चंडीगढ़ में नशा तस्करों पर काल बनकर टूटेगी पुलिस: प्रशासक के सख्त आदेश के बाद बना सीक्रेट एक्शन प्लान, जब्त होगी संपत्तियां!
केंद्र शासित प्रदेश चंडीगढ़ को नशामुक्त और सुरक्षित शहर बनाने की दिशा में प्रशासन ने अब तक का सबसे बड़ा और निर्णायक अभियान छेड़ने का ऐलान किया है। शहर में चोरी-छिपे पांव पसार रहे ड्रग माफिया और अंतरराज्यीय नशा तस्करों पर नकेल कसने के लिए पंजाब के राज्यपाल और चंडीगढ़ के प्रशासक ने पुलिस और प्रशासनिक महकमे को सख्त दिशा-निर्देश जारी किए हैं। प्रशासक के कड़े तेवरों के बाद यूटी पुलिस हरकत में आ गई है और शहर के हर कोने से नशे के सिंडिकेट को उखाड़ फेंकने के लिए एक त्रिस्तरीय 'मेगा एक्शन प्लान' तैयार किया गया है। अब केवल पेडलर्स (छोटे विक्रेताओं) को पकड़ने तक कार्रवाई सीमित नहीं रहेगी, बल्कि सप्लाई चेन के मुख्य सरगनाओं को दबोचने और उनकी अवैध रूप से अर्जित संपत्तियों को कुर्क करने तक का पूरा खाका खींच लिया गया है।
प्रशासक का स्पष्ट निर्देश: ड्रग नेटवर्क पर अपनाएं जीरो टॉलरेंस नीति
राजभवन में आयोजित उच्चस्तरीय कानून-व्यवस्था समीक्षा बैठक के दौरान प्रशासक ने शहर में युवाओं के बीच सिंथेटिक ड्रग्स, हेरोइन और अवैध फार्मास्यूटिकल दवाओं के बढ़ते चलन पर गहरी चिंता जताई। उन्होंने स्पष्ट शब्दों में पुलिस महानिदेशक (DGP) और वरिष्ठ अधिकारियों को आदेश दिया कि नशा तस्करी के मामलों में किसी भी प्रकार की ढिलाई या राजनीतिक सिफारिश बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
प्रशासक ने निर्देश दिए कि शहर के शैक्षणिक संस्थानों, कॉलेजों, विश्वविद्यालयों, नाइटक्लबों और पुनर्वास केंद्रों के आसपास चौबीसों घंटे निगरानी रखी जाए। उन्होंने पुलिस को पड़ोसी राज्यों पंजाब और हरियाणा के साथ बेहतर खुफिया तालमेल (Intelligence Sharing) स्थापित करने को कहा, ताकि बाहरी सीमाओं से शहर के भीतर प्रवेश करने वाले नशे की खेप को सीमा पर ही रोका जा सके। प्रशासक ने साफ किया कि चंडीगढ़ की पहचान देश के सबसे सुनियोजित और शांत शहर के रूप में है, और इस छवि को किसी भी कीमत पर ड्रग्स के साए में धूमिल नहीं होने दिया जाएगा।
चंडीगढ़ पुलिस का 'मास्टर एक्शन प्लान': तस्करों की आर्थिक रीढ़ तोड़ने की तैयारी
प्रशासक के फरमान के बाद चंडीगढ़ पुलिस मुख्यालय ने तुरंत प्रभाव से एक विशेष रणनीति तैयार की है। पुलिस अधिकारियों के अनुसार, इस अभियान को केवल एनडीपीएस एक्ट (NDPS Act) के तहत एफआईआर दर्ज करने तक सीमित नहीं रखा जाएगा, बल्कि वित्तीय जांच (Financial Investigation) को भी इसका मुख्य हिस्सा बनाया जाएगा।
