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राम मंदिर चंदा चोरी कांड: आरोपी अविनाश के ‘योग सेंटर’ वाले ठिकाने से मिला संदिग्ध बक्सा, जेल में दर्ज हुआ बयान

अयोध्या: राम जन्मभूमि मंदिर के चढ़ावे में हुई करोड़ों की हेराफेरी और चोरी के मामले में जांच एजेंसियां अब आरोपियों के हर छोटे-बड़े ठिकानों को खंगाल रही हैं। इसी कड़ी में पुलिस की छापेमारी के दौरान आरोपी अविनाश शुक्ला के एक गुप्त ठिकाने से बेहद चौंकाने वाली बरामदगी हुई है, जिसके तार सीधे राम मंदिर के चढ़ावे से जुड़ रहे हैं।

योग सेंटर में छिपाकर रखा था ‘रामराज्य कोष’ का बक्सा

मिली जानकारी के अनुसार, मुख्य आरोपियों में से एक अविनाश शुक्ला अयोध्या के कौशलपुरी क्षेत्र में स्थित एक योग सेंटर में अपने भाई के साथ रहता था। पुलिस को मुखबिर से सूचना मिली थी कि इस सेंटर में अविनाश का एक बड़ा संदिग्ध बक्सा रखा हुआ है। जब पुलिस ने योग सेंटर पर छापेमारी की, तो उस बक्से के भीतर से एक काले रंग का बैग और ‘रामराज्य कोष’ लिखा हुआ एक छोटा बक्सा बरामद हुआ। इस बरामदगी ने पुलिस के शक को यकीन में बदल दिया है कि मंदिर के पैसे को यहीं ठिकाने लगाया जा रहा था।

डेढ़ साल पहले आया था अविनाश, भाई 10 साल से था जमा

योग सेंटर का नाम सामने आने के बाद वहां हड़कंप मच गया है। सेंटर की महिला योग प्रशिक्षिका सीमा तिवारी ने बताया कि अविनाश को उसका भाई अभिषेक करीब डेढ़ साल पहले यहां लेकर आया था। यहां आने के कुछ ही दिनों बाद अविनाश की किस्मत चमकी और उसे राम मंदिर में नौकरी मिल गई थी।

शिक्षिका ने खुलासा किया कि बीती 5 जून को जब पुलिस अचानक योग सेंटर पर तफ्तीश के लिए पहुंची, तो सेंटर की बदनामी के डर से अविनाश को तुरंत वहां से जाने के लिए कह दिया गया था। वहीं, अविनाश के भाई अभिषेक के बारे में उन्होंने बताया कि वह पिछले 10 सालों से इस सेंटर में रह रहा था और पिछले 4-5 वर्षों से एक प्राइवेट स्कूल में नौकरी कर रहा था।

जिला कारागार में दर्ज हुआ अविनाश का बयान, साख बचाने की कवायद

राम मंदिर के चढ़ावे पर हाथ साफ करने वाले आरोपियों के खिलाफ अब कानूनी शिकंजा पूरी तरह कस चुका है। जिला कारागार (जेल) में बंद आरोपी अविनाश शुक्ला का बयान दर्ज करने की कवायद शुरू कर दी गई है। इससे पहले रविवार को पुलिस ने सभी आरोपियों के अलग-अलग ठिकानों पर ताबड़तोड़ छापेमारी की थी, जिसमें कई अहम और संदिग्ध दस्तावेज पुलिस के हाथ लगे थे।

कोर्ट की अनुमति के बाद शुरू हुई जेल में पूछताछ

इन बरामद दस्तावेजों की कड़ियों को जोड़ने के लिए सोमवार को कोर्ट में रिमांड पेशी के दौरान विवेचक/क्षेत्राधिकारी अयोध्या ने विशेष न्यायाधीश (भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम) की अदालत में एक विशेष प्रार्थना पत्र दिया था।

इस अर्जी में पुलिस ने कहा था कि 28 जून को आरोपी अविनाश शुक्ला के कौशलपुरी स्थित मधुबन डेरी के पास वाले घर पर सर्च एंड सीजर की कार्रवाई की गई थी। इस दौरान उसके परिजनों के पास से बैंक पासबुक और कई अन्य वित्तीय दस्तावेज मिले हैं। इन दस्तावेजों की सत्यता और पैसों के लेन-देन की हकीकत जानने के लिए जेल में बंद अविनाश का बयान लेना बेहद जरूरी था। कोर्ट ने पुलिस की इस दलील को स्वीकार करते हुए विवेचक को जेल में जाकर पूछताछ करने और बयान दर्ज करने की अनुमति दे दी है।