GTA करप्शन पर सीएम शुभेंदु अधिकारी का कड़ा रुख; नेपाल त्रासदी के बाद पहाड़ी इलाकों के लिए 250 करोड़
गोरखालैंड क्षेत्रीय प्रशासन (GTA) में कथित वित्तीय अनियमितताओं और फंड्स की हेराफेरी को लेकर राज्य सरकार ने सख्त रुख अपना लिया है। सिलीगुड़ी स्थित राज्य सचिवालय की शाखा 'उत्तरकन्या' में आयोजित एक महत्वपूर्ण प्रशासनिक बैठक को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने दो टूक चेतावनी दी कि जीटीए में सरकारी धन का गबन करने वाले किसी भी व्यक्ति को बख्शा नहीं जाएगा।
मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि पहाड़ी इलाकों के विकास के लिए भेजा गया पैसा जनता का है और पूर्ववर्ती तृणमूल कांग्रेस (TMC) शासन के दौरान जिन लोगों ने भी इस धन की लूट की है, उनके खिलाफ न केवल एफआईआर (FIR) दर्ज कर गिरफ्तारियां की जाएंगी, बल्कि लूटा गया एक-एक पैसा सरकारी खजाने में वापस लाया जाएगा।
खराब मौसम के कारण कलिमपोंग दौरा रद्द, वर्चुअल बैठक में दिए कड़े निर्देश
मुख्यमंत्री कलिमपोंग में आपदा प्रबंधन और राहत तैयारियों की जमीनी समीक्षा के लिए हेलिकॉप्टर से रवाना हुए थे। हालांकि, पहाड़ी क्षेत्र में घने कोहरे और खराब मौसम के चलते चॉपर लैंड नहीं कर सका और कुछ देर हवा में चक्कर काटने के बाद उन्हें सिलीगुड़ी लौटना पड़ा। इसके बाद उन्होंने उत्तरकन्या से ही वर्चुअल माध्यम से अधिकारियों, मंत्रियों और क्षेत्रीय प्रशासनिक अमले के साथ उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक की। इस बैठक में पर्यटन मंत्री शंकर घोष और जल संसाधन मंत्री निशिथ प्रमाणिक भी मौजूद रहे।
सीएम ने बैठक में कहा कि जीटीए के अंतर्गत गठित 11 विकास बोर्डों, पेयजल परियोजनाओं और शिक्षक भर्ती में भारी हेरफेर के साक्ष्य सामने आए हैं। इन सभी मामलों की जांच को अंतिम निष्कर्ष तक पहुंचाया जाएगा ताकि स्वायत्तशासी संस्थाओं में पारदर्शिता बहाल हो सके।
नेपाल त्रासदी के बाद अलर्ट मोड पर बंगाल, पहाड़ी सुरक्षा के लिए 250 करोड़ का आवंटन
नेपाल-तिब्बत सीमा के पास ग्लेशियर टूटने से 26 अगस्त को नेपाल में आई अचानक विनाशकारी बाढ़ और जान-माल के नुकसान का उल्लेख करते हुए मुख्यमंत्री ने हिमालयी पारिस्थितिकी तंत्र (Himalayan Ecosystem) की संवेदनशीलता पर चिंता जताई।
उन्होंने कहा कि पड़ोसी देश में हुई त्रासदी हमारे लिए एक गंभीर चेतावनी है। उत्तरी बंगाल के पहाड़ी जिलों (दार्जिलिंग, कलिमपोंग, कुर्सियांग) में रहने वाले नागरिकों और गांवों को भूस्खलन और अचानक आने वाली बाढ़ से सुरक्षित रखना राज्य सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है।
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250 करोड़ का आपदा पैकेज: पहाड़ी क्षेत्रों में आपदा से निपटने के बुनियादी ढांचे को मजबूत करने और रिटेनिंग वॉल के निर्माण के लिए 250 करोड़ रुपये के विशेष फंड की घोषणा की गई।
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कलिमपोंग में मेडिकल कॉलेज: कलिमपोंग में आधुनिक स्वास्थ्य सुविधाओं के विस्तार के लिए नए मेडिकल कॉलेज का भूमिपूजन जल्द करने का ऐलान किया गया।
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पीड़ितों को राहत व सामाजिक सुरक्षा: पूर्व में मिरीक में हुए भूस्खलन के 74 पीड़ित परिवारों को 3-3 लाख रुपये की अनुग्रह राशि, चाय बागान श्रमिकों के लिए 20% पूजा बोनस और सभी पात्र नागरिकों को आयुष्मान कार्ड व अन्नपूर्णा योजना से आच्छादित करने के निर्देश दिए गए।
जस्टिस बिस्वजीत बसु आयोग करेगा जीटीए सहित सभी घोटालों की जांच
प्रशासनिक जवाबदेही तय करने के संदर्भ में मुख्यमंत्री ने जानकारी दी कि पूर्ववर्ती टीएमसी सरकार के कार्यकाल के दौरान विभिन्न विभागों में हुई संस्थागत वित्तीय अनियमितताओं की पड़ताल के लिए कलकत्ता उच्च न्यायालय के सेवानिवृत्त न्यायाधीश जस्टिस बिस्वजीत बसु की अध्यक्षता में एक-सदस्यीय न्यायिक आयोग गठित किया जा चुका है।
यह आयोग केवल जीटीए तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि शिक्षा, राशन एवं खाद्य आपूर्ति, आपदा राहत वितरण, नगर पालिका व पंचायत निकायों के टेंडर, आवास योजना और लोक निर्माण विभाग (PWD) में हुए घपलों की भी व्यापक स्तर पर जांच करेगा। मुख्यमंत्री ने साफ किया कि भ्रष्टाचार के खिलाफ 'जीरो टॉलरेंस' की नीति पर चलते हुए कानून अपना काम बिना किसी राजनीतिक हस्तक्षेप के करेगा।