Friday , July 3 2026

रिफंड के नाम पर विदेशी नागरिकों को बनाते थे निशाना…. इंटरनेशनल फर्जी कॉल सेंटर का भंडाफोड़, 100 से ज्यादा युवक-युवतियां हिरासत में

लखनऊ। राजधानी लखनऊ का पॉश इलाका विभूतिखंड और यहां बनी हाईप्रोफाइल ‘समिट बिल्डिंग’, जो अक्सर अपनी लेट-नाइट पार्टियों और रईसजादों के हंगामों के लिए सुर्खियों में रहती थी, वहां इस बार कुछ ऐसा हुआ जिसने पूरे पुलिस महकमे को हिलाकर रख दिया है। क्राइम ब्रांच और साइबर क्राइम सेल की संयुक्त टीम ने जब बीती रात इस बिल्डिंग में तगड़ी घेराबंदी कर रेड डाली, तो यहां रूह कंपा देने वाला एक बड़ा खेल उजागर हुआ। बिल्डिंग की 11वीं मंजिल पर धड़ल्ले से एक इंटरनेशनल फर्जी कॉल सेंटर संचालित किया जा रहा था। लगभग 15 घंटे तक चले इस मैराथन सर्च ऑपरेशन के बाद पुलिस ने मौके से 100 से ज्यादा युवक और युवतियों को हिरासत में लिया है, जिनसे बंद कमरे में कड़ी पूछताछ की जा रही है।

तीन बसें मंगाकर ले जाए गए आरोपी, मौके पर छावनी में तब्दील हुई समिट बिल्डिंग

क्राइम ब्रांच को पुख्ता इनपुट मिला था कि समिट बिल्डिंग की 11वीं मंजिल से पूरी दुनिया में ठगी का जाल बुना जा रहा है। इनपुट मिलते ही देर रात भारी पुलिस बल के साथ धावा बोला गया और पूरे फ्लोर को तुरंत सीज कर दिया गया। पकड़े गए आरोपियों की तादाद इतनी ज्यादा थी कि पुलिस की गाड़ियां छोटी पड़ गईं, जिसके बाद मौके पर तीन बड़ी बसें मंगवाई गईं। ऑपरेशन की गंभीरता का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि खुद ज्वाइंट सीपी बबलू कुमार, किरन यादव, एसीपी सौम्या पांडेय समेत कई थानों की फोर्स और पीएसी के जवान मौके पर मुस्तैद रहे। महिला पुलिसकर्मियों की मौजूदगी में युवतियों और युवकों को बसों में भरकर मेडिकल टेस्ट और आगे की कानूनी कार्रवाई के लिए ले जाया गया है।

रिफंड के नाम पर विदेशी नागरिकों को बनाते थे निशाना, हवाला नेटवर्क खंगाल रही पुलिस

शुरुआती तफ्तीश में जो चौंकाने वाले खुलासे हुए हैं, उसके मुताबिक यह पूरा सिंडिकेट अंतरराष्ट्रीय स्तर पर साइबर फ्रॉड को अंजाम दे रहा था। गिरोह के निशाने पर देश के साथ-साथ विदेशों के भोले-भाले लोग भी होते थे। आरोपी नामी-गिरामी ई-कॉमर्स कंपनियों के फर्जी कस्टमर केयर एग्जीक्यूटिव बनकर लोगों को कॉल करते थे। इसके बाद प्रोडक्ट डिलीवरी और रिफंड दिलाने के नाम पर उनके बैंक खातों में सेंध लगा देते थे। पुलिस को अंदेशा है कि इस खेल के तार इंटरनेशनल हवाला नेटवर्क से जुड़े हुए हैं, क्योंकि ठगी की रकम को खपाने के लिए विदेशी रास्तों का इस्तेमाल किया जा रहा था। फिलहाल, पुलिस इन ठगों के तमाम बैंक खातों और ट्रांजैक्शन हिस्ट्री को खंगालने में जुटी है।

दर्जनों लैपटॉप, मोबाइल और हार्ड डिस्क जब्त; खुलेंगे कई बड़े राज

15 घंटे तक चले इस सघन तलाशी अभियान में साइबर सेल के हाथ डिजिटल सबूतों का एक बड़ा खजाना लगा है। पुलिस ने मौके से कई दर्जन अत्याधुनिक लैपटॉप, महंगे स्मार्टफोन, राउटर्स, हार्ड डिस्क और कई बोगस सिम कार्ड जब्त किए हैं। इन सभी डिजिटल डिवाइस को फॉरेंसिक जांच के लिए भेजा जा रहा है। पुलिस अधिकारियों का मानना है कि जब्त किए गए डेटा और लैपटॉप के लॉग-इन क्रेडेंशियल्स से आने वाले दिनों में कई बड़े सफेदपोशों और विदेशी आकाओं के चेहरों से नकाब उतरना तय है। राजधानी के बीचोबीच चल रहे इस इंटरनेशनल सिंडिकेट के भंडाफोड़ के बाद अब पुलिस इस बात की भी जांच कर रही है कि इतने बड़े पैमाने पर बिना वेरिफिकेशन के इस बिल्डिंग में यह काला कारोबार कैसे फल-फूल रहा था।