त्योहारी सीजन में सीएम योगी का बड़ा तोहफा: उज्ज्वला लाभार्थियों के खातों में ट्रांसफर होंगे

त्योहारी सीजन में सीएम योगी का बड़ा तोहफा: उज्ज्वला लाभार्थियों के खातों में ट्रांसफर होंगे

त्योहारी सीजन के उल्लास के बीच उत्तर प्रदेश की योगी आदित्यनाथ सरकार ने राज्य के करोड़ों गरीब एवं मध्यमवर्गीय परिवारों को बड़ी राहत दी है। प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना (PMUY) के तहत प्रदेश के 1.75 करोड़ से अधिक (करीब 1.86 से 1.89 करोड़) पात्र लाभार्थियों के आधार-लिंक्ड बैंक खातों में राज्य सरकार द्वारा डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर (DBT) के माध्यम से सीधी वित्तीय सहायता भेजी जा रही है। लखनऊ में आयोजित राज्य स्तरीय विशेष कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने सिंगल क्लिक के जरिए कुल 1,500 करोड़ रुपये से अधिक की भारी-भरकम सब्सिडी राशि सीधे जनता के बैंक खातों में डिजिटली हस्तांतरित की। इस योजना के तहत प्रत्येक पंजीकृत लाभार्थी के खाते में 700 रुपये से लेकर 800 रुपये से अधिक की राशि (एलपीजी रिफिल की प्रचलित लागत के अनुसार) जमा की जा रही है।

फ्री गैस सिलेंडर का चुनावी वादा, डीबीटी व्यवस्था से बिचौलियों का खेल खत्म

उत्तर प्रदेश सरकार ने अपने संकल्प पत्र में प्रदेश की गरीब महिलाओं और उज्ज्वला लाभार्थियों को वर्ष में दो मुफ्त रसोई गैस सिलेंडर (होली और दीपावली के अवसर पर) देने की घोषणा की थी। इस वादे को शत-प्रतिशत धरातल पर उतारते हुए शासन ने पूरी प्रक्रिया को पारदर्शी बनाया है। लाभार्थियों को पहले की तरह किसी दफ्तर या एजेंसी के चक्कर नहीं काटने पड़ते। योजना के नियमानुसार, उपभोक्ता जब अपनी संबंधित गैस एजेंसी (इंडेन, भारत गैस या एचपी) से व्यावसायिक दर पर एलपीजी सिलेंडर रिफिल कराते हैं, तो सत्यापन के बाद उस सिलेंडर की पूरी सब्सिडी राशि सीधे उनके बैंक खाते में रिफंड के तौर पर ट्रांसफर कर दी जाती है। इस पारदर्शी डीबीटी प्रणाली से किसी भी प्रकार के भ्रष्टाचार और बिचौलियों की गुंजाइश पूरी तरह समाप्त हो गई है।

किन परिवारों को मिला लाभ और क्या हैं जरूरी शर्तें?

इस वित्तीय उपहार का लाभ उठाने के लिए खाद्य एवं रसद विभाग द्वारा कुछ बुनियादी दिशानिर्देश तय किए गए हैं:

  • सक्रिय बैंक खाता व आधार सीडिंग: लाभार्थी का बैंक खाता पूरी तरह सक्रिय होना चाहिए और वह नेशनल पेमेंट्स कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया (NPCI) मैपर और आधार से लिंक होना अनिवार्य है।

  • ई-केवाईसी अनिवार्य: तेल विपणन कंपनियों (OMCs) के पोर्टल पर लाभार्थी का बायोमेट्रिक/फेस ऑथेंटिकेशन ई-केवाईसी पूरा होना जरूरी है।

  • उज्ज्वला 1.0 और 2.0 के लाभार्थी: योजना का लाभ उन सभी परिवारों को मिल रहा है जो प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना के प्रथम अथवा द्वितीय चरण के अंतर्गत वैध कनेक्शन धारक हैं।

ग्रामीण महिलाओं के स्वास्थ्य और प्रदूषण नियंत्रण की दिशा में बड़ा संबल

कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि यह केवल एक आर्थिक सहायता नहीं, बल्कि गरीब माताओं-बहनों के सम्मान, स्वास्थ्य और पर्यावरण सुरक्षा का सशक्त माध्यम है। चूल्हे के जहरीले धुएं से महिलाओं को होने वाली सांस की बीमारियों और आंखों की तकलीफों से मुक्ति दिलाने के लिए स्वच्छ ईंधन को हर घर तक पहुंचाना डबल इंजन सरकार की शीर्ष प्राथमिकता है। त्योहारों के मौके पर घरेलू खर्च बढ़ने से गरीब परिवारों के बजट पर जो दबाव पड़ता है, सीधे खाते में भेजी गई 700 से अधिक रुपये की यह राशि उन्हें बिना किसी आर्थिक तंगी के त्योहारी खुशियां मनाने का अवसर देगी।