'डेली बेली 2' बनाने में आ रही यह सबसे बड़ी अड़चन! डायरेक्टर अभिनव देव ने किया खुलासा
साल 2011 में जब इमरान खान, वीर दास और कुणाल रॉय कपूर की डार्क कॉमेडी फिल्म 'डेली बेली' (Delhi Belly) बड़े पर्दे पर आई थी, तो उसने भारतीय सिनेमा में एडल्ट-कॉमेडी जॉनर की पूरी परिभाषा ही बदलकर रख दी थी। बोल्ड डायलॉग्स, अनोखे स्क्रीनप्ले, टॉयलेट ह्यूमर और 'भाग डीके बोस' जैसे चार्टबस्टर गानों से सजी इस फिल्म को आज भी भारतीय सिनेमा की सबसे बेहतरीन कल्ट फिल्मों में गिना जाता है। दर्शक पिछले डेढ़ दशक से इसके सीक्वल यानी 'डेली बेली 2' की मांग कर रहे हैं। अब फिल्म के निर्देशक अभिनव देव ने इस बहुप्रतीक्षित प्रोजेक्ट पर अपनी चुप्पी तोड़ी है और यह साफ किया है कि सीक्वल की योजनाएं ठंडे बस्ते में नहीं हैं, बल्कि वे इसके निर्माता आमिर खान के साथ लगातार संपर्क में हैं। हालांकि, इसके फ्लोर पर आने में एक बहुत बड़ी व्यावहारिक और रचनात्मक अड़चन सामने खड़ी है।
'आमिर खान से हर महीने होती है बात, लेकिन जब तक वो नहीं मिलेगा...'
अभिनव देव ने एक हालिया इंटरव्यू में खुलासा किया कि वे और आमिर खान प्रोडक्शंस आज भी 'डेली बेली' के सीक्वल को लेकर बेहद गंभीर हैं। उन्होंने कहा, "मैं आपको सच बताऊं तो आमिर खान से इस सिलसिले में मेरी लगभग हर महीने बात होती है। हम दोनों ही चाहते हैं कि 'डेली बेली 2' बने। लेकिन असली अड़चन यह है कि हम सिर्फ नाम भुनाने या पैसे कमाने के लिए कोई चलताऊ फिल्म नहीं बना सकते। पहली फिल्म ने जो बेंचमार्क सेट किया था, जब तक हमारे हाथ में वैसी ही धारदार, पागलपन से भरी और ओरिजिनल स्क्रिप्ट नहीं आ जाती, तब तक हम कैमरा ऑन नहीं कर सकते।" निर्देशक के मुताबिक, पहली किस्त की अप्रत्याशित सफलता ही अब उनके लिए सबसे बड़ा दबाव बन चुकी है, क्योंकि दर्शक किसी भी लिहाज से औसत कहानी को स्वीकार नहीं करेंगे।
अक्षत वर्मा की राइटिंग का जादू दोहराना सबसे बड़ी चुनौती
'डेली बेली' की जान उसकी अद्भुत और अपरंपरागत पटकथा थी, जिसे लेखक अक्षत वर्मा ने लिखा था। फिल्म के संवाद और परिस्थितियां इतनी स्वाभाविक और विचित्र थीं कि वे सीधे युवाओं की जुबान पर चढ़ गईं। अभिनव देव ने स्वीकार किया कि उस स्तर का कंटेंट दोबारा लिखना बेहद मुश्किल काम है। कई लेखकों और खुद उनकी टीम ने सीक्वल के लिए कई आइडियाज पर मंथन किया, लेकिन कोई भी ड्राफ्ट पहली फिल्म के पागलपन और ताजगी से मेल नहीं खा सका। मेकर्स का मानना है कि आज के दौर में जहां दर्शकों की समझ और सिनेमा देखने का नजरिया बहुत बदल चुका है, वहां महज गालियों या फूहड़ता के सहारे फिल्म नहीं चलाई जा सकती; उसके पीछे ठोस सिचुएशनल कॉमेडी और थ्रिलर एलिमेंट्स का होना अनिवार्य है।
क्या पुरानी कास्ट के साथ ही बनेगी फिल्म? इमरान खान की वापसी पर नजरें
सीक्वल की चर्चाओं के बीच सबसे बड़ा सवाल यह भी उठ रहा है कि क्या मूल तिकड़ी—इमरान खान, वीर दास और कुणाल रॉय कपूर—दोबारा पर्दे पर साथ दिखेगी? लंबे समय तक अभिनय से दूर रहने के बाद इमरान खान अब बॉलीवुड में अपनी दूसरी पारी शुरू करने के लिए तैयार हैं और उन्होंने कई मौकों पर अभिनय में लौटने के संकेत दिए हैं। दर्शकों के लिए ताशी (इमरान), अरूप (वीर) और नितिन (कुणाल) के किरदारों को 15 साल बाद उनकी नई उम्र और नई परिस्थितियों में देखना बेहद रोमांचक होगा। हालांकि, मेकर्स का कहना है कि जब तक फाइनल ड्राफ्ट लॉक नहीं होता, तब तक किरदारों की उम्र और कास्टिंग को लेकर कोई अंतिम मुहर लगाना जल्दबाजी होगी।
कल्ट क्लासिक का दबाव और मेकर्स का संकल्प: 'जब लाएंगे, धमाकेदार लाएंगे'
बॉलीवुड में अक्सर देखा गया है कि हिट फिल्मों के सीक्वल बिना ठोस कहानी के जल्दबाजी में बना दिए जाते हैं, जिससे मूल फिल्म की विरासत को भी नुकसान पहुंचता है। लेकिन आमिर खान और अभिनव देव इस रास्ते पर चलने को तैयार नहीं हैं। निर्देशक ने फैंस को भरोसा दिलाते हुए कहा कि 'डेली बेली 2' का विचार मरा नहीं है और बातचीत के दरवाजे पूरी तरह खुले हैं। जैसे ही दोनों को ऐसी स्क्रिप्ट मिल जाएगी जो पहली फिल्म की बेबाकी और पागलपन को सही मायनों में आगे ले जा सके, उस दिन इसका आधिकारिक ऐलान कर दिया जाएगा। तब तक दर्शकों को उस ऐतिहासिक कॉमेडी के अगले अध्याय के लिए थोड़ा और सब्र करना होगा।