इस नए प्लान के तहत जिन तस्करों के खिलाफ पूर्व में एनडीपीएस के दो या दो से अधिक मामले दर्ज हैं, उनकी संपत्तियों की जांच राजस्व विभाग और वित्तीय एजेंसियों की मदद से की जाएगी। नशा बेचकर जुटाई गई अवैध संपत्तियों, वाहनों, मकानों और बैंक खातों को एनडीपीएस कानून के प्रावधानों के तहत सीज (Freeze and Attach) करने की प्रक्रिया तेज की जाएगी। पुलिस का मानना है कि जब तक नशा तस्करों की आर्थिक रीढ़ नहीं तोड़ी जाएगी, तब तक इस अवैध कारोबार को जड़ से समाप्त करना संभव नहीं है।
संवेदनशील इलाकों की मैपिंग और स्पेशल एंटी-ड्रग सेल का गठन
नए एक्शन प्लान के तहत पुलिस ने चंडीगढ़ के विभिन्न सेक्टरों, कॉलोनियों और पेरिफेरल एरिया की क्राइम मैपिंग पूरी कर ली है। मनीमाजरा, बापूधाम कॉलोनी, मलोया, डड्डूमाजरा, धनास, मौली जागरां और हल्लोमाजरा जैसे घनी आबादी वाले इलाकों को 'हाई-रिस्क जोन' के रूप में चिन्हित किया गया है। इन इलाकों में सादी वर्दी में स्पेशल एंटी-ड्रग सेल के जवानों को तैनात किया जा रहा है।
इसके अलावा, शहर के सभी प्रमुख नाकों पर विशेष डॉग स्क्वॉड (स्निफर डॉग्स) और अत्याधुनिक स्कैनर तैनात किए जाएंगे। रात के समय विशेष सर्च ऑपरेशन चलाए जाएंगे। क्लबों और लाउंज में होने वाली पार्टियों में सिंथेटिक ड्रग्स और कोकीन जैसे नशीले पदार्थों की आपूर्ति रोकने के लिए एक्साइज विभाग के साथ संयुक्त छापेमारी दल तैयार किए गए हैं।
पंजाब-हरियाणा सीमाओं पर संयुक्त नाकाबंदी और रियल-टाइम डेटा शेयरिंग
चंडीगढ़ ट्राईसिटी (चंडीगढ़, मोहाली और पंचकूला) का केंद्र है, जिसके चलते नशा तस्कर पंजाब और हरियाणा की सीमाओं का फायदा उठाकर भागने में कामयाब हो जाते हैं। इसे रोकने के लिए चंडीगढ़ पुलिस ने पंजाब और हरियाणा पुलिस के साथ मिलकर 'ज्वाइंट बॉर्डर ग्रिड' तैयार किया है। तीनों राज्यों के पुलिस अधिकारियों का एक संयुक्त व्हाट्सएप और डिजिटल कंट्रोल नेटवर्क स्थापित किया गया है, जिसके जरिए संदिग्ध वाहनों और सक्रिय नशा तस्करों की रियल-टाइम जानकारी साझा की जाएगी। अंतरराज्यीय सीमाओं पर स्थित एंट्री और एग्जिट पॉइंट्स पर सीसीटीवी कैमरों की संख्या बढ़ाई जा रही है, जिनकी सीधी मॉनिटरिंग कंट्रोल रूम से होगी।
जनता से मांगी मदद: पहचान रहेगी पूरी तरह गुप्त, हेल्पलाइन नंबर जारी
पुलिस प्रशासन ने नशा मुक्त अभियान में आम जनता, रेजिडेंट वेलफेयर एसोसिएशनों (RWA) और युवाओं से भी आगे आने की अपील की है। पुलिस ने एक विशेष एंटी-ड्रग हेल्पलाइन नंबर और व्हाट्सएप पोर्टल सक्रिय किया है, जहां कोई भी नागरिक अपने आसपास होने वाली नशे की खरीद-फरोख्त की सूचना दे सकता है। पुलिस ने आश्वासन दिया है कि सूचना देने वाले व्यक्ति की पहचान पूरी तरह से गुप्त रखी जाएगी और सही जानकारी देने वालों को पुरस्कृत भी किया जाएगा। सख्त पुलिसिया कार्रवाई और जन-जागरूकता के इस दोतरफे मॉडल से चंडीगढ़ प्रशासन शहर को पूरी तरह नशामुक्त करने के मिशन में जुट गया है।