अपने ही बेटे से क्यों डरे सलीम वास्तिक? 'जेहादी ग्रुप' से जुड़ने का जताया गहरा शक, जानिए क्या है पूरा मामला
सोशल मीडिया और यूट्यूब पर इस्लामिक विषयों और समकालीन सामाजिक मुद्दों पर खुलकर अपने विचार रखने वाले जाने-माने इन्फ्लुएंसर सलीम वास्तिक इस वक्त एक बेहद चौंकाने वाले और संवेदनशील पारिवारिक संकट से घिर गए हैं। हमेशा बेबाकी से अपनी राय रखने वाले सलीम वास्तिक ने इस बार किसी बाहरी विरोधी या कट्टरपंथी समूह पर नहीं, बल्कि अपने ही सगे बेटे पर गंभीर आरोप लगाते हुए सुरक्षा की चिंता व्यक्त की है। सलीम वास्तिक का कहना है कि उनके बेटे के आचरण, बातचीत और सोच में पिछले कुछ समय से अप्रत्याशित और खतरनाक बदलाव देखने को मिल रहा है। पिता ने आशंका जाहिर की है कि उनका बेटा इंटरनेट पर सक्रिय कुछ गुप्त और कट्टरपंथी जेहादी विचारधारा वाले नेटवर्क्स के संपर्क में आ चुका है, जिसके चलते उन्हें अपने ही घर के भीतर अनहोनी का डर सताने लगा है।
अचानक कैसे बदली बेटे की सोच और दिनचर्या?
सलीम वास्तिक ने अपने एक वीडियो और सार्वजनिक बयानों में इस पूरे घटनाक्रम की पृष्ठभूमि साझा करते हुए बताया कि उनका बेटा पहले एक सामान्य और जिम्मेदार युवा की तरह जीवन जी रहा था। हालांकि, बीते कुछ महीनों से उसके हाव-भाव, बातचीत का तरीका और सामाजिक दायरा पूरी तरह बदल गया। पिता के मुताबिक, बेटा घंटों अकेले बंद कमरे में मोबाइल और इंटरनेट पर संदिग्ध सामग्री देखता रहता था और परिवार के अन्य सदस्यों से दूरी बनाने लगा था। जब भी घर में किसी सामाजिक या धार्मिक मुद्दे पर सामान्य चर्चा होती, तो वह बेहद आक्रामक और चरमपंथी तर्क पेश करने लगता था। सलीम वास्तिक ने यह भी रेखांकित किया कि उनके बेटे ने उन लोगों और विचारों का खुलकर समर्थन करना शुरू कर दिया, जो खुले तौर पर समाज में नफरत, हिंसा और विभाजन फैलाने के लिए जाने जाते हैं।
'जेहादी गुटों' के ऑनलाइन जाल में फंसने का जताया गहरा अंदेशा
सलीम वास्तिक का मानना है कि सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स जैसे टेलीग्राम, इंस्टाग्राम और कुछ अज्ञात चैट ग्रुप्स के जरिए युवाओं का ब्रेनवॉश करने वाला एक संगठित नेटवर्क काम कर रहा है। उन्होंने अंदेशा जताया कि उनके बेटे को भी ऐसे ही किसी ऑनलाइन जेहादी गिरोह ने मानसिक रूप से अपने शिकंजे में ले लिया है। सलीम ने कहा कि जो युवा अपने घर और परिवार से कटने लगते हैं, वे बहुत आसानी से इस तरह के रेडिकलाइजेशन (कट्टरपंथ) का शिकार बन जाते हैं। पिता ने बताया कि जब उन्होंने बेटे को समझाने और उसकी इंटरनेट गतिविधियों पर सवाल उठाने की कोशिश की, तो उसने शांत होने के बजाय सीधे टकराव का रास्ता चुन लिया। बेटे के तल्ख तेवर और आंखों में दिखने वाले गुस्से ने पिता को यह सोचने पर मजबूर कर दिया कि स्थिति अब हाथ से निकल चुकी है।
परिवार को सता रहा जान का खतरा, सुरक्षा की उठाई मांग
अपने ही खून से ऐसा खौफ पैदा होना किसी भी माता-पिता के लिए सबसे दर्दनाक अनुभव होता है। सलीम वास्तिक ने साफ शब्दों में कहा कि उन्हें और उनके परिवार को अपनी सुरक्षा की गंभीर चिंता है। उन्होंने बताया कि जिस तरह से कट्टरपंथी ताकतों द्वारा उनके विचारों को लेकर पहले से ही उन्हें निशाना बनाया जाता रहा है, ऐसे में अगर घर के भीतर से ही कोई सदस्य चरमपंथ के प्रभाव में आ जाए, तो यह किसी बड़े खतरे की घंटी है। सलीम वास्तिक ने स्थानीय प्रशासन और पुलिस से मामले का संज्ञान लेने और निष्पक्ष जांच कराने की अपील की है, ताकि यह स्पष्ट हो सके कि बेटे के पीछे कौन से तत्व काम कर रहे हैं और उसे किस तरह की सामग्री या फंडिंग के जरिए बरगलाया जा रहा है।
युवाओं में बढ़ते ऑनलाइन कट्टरपंथ पर समाज के लिए चेतावनी
सलीम वास्तिक का यह मामला केवल एक परिवार की त्रासदी नहीं है, बल्कि यह आज के डिजिटल युग में फल-फूल रहे ऑनलाइन रेडिकलाइजेशन की तरफ एक बड़ा इशारा है। विशेषज्ञों का कहना है कि इंटरनेट के बंद कमरों में युवाओं को भड़काने और उन्हें मुख्यधारा से अलग कर हिंसक विचारधारा की तरफ धकेलने वाले गिरोह बेहद सक्रिय हैं। सलीम वास्तिक ने अन्य सभी माता-पिता से भी भावुक अपील की कि वे अपने बच्चों की ऑनलाइन गतिविधियों, उनके बदलते व्यवहार और नए संपर्कों पर पैनी नजर रखें। एक पिता के रूप में सलीम वास्तिक का यह दर्दनाक खुलासा यह साबित करता है कि जब कट्टरपंथ की हवा चलती है, तो वह सबसे पहले घर के रिश्तों और संवेदनाओं को ही अपनी चपेट में ले लेती है।