यूपी के लखीमपुर खीरी में खेत, मकान और प्लॉट खरीदना हुआ महंगा; नए सर्किल रेट में 12 फीसदी तक की भारी बढ़ोतरी
उत्तर प्रदेश में घर, जमीन या व्यावसायिक संपत्ति खरीदने की योजना बना रहे लोगों को लखीमपुर खीरी जिले में महंगाई का बड़ा झटका लगा है। जिला प्रशासन और निबंधन विभाग द्वारा प्रस्तावित नई मूल्यांकन सूची (सर्किल रेट) पर आई आपत्तियों के निस्तारण के बाद जिले में नई दरें प्रभावी कर दी गई हैं। नए सर्किल रेट के लागू होने से जिले में कृषि भूमि (खेत), आवासीय भूखंड और व्यावसायिक मकानों की सरकारी दरों में 10 से 12 प्रतिशत तक का सीधा इजाफा दर्ज किया गया है।
इस बढ़ोतरी का सीधा असर आम खरीदारों की जेब पर पड़ेगा, क्योंकि सर्किल रेट बढ़ने से स्टाम्प ड्यूटी और निबंधन शुल्क की कुल लागत में काफी इजाफा हो जाएगा। प्रशासन का तर्क है कि जिले में पिछले कुछ वर्षों में इंफ्रास्ट्रक्चर के विकास, चौड़ी होती सड़कों और रियल एस्टेट बाजार में आई तेजी को देखते हुए सरकारी दरों और बाजार भाव (मार्केट रेट) के अंतर को पाटने के लिए यह संशोधन अनिवार्य था।
शहर के इन मुख्य इलाकों में सबसे ज्यादा महंगी हुई जमीन
लखीमपुर शहर और उसके विस्तारित क्षेत्रों में प्राइम लोकेशंस की दरों में सबसे ज्यादा उछाल आया है:
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मेन रोड और बस अड्डा मार्ग: लखीमपुर शहर के मुख्य मार्गों, बस अड्डा रोड और इमली चौराहा रोड के आसपास की जमीनों के सर्किल रेट में सबसे ज्यादा बढ़ोतरी हुई है। इन क्षेत्रों में कमर्शियल गतिविधियों के विस्तार के कारण फ्रंट की जमीनें काफी महंगी हो गई हैं।
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आवासीय कॉलोनियां और नए लेआउट: शहर से सटी नई अनअप्रूव्ड और अप्रूव्ड रिहायशी सोसाइटियों में भी आवासीय दरों में 10 से 12 फीसदी की वृद्धि की गई है।
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हाईवे से सटे खेत और कृषि भूमि: बाईपास और मुख्य मार्गों से सटी कृषि भूमि को अकृषक श्रेणी में दर्ज करने और फ्रंट की गहराई के आधार पर नए स्लैब तय किए गए हैं, जिससे हाईवे किनारे खेत खरीदना अब पहले से काफी महंगा हो गया है।
आपत्तियों के निस्तारण के बाद अंतिम सूची जारी
प्रशासन ने नए सर्किल रेट की प्रस्तावित सूची जारी करते हुए आम जनता और बार एसोसिएशन से आपत्तियां मांगी थीं। तय समय सीमा तक आई आपत्तियों पर विचार करने और मूल्यांकन समिति द्वारा स्थलीय रिपोर्ट की समीक्षा के बाद अंतिम मुहर लगा दी गई।
अधिकारियों का कहना है कि सर्किल रेट संशोधन से सरकार के राजस्व संग्रह में भी बढ़ोतरी होगी और रियल एस्टेट में ब्लैक मनी के लेनदेन पर अंकुश लगाने में मदद मिलेगी।
पूरे यूपी में चल रहा है सर्किल रेट संशोधन का दौर
गौरतलब है कि केवल लखीमपुर खीरी ही नहीं, बल्कि उत्तर प्रदेश के कई अन्य जिलों में भी नए वित्तीय चक्र के तहत सर्किल रेट में इजाफा किया गया है। हाल ही में पश्चिमी यूपी के मुरादाबाद में औसतन 12 फीसदी, बरेली में 5 से 20 फीसदी (कुछ विशेष कॉरिडोर में 50 फीसदी तक) और नोएडा में लगभग 11 फीसदी तक आवंटन दरें बढ़ाई गई थीं। राजधानी लखनऊ और कानपुर में भी नए मानकीकृत सर्किल रेट लागू करने की प्रक्रिया अंतिम चरण में है।
लखीमपुर खीरी में नए रेट लागू होने के बाद अब वहां नया आशियाना बनाने या निवेश के लिए प्लॉट व खेत खरीदने वाले खरीदारों को रजिस्ट्री के समय जेब ज्यादा ढीली करनी पड़ेगी।