जालंधर कैंट में AAP ने चला बड़ा दांव, पंजाब कांग्रेस प्रधान परगट सिंह के मजबूत गढ़ में दीपक बाली को बनाया नया हलका इंचार्ज
पंजाब के दोआबा क्षेत्र की सबसे हाई-प्रोफाइल सीटों में शुमार जालंधर कैंट विधानसभा हलके में आम आदमी पार्टी (AAP) ने एक बड़ा सांगठनिक फेरबदल करते हुए राजनीतिक तापमान बढ़ा दिया है। पार्टी आलाकमान ने जालंधर कैंट से राजविंदर कौर थियाड़ा को हटाकर पार्टी के वरिष्ठ नेता और प्रख्यात सांस्कृतिक हस्ती दीपक बाली को नया हलका इंचार्ज नियुक्त किया है। यह बदलाव इसलिए बेहद खास माना जा रहा है क्योंकि जालंधर कैंट सीट पंजाब कांग्रेस के नवनियुक्त प्रदेश अध्यक्ष और पूर्व हॉकी कप्तान परगट सिंह का परंपरागत और मजबूत सियासी गढ़ रही है। परगट सिंह के पंजाब प्रदेश कांग्रेस कमेटी (PPCC) का अध्यक्ष बनने के बाद से ही जालंधर कैंट सीट पूरे राज्य की सबसे चर्चित वीआईपी सीटों में तब्दील हो चुकी है। ऐसे में सत्तारूढ़ आम आदमी पार्टी द्वारा सीधे परगट सिंह के प्रभाव क्षेत्र में दीपक बाली जैसे सक्रिय, प्रभावशाली और व्यापक जनसंपर्क रखने वाले चेहरे को कमान सौंपना यह साफ दर्शाता है कि पार्टी आगामी विधानसभा चुनावों के मद्देनजर इस सीट पर सीधा और आक्रामक मुकाबला खड़ा करने की रणनीति बना चुकी है।
राजविंदर कौर थियाड़ा की जगह दीपक बाली को क्यों मिली कमान?
जालंधर कैंट में हलका इंचार्ज बदलने को लेकर पिछले काफी समय से राजनीतिक गलियारों में कयास लगाए जा रहे थे। 2022 के विधानसभा चुनावों में इस सीट पर पूर्व ओलंपियन सुरिंदर सिंह सोढ़ी ने आम आदमी पार्टी के चुनाव चिन्ह पर ताल ठोंकी थी, जिसके बाद संगठन की कमान राजविंदर कौर थियाड़ा के हाथों में सौंपी गई थी। हालांकि, जमीनी स्तर पर कार्यकर्ताओं के बीच तालमेल, सांगठनिक सक्रियता और कांग्रेस के मजबूत स्थानीय नेटवर्क को टक्कर देने के मामले में पार्टी को एक मजबूत, सर्वमान्य और आक्रामक चेहरे की दरकार महसूस हो रही थी। दीपक बाली न केवल जालंधर और दोआबा के सामाजिक व व्यापारिक हलकों में गहरी पकड़ रखते हैं, बल्कि वह लंबे समय से आम आदमी पार्टी के प्रमुख मंचों और दोआबा क्षेत्र में पार्टी के संगठन विस्तार में निरंतर सक्रिय भूमिका निभाते रहे हैं। हाल के दिनों में दोआबा में आयोजित बड़े सांस्कृतिक व सामाजिक कार्यक्रमों के सफल समन्वय के बाद पार्टी नेतृत्व ने उन पर यह बड़ा दांव खेलकर स्थानीय कैडर में नया जोश भरने का फैसला किया है।
2027 के महामुकाबले की बिसात: क्या दीपक बाली होंगे AAP के विधानसभा उम्मीदवार?
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि पंजाब की राजनीति में 'हलका इंचार्ज' की कुर्सी सीधे तौर पर चुनावी टिकट की सबसे मजबूत दावेदारी की ओर इशारा करती है। हालांकि पार्टी की ओर से अधिकृत प्रत्याशी की घोषणा चुनाव के समय ही की जाएगी, लेकिन दीपक बाली की नियुक्ति ने यह लगभग स्पष्ट कर दिया है कि वे जालंधर कैंट से 2027 के चुनावी रण में परगट सिंह के खिलाफ मुख्य रणनीतिकार और संभावित चेहरा होंगे। परगट सिंह इस सीट से लगातार जीतते आ रहे हैं और कांग्रेस के शीर्ष नेतृत्व में उनकी पदोन्नति के बाद उनका सियासी कद काफी बढ़ चुका है। इस कारण आम आदमी पार्टी जालंधर कैंट को किसी भी हाल में 'वॉकओवर' के रूप में नहीं छोड़ना चाहती थी। दीपक बाली के मैदान में उतरने से जालंधर कैंट का सियासी समीकरण अब पूरी तरह से त्रिकोणीय और बेहद कड़ा होने की उम्मीद जताई जा रही है, जिसमें अकाली दल और भाजपा की रणनीतियों पर भी इसका सीधा असर पड़ेगा।
जालंधर जिले में संगठनात्मक फेरबदल की तेज रफ्तार, कैडर को एक्टिव करने की कवायद
दीपक बाली की यह नियुक्ति जालंधर जिले में आम आदमी पार्टी के व्यापक सांगठनिक पुनर्गठन का एक महत्वपूर्ण हिस्सा है। इससे पहले जालंधर नॉर्थ विधानसभा हलके में भी पार्टी ने बड़ा फेरबदल करते हुए दिनेश ढल्ल की जगह जालंधर के मेयर विनीत धीर को महत्वपूर्ण सांगठनिक जिम्मेदारी सौंपी थी। कैंट और नॉर्थ हलकों में एक के बाद एक हुए इन सांगठनिक बदलावों से स्पष्ट है कि पार्टी शीर्ष नेतृत्व उन क्षेत्रों पर खास ध्यान केंद्रित कर रहा है जहां पिछले चुनावों में विरोधी दल भारी पड़े थे। दीपक बाली ने हलका इंचार्ज की जिम्मेदारी मिलने के बाद पार्टी के शीर्ष नेतृत्व, मुख्यमंत्री भगवंत मान और राष्ट्रीय संयोजक का आभार जताते हुए कहा कि वे कैंट हलके के हर वार्ड, गांव और बूथ स्तर तक पार्टी की नीतियों और लोकहितैषी फैसलों को पहुंचाएंगे और कार्यकर्ताओं को एकजुट कर एक अजेय संगठन का निर्माण करेंगे। आने वाले दिनों में जालंधर कैंट में दोनों दलों के बीच राजनीतिक वार-पलटवार और जमीनी रैलियों का सिलसिला और तेज होना तय है।