हांगकांग को 137 रन से रौंदकर सेमीफाइनल में पहुंचने के बाद स्मृति मंधाना और दीप्ति शर्मा पर दिल खोलकर बोलीं कप्तान हरमनप्रीत कौर

हांगकांग को 137 रन से रौंदकर सेमीफाइनल में पहुंचने के बाद स्मृति मंधाना और दीप्ति शर्मा पर दिल खोलकर बोलीं कप्तान हरमनप्रीत कौर

संयुक्त अरब अमीरात के दुबई इंटरनेशनल क्रिकेट स्टेडियम में खेले जा रहे विमेंस एशिया कप टी20 टूर्नामेंट में भारतीय महिला क्रिकेट टीम का अजेय और आक्रामक अभियान पूरे शबाब पर है। ग्रुप-ए के अपने महत्वपूर्ण मुकाबले में भारतीय टीम ने बल्ले और गेंद दोनों से ऐसा एकतरफा खेल दिखाया कि हांगकांग की टीम मैदान पर पूरी तरह बेबस नजर आई। भारतीय टीम ने पहले बल्लेबाजी करते हुए उपकप्तान स्मृति मंधाना के करिश्माई शतक के दम पर 20 ओवर में 5 विकेट खोकर 193 रनों का विशालकाय स्कोर खड़ा किया। इसके जवाब में हांगकांग की पूरी टीम भारतीय गेंदबाजों के सटीक और धारदार आक्रमण के आगे 16.2 ओवरों में महज 56 रनों पर ढेर हो गई।

इस 137 रनों की विशालकाय और रिकॉर्डतोड़ जीत के साथ ही भारत ने ग्रुप-ए की अंक तालिका में शीर्ष पर रहते हुए शान से सेमीफाइनल के लिए अपनी जगह पक्की कर ली है। मैच के बाद आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में भारतीय कप्तान हरमनप्रीत कौर बेहद संतुष्ट और खुश नजर आईं। उन्होंने साफ तौर पर कहा कि उनकी टीम इस मुकाबले से जो कुछ भी हासिल करने के इरादे से मैदान पर उतरी थी, उसे शत-प्रतिशत हासिल करने में कामयाब रही। उन्होंने टूर्नामेंट के इस अहम पड़ाव पर टीम के संयोजन, परिस्थितियों के अनुकूल ढलने और आगामी नॉकआउट मुकाबलों की तैयारियों पर खुलकर बात की।

'शुक्रगुजार हूं कि ये दोनों देश के लिए खेलती हैं': हरमनप्रीत ने बांधे स्मृति और दीप्ति की शान में कसीदे

जीत के बाद कप्तान हरमनप्रीत कौर का सबसे भावनात्मक और दिल छू लेने वाला बयान अपनी दो सबसे सीनियर और भरोसेमंद खिलाड़ियों—स्मृति मंधाना और ऑलराउंडर दीप्ति शर्मा को लेकर सामने आया। जब कप्तान से इन दोनों दिग्गजों के मैच-जिताऊ प्रदर्शन पर सवाल पूछा गया, तो हरमनप्रीत ने गर्व भरे लहजे में कहा, "एक कप्तान के तौर पर मैं इस बात के लिए दिल से शुक्रगुजार हूं कि ये दोनों खिलाड़ी मेरे देश (भारत) के लिए खेलती हैं। ऐसे विश्वस्तरीय खिलाड़ियों की कप्तानी करना और उन्हें मैदान पर लीड करना किसी भी कप्तान के लिए हमेशा एक बेहद शानदार और सम्मानजनक मौका होता है।"

स्मृति मंधाना की रिकॉर्डतोड़ पारी का जिक्र करते हुए हरमन ने कहा, "स्मृति जैसी बल्लेबाज को क्रीज पर इस तरह गेंदबाजों की बखिया उधेड़ते देखना और लगातार टीम के लिए जरूरी और मैच-विनिंग पारियां खेलते देखना अद्भुत सुकून देता है। वहीं दूसरी ओर, दीप्ति शर्मा हमारी टीम की वह खामोश योद्धा हैं जो जब भी टीम को जरूरत होती है, बैकग्राउंड में लगातार कड़ी मेहनत करती रहती हैं। मैच चाहे कोई भी हो, दीप्ति हमेशा मुश्किल ओवरों में जिम्मेदारी लेती हैं और उन्हें एक बार फिर अपनी फिरकी के जाल में फंसाकर जरूरी विकेट चटकाते देखना वाकई दिल को खुश कर देता है।"

