यूपी में 3 दिवसीय महा-पदयात्रा शुरू; लखनऊ में शिवराज तो बरेली में जेपी नड्डा ने संभाला मोर्चा

यूपी में 3 दिवसीय महा-पदयात्रा शुरू; लखनऊ में शिवराज तो बरेली में जेपी नड्डा ने संभाला मोर्चा

उत्तर प्रदेश में साल 2027 के विधानसभा चुनाव से पहले राजनीतिक सरगर्मियां अपने चरम पर पहुंच गई हैं। विपक्ष की कथित देश विरोधी राजनीति, सत्ता परिवर्तन (रिजीम चेंज) के हिंसक प्रयासों और संवैधानिक संस्थाओं पर हमलों को मुद्दा बनाते हुए भारतीय जनता पार्टी ने पूरे राज्य में 'लोकतंत्र बचाओ-अराजकता हटाओ' अभियान का शंखनाद कर दिया है। 3 नवंबर से 5 नवंबर तक चलने वाली इस तीन दिवसीय राष्ट्रव्यापी व राज्यव्यापी पदयात्रा के जरिए भाजपा उत्तर प्रदेश के सभी 6 संगठनात्मक क्षेत्रों में जनता के बीच उतर रही है। पार्टी का सीधा आरोप है कि चुनावी हार से हताश होकर विपक्षी दल विदेशी ताकतों और अराजक तत्वों के इशारे पर लोकतांत्रिक प्रक्रियाओं को पटरी से उतारने और निर्वाचन आयोग जैसी स्वायत्त संस्थाओं की साख पर सवाल खड़े करने का खतरनाक खेल खेल रहे हैं। इस जन-आंदोलन के जरिए भाजपा का लक्ष्य न केवल विपक्ष के 'रिजीम चेंज' नैरेटिव की पोल खोलना है, बल्कि जमीनी स्तर पर मतदाताओं को जागरूक कर 2027 के लिए संगठन का अभेद्य किला तैयार करना है।

अवध क्षेत्र: लखनऊ में लोकभवन से केडी सिंह बाबू स्टेडियम तक शिवराज सिंह चौहान की अगुवाई

अभियान के पहले दिन अवध संगठनात्मक क्षेत्र के तहत राजधानी लखनऊ में एक विशाल पदयात्रा का आयोजन किया गया है, जिसकी कमान केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान के हाथों में है। पार्टी के रणनीतिकारों के अनुसार, यह पदयात्रा हजरतगंज स्थित लोकभवन के सामने से शुरू होकर प्रमुख बाजारों और चौराहों से गुजरते हुए केडी सिंह बाबू स्टेडियम तक पहुंच रही है। इस आयोजन में करीब 40 हजार कार्यकर्ताओं, व्यापारियों, अधिवक्ताओं, डॉक्टरों, शिक्षकों और सामाजिक संगठनों के प्रतिनिधियों की भागीदारी का दावा किया गया है। लखनऊ में विशाल जनसमूह के जुटने के कारण सुबह से ही हजरतगंज, समतामूलक, गोल्फ क्लब, 1090 चौराहा और बंदरियाबाग की ओर जाने वाले प्रमुख मार्गों पर व्यापक ट्रैफिक डायवर्जन लागू किया गया है। शिवराज सिंह चौहान के साथ पार्टी के कई वरिष्ठ विधायक और संगठन के पदाधिकारी पैदल मार्च करते हुए विपक्ष की नकारात्मक राजनीति के खिलाफ जनसमर्थन जुटा रहे हैं।

रुहेलखंड क्षेत्र: बरेली में केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा, केशव मौर्य और जयंत चौधरी ने भरा हुंकार

वहीं दूसरी तरफ, पश्चिमी उत्तर प्रदेश और रुहेलखंड क्षेत्र के केंद्र बरेली में भाजपा के राष्ट्रीय स्तर के वरिष्ठ नेता और केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जेपी नड्डा ने पदयात्रा का मोर्चा संभाला है। बरेली के मंच पर जेपी नड्डा के साथ उत्तर प्रदेश के उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य और राष्ट्रीय लोकदल (रालोद) प्रमुख व केंद्रीय मंत्री जयंत चौधरी भी एकजुट नजर आए, जिससे यह साफ संदेश गया कि एनडीए गठबंधन विपक्ष की साजिशों के खिलाफ पूरी एकजुटता से सड़क पर खड़ा है। बरेली में व्यापारियों, युवाओं और किसानों के विशाल जत्थे को संबोधित करते हुए नेताओं ने स्पष्ट किया कि भारत का लोकतंत्र विश्व का सबसे परिपक्व लोकतंत्र है और किसी भी असामाजिक तत्व या विदेशी एजेंडे के दम पर चुनी हुई सरकारों को अस्थिर करने की छूट नहीं दी जाएगी।

गोरखपुर में कल नितिन नबीन और सीएम योगी, प्रयागराज-कानपुर में डिप्टी सीएम संभालेंगे मोर्चा

भाजपा का यह जनसंपर्क अभियान अगले दो दिनों तक राज्य के अन्य प्रमुख शहरों में और तेज होने जा रहा है। तय कार्यक्रम के मुताबिक, 4 नवंबर को गोरखपुर में पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नबीन, मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और प्रदेश भाजपा अध्यक्ष पंकज चौधरी के संयुक्त नेतृत्व में 'लोकतंत्र बचाओ' पदयात्रा निकाली जाएगी। इसी दिन प्रयागराज में उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य और औद्योगिक नगरी कानपुर में उपमुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक की अगुवाई में हजारों कार्यकर्ता सड़कों पर उतरेंगे। वहीं, 5 नवंबर को पश्चिमी उत्तर प्रदेश के गाजियाबाद में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ खुद इस अभियान का नेतृत्व करेंगे, जहां वे सीधे तौर पर जनता के बीच जाकर विपक्ष के सत्ता परिवर्तन के मंसूबों का कच्चा चिट्ठा खोलेंगे।

2027 चुनाव की जमीन और मतदाता सूची के विशेष पुनरीक्षण (SIR) का खुला बचाव

इस पदयात्रा के पीछे एक गहरा रणनीतिक और चुनावी मकसद भी छिपा हुआ है। हाल के दिनों में विपक्षी दलों और इंडिया गठबंधन ने निर्वाचन आयोग द्वारा चलाए जा रहे मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) अभियान पर पक्षपात के आरोप लगाए थे और चुनाव आयोग के दफ्तरों का घेराव किया था। भाजपा इस पदयात्रा के जरिए जनता को यह समझा रही है कि फर्जी और दोहरे वोटों को हटाकर मतदाता सूची को शुद्ध करना संविधान सम्मत प्रक्रिया है, जिसका विरोध कर विपक्ष अपने चुनावी फायदे के लिए अराजकता फैला रहा है। इसके साथ ही, पार्टी प्रत्येक 50 परिवारों पर एक कार्यकर्ता तैनात करने और प्रदेश के 1,918 मंडलों में बूथ स्तर के तंत्र को सक्रिय कर मिशन-2027 के लिए अभी से निर्णायक बढ़त बनाने में जुट गई है।