ऋषभ पंत का WTC में प्रचंड इतिहास: 2885 रन, 80 छक्के और 6 शतकों के साथ बने ऐसा कारनामा करने वाले पहले भारतीय बल्लेबाज
भारतीय क्रिकेट टीम के आक्रामक और भरोसेमंद विकेटकीपर-बल्लेबाज ऋषभ पंत ने विश्व टेस्ट चैंपियनशिप (WTC) के इतिहास में एक ऐसा प्रचंड रिकॉर्ड अपने नाम कर लिया है, जिसने पूरी क्रिकेट दुनिया का ध्यान अपनी ओर खींच लिया है। अपनी विध्वंसक बल्लेबाजी और दबाव की स्थितियों में भी निडर होकर खेलने के अंदाज के लिए मशहूर पंत ने WTC के मंच पर रनों का अंबार लगाते हुए एक नया मील का पत्थर स्थापित किया है। इस मुकाम को हासिल करने वाले वे भारत के इकलौते और पहले बल्लेबाज बन गए हैं, जिससे देश भर के क्रिकेट प्रेमियों में जश्न का माहौल है।
WTC के इतिहास में 2885 रनों का ऐतिहासिक मुकाम
वर्ल्ड टेस्ट चैंपियनशिप के इतिहास में ऋषभ पंत ने अपने बल्ले का जौहर दिखाते हुए कुल 2885 रन बना लिए हैं। टेस्ट क्रिकेट के इस सबसे कठिन और लंबे फॉर्मेट में निरंतरता बनाए रखना किसी भी खिलाड़ी के लिए आसान नहीं होता, लेकिन पंत ने अपनी शानदार तकनीक और ताबड़तोड़ बल्लेबाजी के दम पर यह असंभव सा दिखने वाला आंकड़ा पार कर दिखाया है। WTC में भारत की ओर से सबसे ज्यादा रन बनाने और टीम को मुश्किल परिस्थितियों से उबारने के मामले में उन्होंने अपना एक अलग ही रुतबा कायम किया है। उनकी यह उपलब्धि इस बात का प्रमाण है कि आधुनिक टेस्ट क्रिकेट में आक्रामक शैली अपनाकर भी लंबी और टिकाऊ पारियां खेली जा सकती हैं।
80 छक्कों और 6 शतकों के साथ बल्ले से मचाया कोहराम
पंत की पहचान मैदान के चारों तरफ बड़े शॉट खेलने वाले बल्लेबाज के रूप में रही है और उन्होंने WTC के मुकाबलों में इस बात को पूरी तरह से साबित भी किया है। विश्व टेस्ट चैंपियनशिप के अंतर्गत खेलते हुए उन्होंने अपने नाम कुल 80 गगनचुंबी छक्के दर्ज कर लिए हैं। इसके साथ ही, उनके बल्ले से इस टूर्नामेंट में कुल 6 शानदार शतक भी निकले हैं, जो उनकी मैच विग्रिंग पारियों की गवाही देते हैं। विदेशी धरती की तेज और उछाल भरी पिचें हों या भारतीय उपमहाद्वीप की टर्निंग ट्रैक, पंत ने हर जगह अपनी बल्लेबाजी का लोहा मनवाया है और विरोधी गेंदबाजों के आक्रमण की धज्जियां उड़ाई हैं।
भारतीय क्रिकेट के लिए नया और सुनहरा मील का पत्थर
ऋषभ पंत का यह रिकॉर्ड भारतीय क्रिकेट इतिहास के पन्नों में हमेशा के लिए स्वर्ण अक्षरों में दर्ज हो चुका है। जिस तरह से उन्होंने टेस्ट क्रिकेट में अपनी एक अलग पहचान बनाई है, उससे युवा खिलाड़ियों को प्रेरणा मिलती है। जब भी टीम इंडिया संकट में फंसी होती है, ऋषभ पंत का बल्ला ढाल बनकर सामने आता है। उनके इस रिकॉर्ड के बाद क्रिकेट दिग्गजों और विशेषज्ञों का मानना है कि आने वाले समय में वह इस फॉर्मेट में कई और ऐतिहासिक रिकॉर्ड अपने नाम करेंगे। उनका यह प्रचंड फॉर्म भारतीय टीम के लिए आने वाली श्रृंखलाओं में बेहद फायदेमंद साबित होने वाला है।