'मां काली' का रूप धरकर सड़क पर मोमोज खाती दिखीं यूट्यूबर नीतू बिष्ट: भड़की करणी सेना ने थाने में दर्ज कराई शिकायत
सोशल मीडिया की जानी-मानी इन्फ्लुएंसर और मशहूर यूट्यूबर नीतू बिष्ट एक बार फिर गंभीर विवादों के घेरे में आ गई हैं। हाल ही में सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर उनका एक वीडियो तेजी से वायरल हुआ, जिसमें वे हिंदू देवी 'मां काली' के पूरे धार्मिक वेशभूषा और शृंगार में नजर आ रही हैं। इसी गेटअप में वे सड़क किनारे एक स्ट्रीट फूड स्टॉल (ठेले) पर खड़े होकर बेपरवाह अंदाज में मोमोज खाती हुई दिखाई दे रही हैं। जैसे ही यह वीडियो इंस्टाग्राम, यूट्यूब और एक्स पर सामने आया, हिंदू संगठनों और सोशल मीडिया यूजर्स के बीच आक्रोश की लहर दौड़ गई। पवित्र धार्मिक स्वरूप का मजाक उड़ाने और आस्था को ठेस पहुंचाने का आरोप लगाते हुए अब यह मामला सीधे पुलिस थाने तक पहुंच चुका है।
करणी सेना ने थाने में दी लिखित शिकायत: एफआईआर और सख्त कानूनी कार्रवाई की मांग
वीडियो सामने आने के बाद हिंदूवादी संगठन 'श्री राजपूत करणी सेना' ने मामले में सख्त रुख अपनाते हुए पुलिस में औपचारिक शिकायत दर्ज कराई है। करणी सेना के पदाधिकारियों ने स्थानीय पुलिस स्टेशन पहुंचकर नीतू बिष्ट के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) की सुसंगत धाराओं के तहत धार्मिक भावनाओं को जानबूझकर आहत करने, सनातन परंपराओं का अपमान करने और सोशल मीडिया पर सस्ती लोकप्रियता (व्यूज और लाइक्स) पाने के लिए पवित्र प्रतीकों का दुरुपयोग करने का आरोप लगाया है। शिकायत में मांग की गई है कि यूट्यूबर के खिलाफ तुरंत गैर-जमानती धाराओं में प्राथमिकी (FIR) दर्ज कर उन्हें गिरफ्तार किया जाए, ताकि भविष्य में कोई भी सोशल मीडिया क्रिएटर धार्मिक आस्था के साथ खिलवाड़ करने की हिम्मत न जुटा सके।
व्यूज और रील्स के लिए सनातन आस्था से खिलवाड़ का आरोप: हिंदू संगठनों में भारी रोष
करणी सेना और अन्य धार्मिक संगठनों के प्रतिनिधियों का कहना है कि मां काली सनातन धर्म में शक्ति, संहार और असीम श्रद्धा का सर्वोच्च प्रतीक हैं। ऐसे दिव्य और पूजनीय स्वरूप का स्वांग रचकर सड़क पर स्ट्रीट फूड खाना और उसका मजाकिया वीडियो बनाकर इंटरनेट पर परोसना करोड़ों श्रद्धालुओं की भावनाओं पर सीधा आघात है। संगठनों का आरोप है कि आजकल डिजिटल इन्फ्लुएंसर्स और व्लॉगर्स के बीच फॉलोअर्स और रील्स के व्यूज बढ़ाने के लिए धार्मिक प्रतीकों को 'फैशन और ड्रामा' बनाने की खतरनाक होड़ मच गई है। संगठनों ने चेतावनी दी है कि यदि पुलिस प्रशासन ने इस मामले में तत्काल और कठोर कानूनी कदम नहीं उठाए, तो कार्यकर्ता सड़कों पर उतरकर व्यापक विरोध प्रदर्शन करने को बाध्य होंगे।
सोशल मीडिया पर दो फाड़ हुए नेटिजन्स: प्रशंसकों ने भी लगाई क्लास
वीडियो वायरल होने के बाद सोशल मीडिया यूजर्स भी नीतू बिष्ट पर बुरी तरह भड़क उठे हैं। कमेंट सेक्शन में जहां हजारों सनातन प्रेमियों ने इसे 'घोर अपमानजनक और असंवेदनशील' करार दिया, वहीं नीतू के कई नियमित फॉलोअर्स ने भी इस कृत्य की कड़ी निंदा की है। यूजर्स का कहना है कि अगर किसी ने धार्मिक नाटक या नवरात्रि के उपलक्ष्य में कोई स्वरूप धारण किया था, तो कम से कम उस परिधान की गरिमा और पवित्रता का ध्यान रखा जाना चाहिए था। सार्वजनिक रूप से ठेले पर खड़े होकर उस वेशभूषा में मोमोज खाना न केवल बचकाना बल्कि बेहद गैर-जिम्मेदाराना हरकत है।
विवादों से पहले भी रहा है नीतू बिष्ट का नाता: पुलिस ने शुरू की वीडियो की जांच
यह पहला मौका नहीं है जब नीतू बिष्ट और उनके परिवार से जुड़े व्लॉग्स को लेकर इंटरनेट पर सवाल उठे हों। पारिवारिक व्लॉगिंग और प्रैंक वीडियोज के जरिए लाखों सब्सक्राइबर्स बटोरने वाली नीतू बिष्ट पर पहले भी कंटेंट के नाम पर अति करने के आरोप लगते रहे हैं। हालांकि, इस बार का विवाद सीधे तौर पर धार्मिक आस्था से जुड़ने के कारण उनके लिए कानूनी संकट का सबब बनता दिख रहा है। पुलिस अधिकारियों के अनुसार, करणी सेना द्वारा दी गई तहरीर प्राप्त हो गई है और साइबर सेल की मदद से संबंधित वीडियो फुटेज की सत्यता और संदर्भ की जांच की जा रही है। जांच पूरी होने और कानूनी राय लेने के बाद आवश्यक दंडात्मक कार्रवाई अमल में लाई जाएगी।