यूपी चुनाव से पहले BJP का मिशन 2027: 17 सितंबर से शुरू होगा 'सेवा संकल्प अभियान', हर वर्ग को साधने का मास्टर प्लान तैयार
उत्तर प्रदेश में 2027 के विधानसभा चुनाव की सियासी बिसात अभी से बिछनी शुरू हो गई है। लोकसभा चुनाव के नतीजों से सबक लेते हुए भारतीय जनता पार्टी (BJP) ने जमीनी स्तर पर अपनी पकड़ को दोबारा मजबूत करने और विपक्षी गठबंधन 'पीडीए' (पिछड़ा, दलित, अल्पसंख्यक) की घेराबंदी को ध्वस्त करने के लिए एक विशाल और आक्रामक रणनीति तैयार की है। इसके तहत पार्टी 17 सितंबर से 17 अक्टूबर तक पूरे महीने भर चलने वाला महा-जनसंपर्क और सेवा कार्यक्रम 'सेवा संकल्प अभियान' चलाने जा रही है। यह अभियान केवल एक औपचारिक आयोजन भर नहीं है, बल्कि इसके जरिए पार्टी प्रदेश के हर वर्ग—दलित, पिछड़े, किसान, युवा, प्रबुद्ध वर्ग और महिलाओं—तक सीधे पहुंचकर सत्ता विरोधी लहर को बेअसर करने और सामाजिक समीकरणों को नए सिरे से साधने का प्रयास करेगी।
17 सितंबर से 17 अक्टूबर तक चलेगा अभियान: 25 वर्षों की सेवा को बनाएंगे ढाल
इस विशाल अभियान का औपचारिक आगाज प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के जन्मदिन यानी 17 सितंबर से होगा। इसके साथ ही 7 अक्टूबर को बतौर संवैधानिक प्रमुख (मुख्यमंत्री और प्रधानमंत्री) उनके सार्वजनिक जीवन के 25 वर्ष पूरे होने के ऐतिहासिक अवसर को भी इस अभियान के मुख्य पड़ाव के रूप में रेखांकित किया जाएगा। 17 अक्टूबर को 'जनसेवक महाकुंभ' के साथ इसका औपचारिक समापन होगा।
भाजपा के रणनीतिकारों का मानना है कि केवल चुनावी भाषणों और रैलियों के भरोसे रहने के बजाय अगर संगठन सेवा कार्यों के जरिए जनता के घरों तक पहुंचे, तो इसका दीर्घकालिक और भावनात्मक असर मतदाताओं पर पड़ता है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ, दोनों उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य व ब्रजेश पाठक और प्रदेश संगठन के आला नेताओं ने सभी 75 जिलों के प्रभारियों, सांसदों, विधायकों और बूथ स्तर के कार्यकर्ताओं को इस पूरे महीने जमीन पर सक्रिय रहने का सख्त फरमान जारी किया है।
'रील से दिल तक' और नमो मैराथन: नाराज युवाओं को जोड़ने की विशेष रणनीति
हाल के दिनों में पेपर लीक और बेरोजगारी के मुद्दों को लेकर युवाओं में उपजे असंतोष को पाटने के लिए पार्टी ने इस अभियान में युवाओं पर सबसे अधिक फोकस रखा है।
-
डिजिटल और रील वॉर: पार्टी 27 हजार से अधिक शक्ति केंद्रों पर स्थानीय लाभार्थियों की 'सक्सेस स्टोरीज' पर आधारित लघु वीडियो (रील्स) तैयार करेगी। सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर्स और कंटेंट क्रिएटर्स को जोड़कर 2017 से पहले के यूपी और आज के यूपी के बुनियादी अंतर (तब और अब) को युवाओं के बीच आक्रामक तरीके से प्रस्तुत किया जाएगा।
-
नमो मैराथन और खेल प्रतियोगिताएं: प्रदेश के सभी 17 नगर निगमों और गौतमबुद्धनगर में युवाओं के लिए 'नमो मैराथन' आयोजित होगी। इसके साथ ही विधानसभा स्तर पर 'विधायक खेलकूद प्रतियोगिताएं' कराकर ग्रामीण प्रतिभाओं को मंच दिया जाएगा।
-
विकसित भारत प्रतियोगिताएं: स्कूल-कॉलेजों में 'विकसित भारत@2047' विषय पर चित्रकला, भाषण और निबंध स्पर्धाएं होंगी, जिससे पहली बार वोट डालने वाले युवा (First-Time Voters) सीधे भाजपा के विजन से जुड़ सकें।