स्मृति मंधाना का रौद्र रूप: 64 गेंदों में ठोके 124 रन, हांगकांग के गेंदबाजों पर टूटा कहर

मैच की असली कहानी बाएं हाथ की स्टार ओपनर स्मृति मंधाना के बल्ले से लिखी गई। टॉस जीतकर पहले बल्लेबाजी करने उतरी भारतीय टीम को मंधाना ने पहली ही गेंद से आक्रामक शुरुआत दी। उन्होंने मैदान के चारों तरफ दर्शनीय और ताकतवर शॉट्स की ऐसी नुमाइश पेश की जिसने दुबई के स्टेडियम में बैठे दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया। मंधाना ने महज 64 गेंदों का सामना करते हुए 14 चौकों और 7 गगनचुंबी छक्कों की मदद से 124 रनों की अविश्वसनीय और अपने टी20 करियर की सर्वश्रेष्ठ पारी खेली।

सलामी जोड़ीदार शेफाली वर्मा के साथ मिलकर मंधाना ने तेजी से रन बटोरे और पहले विकेट के लिए मजबूत नींव रखी। मंधाना की इस शतकीय पारी की खास बात यह रही कि उन्होंने स्पिन और तेज गेंदबाजी दोनों के खिलाफ कदमों का बेहतरीन इस्तेमाल किया। लॉन्ग-ऑन, डीप मिडविकेट और एक्स्ट्रा कवर के ऊपर से उनके लगाए गए छक्के यह साफ बता रहे थे कि वह इस वक्त अपने करियर के सबसे स्वर्णिम फॉर्म से गुजर रही हैं। मंधाना के इस तूफान की बदौलत भारत ने बोर्ड पर 193 रन टांग दिए, जिसने मैच का फैसला पहली पारी में ही लगभग तय कर दिया था।

दीप्ति शर्मा की अगुवाई में स्पिन का चक्रव्यूह: महज 56 रनों पर सिमट गई हांगकांग की पारी

194 रनों के पहाड़ जैसे लक्ष्य का पीछा करने उतरी हांगकांग की टीम के लिए भारतीय गेंदबाजी आक्रमण किसी बुरे सपने की तरह साबित हुआ। अनुभवी ऑफ-स्पिनर दीप्ति शर्मा ने पारी की शुरुआत में ही अपनी कसी हुई लाइन और लेंथ से विपक्षी बल्लेबाजों पर शिकंजा कस दिया। दीप्ति ने अपने स्पेल में मात्र 9 रन देकर 3 बड़े विकेट चटकाए और हांगकांग के शीर्ष क्रम की कमर तोड़ दी।

दीप्ति के साथ-साथ युवा गेंदबाजों ने भी इस मौके को दोनों हाथों से भुनाया। तेज गेंदबाज नंदिनी शर्मा ने घातक गेंदबाजी करते हुए 6 रन देकर 2 विकेट अपने नाम किए। वहीं लेग स्पिनर प्रेमा रावत ने 12 रन देकर 2 और बाएं हाथ की स्पिनर श्री चरणी ने 16 रन देकर 2 विकेट झटके। भारतीय स्पिन और गति की चौकड़ी के सामने हांगकांग की कोई भी बल्लेबाज टिककर नहीं खेल सकी और पूरी टीम 16.2 ओवर में मात्र 56 रनों पर सिमट गई। भारत की ओर से फील्डिंग में भी जबर्दस्त चुस्ती देखने को मिली, जहां खिलाड़ियों ने एक-एक रन के लिए डाइव लगाकर हांगकांग पर दबाव बनाए रखा।

