लॉर्ड्स में हार के बाद छलका रोहित शर्मा का दर्द, संन्यास की अटकलों और 'शोर' पर दिया करारा जवाब

लॉर्ड्स में हार के बाद छलका रोहित शर्मा का दर्द, संन्यास की अटकलों और 'शोर' पर दिया करारा जवाब

लॉर्ड्स के ऐतिहासिक मैदान पर इंग्लैंड के खिलाफ तीसरे वनडे में 138 रनों की जुझारू शतकीय पारी खेलने के बावजूद भारतीय टीम को 27 रनों से हार का सामना करना पड़ा। इस हार के बाद दिग्गज सलामी बल्लेबाज रोहित शर्मा का दर्द छलका। मैच के बाद 'बीसीसीआई डॉट टीवी' (BCCI.tv) से बातचीत करते हुए रोहित शर्मा ने 388 रनों के विशाल लक्ष्य का पीछा करने, युवा गेंदबाजों के प्रदर्शन, विराट कोहली के साथ साझेदारी और अपने संन्यास से जुड़े 'शोर' पर खुलकर बात की।

"लक्ष्य बहुत बड़ा था, आखिर में 20-25 रन कम पड़ गए"

388 रनों के पहाड़ जैसे लक्ष्य का पीछा करने उतरी भारतीय टीम के लिए रोहित शर्मा (138) और कप्तान शुभमन गिल (77) ने 147 रनों की बेहतरीन शुरुआत दी थी। इसके बाद रोहित ने विराट कोहली (74) के साथ 113 रनों की एक और शतकीय साझेदारी की।

मैच के बारे में बात करते हुए रोहित ने कहा:

"नतीजे से निराशा जरूर है। बर्मिंघम में जीत के साथ हमने शानदार शुरुआत की थी, लेकिन कार्डिफ में हम बल्ले से कम रह गए। लॉर्ड्स में लक्ष्य काफी बड़ा था, हमने पूरी कोशिश की लेकिन आखिर में 20-25 रन कम पड़ गए। हमारे तेज गेंदबाजों के पास अनुभव की कमी थी, लेकिन उन्हें समय देना होगा।"

विराट कोहली के साथ केमिस्ट्री और आपसी समझ पर क्या बोले रोहित?

विराट कोहली के साथ अपनी शतकीय साझेदारी और 400 अंतर्राष्ट्रीय मुकाबले साथ खेलने के ऐतिहासिक रिकॉर्ड पर रोहित ने कहा:

"मैं और विराट लगभग अपना पूरा करियर साथ खेले हैं। उनके साथ बल्लेबाजी करना हमेशा खास होता है। हमने कई मैच जिताऊ साझेदारियां की हैं। हम एक-दूसरे के खेल को बहुत अच्छी तरह समझते हैं और लगातार विचार साझा करते रहते हैं।"

'शोर' और संन्यास की अटकलों पर हिटमैन का बेबाक जवाब

39 वर्षीय रोहित शर्मा वनडे में भारत के लिए शतक जड़ने वाले सबसे उम्रदराज खिलाड़ी बन गए हैं। अपने करियर और भविष्य को लेकर चल रही चर्चाओं पर उन्होंने कहा:

  • डेब्यू से सुनता आ रहा हूँ: "जब से मैंने 2007 में अंतर्राष्ट्रीय क्रिकेट में कदम रखा था, तब से इस तरह का शोर सुनता आ रहा हूँ। जब तक खेलूँगा, यह चलता रहेगा। इससे मुझे कोई फर्क नहीं पड़ता।"

  • काम मैदान के भीतर है: "मेरा काम बल्ले से रन बनाना और देश का प्रतिनिधित्व करना है। शोर रहने दीजिए, अगर शोर नहीं होगा तो खेलने में मज़ा ही क्या आएगा? बाहर लोग क्या कह रहे हैं, यह उनका काम है; मेरा काम मैदान पर योगदान देना है।"

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