'आंगन उत्सव' और महिला सुरक्षा: आधी आबादी की लामबंदी
महिलाएं प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का सबसे मजबूत और वफादार साइलेंट वोटर रही हैं। इस वर्ग में अपनी पकड़ और मजबूत करने के लिए भाजपा ने खास कार्यक्रम तैयार किए हैं:
-
आंगन मिलन सेवा: प्रदेश के सभी आंगनवाड़ी केंद्रों पर उत्कृष्ट कार्य करने वाली आशा बहुओं, एएनएम और आंगनबाड़ी कार्यकर्त्रियों का सार्वजनिक रूप से सम्मान किया जाएगा। इसके साथ ही कुपोषण मिटाने के लिए 'हेल्दी बेबी प्रतियोगिता' और मातृत्व स्वास्थ्य से जुड़े जागरूकता सत्र चलाए जाएंगे।
-
सुरक्षा और स्वावलंबन का संदेश: मिशन शक्ति, मुख्यमंत्री कन्या सुमंगला योजना और स्वयं सहायता समूहों (SHG) की महिला लखपति दीदियों को एक मंच पर लाकर महिला सशक्तिकरण की उपलब्धियों का प्रचार किया जाएगा।
'सेवा सेतु' शिविर: दलित और पिछड़े वंचितों तक पहुंचेंगे सरकारी लाभ
लोकसभा चुनाव के दौरान संविधान और आरक्षण के नैरेटिव पर विपक्षी दलों को मिले दलित व पिछड़े वोटों को वापस पार्टी के पाले में लाने के लिए प्रशासनिक और सांगठनिक मशीनरी एक साथ काम करेगी।
-
नगर निकायों, ब्लॉकों और मलिन बस्तियों में 'सेवा सेतु' और 'स्वास्थ्य शिविर' लगाए जाएंगे।
-
इन शिविरों में आयुष्मान भारत कार्ड, उज्ज्वला गैस कनेक्शन, पीएम आवास, वृद्धावस्था व दिव्यांग पेंशन और राशन कार्ड से छूटे हुए पात्र लाभार्थियों का मौके पर ही रजिस्ट्रेशन कर उन्हें लाभान्वित किया जाएगा।
-
स्वास्थ्य केंद्रों पर नि:शुल्क जांच, मोतियाबिंद ऑपरेशन शिविर और भारतीय जनता युवा मोर्चा (भाजयुमो) के माध्यम से रक्तदान कैंप लगाए जाएंगे।
अन्नदाताओं के बीच पहुंचेंगे नेता: किसान संवाद और चौपालें
विपक्ष के कृषि संकट और एमएसपी जैसे आरोपों को बेअसर करने के लिए भाजपा के किसान मोर्चा के कार्यकर्ता गांव-गांव चौपाल लगाएंगे। पीएम किसान सम्मान निधि, मुफ्त बिजली योजना, नलकूप कनेक्शन और रिकॉर्ड गन्ना मूल्य भुगतान के आंकड़ों के जरिए किसानों को बताया जाएगा कि एनडीए सरकार ही उनकी सच्ची हितैषी है। इसके अलावा 25 सितंबर (पंडित दीनदयाल उपाध्याय जयंती) से 2 अक्टूबर (गांधी जयंती) तक 'स्वच्छता महाअभियान' चलाकर ग्रामीण क्षेत्रों के सरोवरों, तालाबों और सार्वजनिक स्थलों की सफाई की जाएगी।
2027 के चुनावी रण के लिए जमीन तैयार करने का मास्टर स्ट्रोक
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव 2027 में भाजपा के लिए राह 2017 या 2022 जैसी आसान नहीं रहने वाली है। सपा और कांग्रेस की मजबूत होती सामाजिक गोलबंदी के बीच भाजपा केवल हिंदुत्व के मुद्दे पर आश्रित नहीं रह सकती।
यही वजह है कि पार्टी ने चुनाव से काफी पहले ही 'सेवा संकल्प अभियान' के जरिए हर जाति, वर्ग और उम्र के मतदाताओं के दरवाजे पर दस्तक देने का फैसला किया है। 17 सितंबर को हर घर के बाहर जलने वाला 'आशीर्वाद का दीया' और चौपालों में लगने वाले सेवा शिविर दरअसल भाजपा के उसी चुनावी चक्रव्यूह का हिस्सा हैं, जिसके बूते पार्टी यूपी में अपनी सत्ता की हैट्रिक लगाने का ताना-बाना बुन रही है।