मध्यक्रम की विफलता पर बोलीं कप्तान: 'इसीलिए पहले की थी बल्लेबाजी, प्लेइंग XI काफी हद तक तय'

मैच के दौरान एक समय ऐसा आया जब स्मृति मंधाना के अलावा भारत का मध्यक्रम उम्मीद के मुताबिक तेजी से रन नहीं बना सका। जब पत्रकारों ने कप्तान हरमनप्रीत से मध्यक्रम के सस्ते में निपटने को लेकर सवाल किया, तो उन्होंने बेहद सकारात्मक दृष्टिकोण पेश किया। हरमनप्रीत ने कहा, "मैं हमेशा सकारात्मक पहलुओं से शुरुआत करना पसंद करूंगी। स्मृति और शेफाली ने शुरुआत में बहुत शानदार बल्लेबाजी की। जहां तक मध्यक्रम की बात है, तो हां, इसी वजह से हमने टॉस जीतकर पहले बल्लेबाजी करने का फैसला किया था ताकि नॉकआउट मैचों से पहले हमारे मध्यक्रम को भी बीच में जाकर परिस्थितियों के अभ्यस्त होने का मौका मिले। हमारा मुख्य लक्ष्य पिच पर समय बिताना और यूएई की इन पिचों के मिजाज को अच्छी तरह समझना था।"

कप्तान ने आगे स्पष्ट किया कि टीम की कुल योजना में कोई कमी नहीं थी। उन्होंने कहा, "फिर भी हम एक टीम के रूप में जो लक्ष्य लेकर उतरे थे, उसे पूरा करने में सफल रहे। हमारा इरादा बोर्ड पर लगभग 200 रन लगाने का था और हम 193 तक पहुंच गए। इसके बाद हमारे गेंदबाजों ने बाकी का काम बखूबी पूरा कर दिया।"

आगामी मैचों के लिए टीम संयोजन पर बात करते हुए हरमनप्रीत ने कहा, "मुझे लगता है कि हमारी प्लेइंग इलेवन काफी हद तक तय हो चुकी है। हमारे पास इस बारे में मंथन करने के लिए अभी एक दिन का समय और बचा है कि क्या हम परिस्थितियों के आधार पर कोई छोटा बदलाव करना चाहते हैं या किसी अन्य खिलाड़ी को जिम्मेदारी देना चाहते हैं। लेकिन अगर मोटे तौर पर देखें तो हमारी मुख्य टीम पूरी तरह संतुलित और तैयार है।"

5 सितंबर को पाकिस्तान से महामुकाबला: लीग स्टेज के सबसे बड़े मैच पर टिकीं निगाहें

हांगकांग पर मिली इस ऐतिहासिक और मनोबल बढ़ाने वाली जीत के बाद अब भारतीय महिला क्रिकेट टीम का पूरा ध्यान शनिवार, 5 सितंबर को होने वाले सबसे बड़े महामुकाबले पर टिक गया है। भारत का सामना अपने चिर-प्रतिद्वंद्वी पाकिस्तान से होगा। लीग स्टेज का यह अंतिम मैच दोनों देशों के खेल प्रेमियों के लिए सबसे बड़ा आकर्षण बना हुआ है।

हरमनप्रीत कौर की ब्रिगेड इस वक्त जिस लय, आक्रामकता और आत्मविश्वास के साथ खेल रही है, उसे देखते हुए टीम इंडिया का पलड़ा बेहद भारी नजर आ रहा है। स्मृति मंधाना की विस्फोटक बल्लेबाजी, दीप्ति शर्मा का सटीक ऑलराउंड खेल और गेंदबाजी में युवा सितारों की भूख ने भारत को टूर्नामेंट की सबसे मजबूत और खिताबी दावेदार टीम बना दिया है। टीम इंडिया की कोशिश होगी कि वह 5 सितंबर को पाकिस्तान के खिलाफ भी इसी तरह का एकतरफा और दबदबे वाला प्रदर्शन दोहराकर पूरे अंक हासिल करे और अजेय रहते हुए सेमीफाइनल के रण में हुंकार भरे।

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