजी (DIG) गोरखपुर के सरकारी मोबाइल नंबर पर आया, जिसके बाद महकमे में हड़कंप मच गया। देश की आस्था के केंद्र और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की कर्मभूमि को एक साथ निशाना बनाने की बात सुनते ही गोरखपुर से लेकर अयोध्या तक की सुरक्षा एजेंसियां तुरंत हाई-आलर्ट मोड पर आ गईं।

DIG के मोबाइल पर बजी घंटी और उड़ गए होश

सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक, बीती रात गोरखपुर रेंज के डीआईजी के मोबाइल फोन पर एक अज्ञात नंबर से कॉल आई। फोन करने वाले शख्स ने बेहद बेखौफ अंदाज में गोरखपुर के गोरक्षापीठ और अयोध्या के श्री राम जन्मभूमि मंदिर को बम से उड़ाने की बात कही। देश के दो सबसे संवेदनशील धार्मिक स्थलों को एक साथ उड़ाने की धमकी सुनते ही पुलिस प्रशासन के पैर तले जमीन खिसक गई। देर रात ही आला अधिकारियों ने इस मामले को गंभीरता से लेते हुए तुरंत सर्विलांस और साइबर सेल को एक्टिव किया। धमकी देने वाले शख्स की लोकेशन ट्रेस करने के लिए पुलिस की कई टीमें रात में ही ताबड़तोड़ छापेमारी के लिए रवाना कर दी गईं।

एक्शन में पुलिस प्रशासन, चंद घंटों में दबोचा गया आरोपी

चूंकि मामला सीधे मुख्यमंत्री के गृह जनपद और देश की आस्था के केंद्र राम मंदिर से जुड़ा था, इसलिए गोरखपुर पुलिस ने बिना एक पल गंवाए आरोपी की धर-पकड़ के लिए जाल बिछाया। तकनीकी सर्विलांस की मदद से पुलिस ने उस मोबाइल नंबर की सही लोकेशन निकाली और चंद घंटों के भीतर ही ताबड़तोड़ दबिश देकर धमकी देने वाले शख्स को अपनी हिरासत में ले लिया।

पूछताछ में खुला चौंकाने वाला राज, पुलिस ने ली राहत की सांस

इस पूरे घटनाक्रम और पुलिसिया कार्रवाई के संबंध में जब दैनिक भास्कर प्रतिनिधि ने गोरखपुर के एसपी सिटी (SP City) अभिनव त्यागी से बात की, तो उन्होंने मामले की पूरी सच्चाई से पर्दा उठाया।

“जिस शख्स ने डीआईजी के नंबर पर कॉल करके धमकी दी थी, वह दरअसल एक नाबालिग है। जांच और गहन पूछताछ के दौरान यह बात सामने आई है कि वह मानसिक रूप से विक्षिप्त (मेंटली डिस्टर्ब) है। उसकी दिमागी हालत ठीक नहीं है, जिसके कारण उसने बिना सोचे-समझे इस तरह की गंभीर हरकत को अंजाम दिया।” – अभिनव त्यागी, एसपी सिटी

अधिकारी ने आगे स्पष्ट किया कि चूंकि आरोपी नाबालिग है और मानसिक रूप से पूरी तरह अस्वस्थ है, इसलिए फिलहाल इस मामले में अब तक कोई औपचारिक प्राथमिकी (FIR) दर्ज नहीं की गई है। पुलिस प्रशासन ने राहत की सांस ली है कि यह किसी आतंकी संगठन या असामाजिक तत्वों की सोची-समझी साजिश नहीं, बल्कि एक मानसिक रूप से बीमार बच्चे की हरकत थी। हालांकि, एहतियात के तौर पर दोनों ही महा-धार्मिक स्थलों की सुरक्षा व्यवस्था की कड़ाई से समीक्षा की जा रही है।