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धर्मांतरण गैंग का सनसनीखेज खुलासा: पाकिस्तान से जुड़े तार, शाहीन बाग और बाटला हाउस में छिपाए गए फंडिंग के सबूत

आगरा। उत्तर प्रदेश के आगरा में धर्मांतरण रैकेट को लेकर बड़ा खुलासा हुआ है। पुलिस की पूछताछ में सामने आया है कि इस गैंग के तार न केवल देश के विभिन्न राज्यों, बल्कि सीमा पार पाकिस्तान से भी जुड़े हुए हैं। तीन दिन की पुलिस कस्टडी रिमांड खत्म होने के बाद मंगलवार को चारों आरोपियों—तलमीज उर रहमान, परवेज अख्तर, जतिन कपूर और हसन मोहम्मद को कोर्ट में पेश किया गया। पुलिस ने नेटवर्क की गहराई और महत्वपूर्ण साक्ष्यों की बरामदगी के लिए दोबारा रिमांड की अर्जी दी है, जिस पर बुधवार को सुनवाई होगी।

पाकिस्तान कनेक्शन और डिजिटल साक्ष्यों का जाल

पूछताछ के दौरान आरोपी जतिन कपूर उर्फ जाशिक कपूर ने चौंकाने वाला खुलासा किया है। उसने बताया कि वह पाकिस्तान के कुछ लोगों के सीधे संपर्क में था। उसके पास मौजूद एक टैब में धर्मांतरण के लिए मिलने वाली आर्थिक मदद का पूरा हिसाब-किताब और पाकिस्तान से जुड़े लोगों के मोबाइल नंबर मौजूद हैं। पुलिस अब इस टैब को बरामद करने की कोशिश कर रही है ताकि अंतरराष्ट्रीय फंडिंग और साजिश की कड़ियों को जोड़ा जा सके।

बाटला हाउस और शाहीन बाग में छिपे हैं अहम रिकॉर्ड

पुलिस विवेचना में यह तथ्य सामने आया है कि इस सिंडिकेट का संचालन काफी व्यवस्थित तरीके से किया जा रहा था। आरोपी तलमीज उर रहमान ने स्वीकार किया कि धर्मांतरण से जुड़ी फंडिंग और टिकटों का पूरा रिकॉर्ड दिल्ली के बाटला हाउस स्थित डॉ. आदिल के पास सुरक्षित है। वहीं, आरोपी परवेज अख्तर ने बताया कि मौलाना कलीम सिद्दीकी के दामाद के दवा केंद्र पर लेनदेन का रजिस्टर रखा जाता था, जिसे कानूनी कार्रवाई के डर से दिल्ली के शाहीन बाग इलाके में छिपा दिया गया है।

कश्मीर से लेकर राजस्थान तक फैला नेटवर्क

इस गैंग की जड़ें कश्मीर से लेकर राजस्थान तक फैली हुई हैं। हसन मोहम्मद ने पूछताछ में खुलासा किया कि मौलाना कलीम सिद्दीकी के दामाद ने कश्मीर सहित कई राज्यों में एक मजबूत नेटवर्क तैयार कर रखा है। डीसीपी आदित्य सिंह के मुताबिक, आरोपियों ने कई महत्वपूर्ण दस्तावेज और मोबाइल नंबर राजस्थान के डींग (डीग) में अपने रिश्तेदारों के यहां छिपा रखे हैं। इन साक्ष्यों को जुटाने के लिए पुलिस ने कोर्ट से अग्रिम तीन दिन की रिमांड मांगी है।

कोर्ट की कार्यवाही: जेल भेजे गए आरोपी, रिमांड पर आज फैसला

सीजेएम कोर्ट में मंगलवार को रिमांड खत्म होने पर पेशी के दौरान अभियोजन अधिकारी ने साक्ष्यों की बरामदगी के लिए और वक्त की मांग की। हालांकि, आरोपियों के वकीलों ने जवाब दाखिल करने के लिए समय मांगा, जिसके बाद कोर्ट ने चारों को जेल भेजने का आदेश दिया। पुलिस कस्टडी रिमांड की अर्जी पर अब बुधवार (6 मई) को सुनवाई होगी। आगरा पुलिस इस मामले में देशव्यापी नेटवर्क और ‘फंडिंग मॉड्यूल’ को ध्वस्त करने की तैयारी में है।