₹1 लाख रुपये पाने के लिए पहले देना होगा ₹7,500 टैक्स! जानें रिजर्व बैंक (RBI) के नाम पर वायरल इस मैसेज का पूरा सच
नई दिल्ली: अगर आपके पास भी भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) के नाम से कोई संदिग्ध लेटर, व्हाट्सएप मैसेज या ईमेल आया है, जिसमें दावा किया गया है कि आपको ₹1 लाख रुपये मिलने वाले हैं, लेकिन इसके लिए पहले ₹7,500 का टैक्स जमा करना होगा—तो तुरंत सावधान हो जाइए! यह आपको वित्तीय चपत लगाने का एक नया और बेहद शातिर साइबर फ्रॉड (Cyber Fraud) है। सरकार की आधिकारिक फैक्ट चेक एजेंसी पीआईबी फैक्ट चेक (PIB Fact Check) ने इस वायरल हो रहे लेटर की जांच कर इसे पूरी तरह फर्जी और नकली करार दिया है।
क्या लिखा है इस फर्जी लेटर में?
इन दिनों विभिन्न सोशल मीडिया और मैसेजिंग प्लेटफॉर्म्स पर भारतीय रिजर्व बैंक के लोगो ($Logo$) और फर्जी हस्ताक्षरों वाला एक पत्र तेजी से शेयर किया जा रहा है। इस पत्र में लिखा गया है:
"आपके खाते में ₹1,00,000 ट्रांसफर किए जा रहे थे, लेकिन तकनीकी खराबी या ट्रांजैक्शन फेल होने के कारण यह पेमेंट होल्ड पर चला गया है। इस राशि को रिलीज कराने के लिए आपको ₹7,500 'रिफंडेबल टैक्स' (Refundable Tax) के रूप में तुरंत जमा करने होंगे। जैसे ही आप यह टैक्स चुकाएंगे, अगले 10 मिनट के भीतर ₹1,06,800 (टैक्स राशि जोड़कर) आपके बैंक खाते में क्रेडिट कर दिए जाएंगे।"
इस जालसाजी को सच दिखाने के लिए ठगों द्वारा लेटर में कुछ अज्ञात बैंक खातों की जानकारी भी दी जाती है और उपभोक्ताओं पर 'सीमित समय' का हवाला देकर तुरंत पैसे ट्रांसफर करने का मनोवैज्ञानिक दबाव बनाया जाता है।
PIB और RBI ने साफ किया रुख: भूलकर भी न करें ये गलती
पीआईबी की फैक्ट चेक टीम ने आधिकारिक तौर पर स्पष्ट किया है कि केंद्रीय बैंक (RBI) कभी भी आम जनता को इस तरह के पत्र नहीं लिखता। आरबीआई के नियमों के अनुसार:
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आरबीआई कोई कमर्शियल बैंक नहीं है: रिजर्व बैंक किसी भी आम नागरिक या व्यक्ति विशेष के नाम पर कोई बैंक खाता संचालित नहीं करता है।
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लॉटरी या विदेशी फंड का झांसा: केंद्रीय बैंक कभी भी किसी प्रकार की लॉटरी, पुरस्कार, विदेशी मुद्रा (Foreign Fund) या किसी सरकारी योजना के पेमेंट को जारी करने के एवज में फोन, एसएमएस, ईमेल या लेटर भेजकर अग्रिम पैसे या टैक्स की मांग नहीं करता है।
साइबर ठगी (Cyber Crime) के इस जाल से कैसे बचें?
डिजिटल दौर में अपनी मेहनत की कमाई को सुरक्षित रखने के लिए इन जरूरी बातों को हमेशा गांठ बांध लें:
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संदिग्ध मैसेज पर भरोसा न करें: केंद्रीय बैंक या किसी भी प्रतिष्ठित वित्तीय संस्थान के नाम पर पैसे की मांग करने वाले किसी भी मैसेज या ईमेल को तुरंत ब्लॉक और डिलीट करें।
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अनजान खातों में न भेजें रकम: किसी भी अज्ञात व्यक्ति या लेटर में दिए गए रैंडम बैंक खातों में कभी भी धनराशि ट्रांसफर न करें।
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आधिकारिक स्रोतों से करें पुष्टि: किसी भी वित्तीय योजना या दावे की सत्यता जांचने के लिए केवल आरबीआई की आधिकारिक वेबसाइट www.rbi.org.in पर दी गई जानकारी पर ही भरोसा करें।
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अपनी गोपनीय जानकारी रखें सुरक्षित: किसी भी अनजान लिंक पर क्लिक न करें और न ही अपना बैंक अकाउंट नंबर, एटीएम पिन, यूपीआई पिन या आधार/पैन कार्ड जैसे व्यक्तिगत विवरण साझा करें।
यहां दर्ज कराएं शिकायत: यदि आपके पास ऐसा कोई फर्जी संदेश आया है या आप अनजाने में ऐसी किसी ठगी का शिकार हो चुके हैं, तो बिना देर किए भारत सरकार के राष्ट्रीय साइबर अपराध रिपोर्टिंग पोर्टल (www.cybercrime.gov.in) पर अपनी शिकायत दर्ज कराएं या नजदीकी पुलिस स्टेशन के साइबर सेल से संपर्क करें।