Lucknow Traffic Relief: लखनऊ के 4 प्रमुख चौराहों पर बनने जा रहे अंडरपास; रोजाना लगने वाले भीषण जाम से मिलेगी बड़ी राहत

Lucknow Traffic Relief: लखनऊ के 4 प्रमुख चौराहों पर बनने जा रहे अंडरपास; रोजाना लगने वाले भीषण जाम से मिलेगी बड़ी राहत

उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में तेजी से बढ़ते शहरीकरण, वाहनों के भारी दबाव और पीक आवर्स के दौरान लगने वाले भीषण ट्रैफिक जाम से आम नागरिकों को निजात दिलाने के लिए राज्य सरकार ने बड़े इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट को हरी झंडी दी है। शहर के चार सबसे व्यस्त और प्रमुख चौराहों पर नए अंडरपास (Underpass) और ग्रेड सेपरेटर्स के निर्माण की कार्ययोजना तैयार की गई है। इन अंडरपासों के बनने से रोजाना सफर करने वाले लाखों दैनिक यात्रियों, एंबुलेंस सेवाओं और स्कूल-कॉलेज जाने वाले विद्यार्थियों का समय बचेगा और शहर के व्यस्ततम रूट्स पर ट्रैफिक पूरी तरह सिग्नल-फ्री व सुगम हो जाएगा।

इन 4 प्रमुख चौराहों पर बनेंगे नए अंडरपास

नगर नियोजन विभाग, लोक निर्माण विभाग (PWD) और लखनऊ विकास प्राधिकरण (LDA) द्वारा चिन्हित किए गए चार प्रमुख चौराहे निम्नलिखित हैं:

  • पॉलीटेक्निक चौराहा (Polytechnic Crossing): अयोध्या रोड, मुंशीपुलिया और गोमती नगर को जोड़ने वाला यह चौराहा राजधानी के सबसे व्यस्ततम ट्रैफिक बॉटलनेक्स में से एक है। यहां अंडरपास बनने से अयोध्या और बाराबंकी की ओर आने-जाने वाले भारी वाहनों को बिना रुके सीधी राह मिलेगी।

  • इंजीनियरिंग कॉलेज चौराहा (Engineering College Chauraha - जानकीपुरम): सीतापुर रोड और जानकीपुरम विस्तार क्षेत्र को जोड़ने वाले इस चौराहे पर सुबह और शाम लंबा जाम लगता है। अंडरपास के निर्माण से जानकीपुरम, विकास नगर और अलीगंज के लाखों स्थानीय निवासियों को बड़ी राहत मिलेगी।

  • अवध चौराहा / आलमबाग (Awadh Crossing): कानपुर रोड, आलमबाग बस टर्मिनल और एयरपोर्ट रूट पर स्थित अवध चौराहे पर इंटरस्टेट बसों और चारपहिया वाहनों का भारी दबाव रहता है। अंडरपास बनने से एयरपोर्ट और चारबाग रेलवे स्टेशन आने-जाने वाले यात्रियों को सिग्नल-फ्री कनेक्टिविटी मिलेगी।

  • समता मूलक चौक / गोमती नगर लिंक (Samata Mulak Chowk): हजरतगंज, लोहिया पथ और गोमती नगर विस्तार को कनेक्ट करने वाले समता मूलक चौराहे पर पीक आवर्स में ट्रैफिक धीमा हो जाता है। यहां बनने वाला अंडरपास लोहिया पथ पर आवागमन को और अधिक तेज और सुरक्षित बनाएगा।

ट्रैफिक सर्वे, डीपीआर और तकनीकी तैयारी

इस महत्वाकांक्षी परियोजना को धरातल पर उतारने के लिए विशेषज्ञों की टीम द्वारा ट्रैफिक डेंसिटी सर्वे पूरा कर लिया गया है।

  • डिटेल्ड प्रोजेक्ट रिपोर्ट (DPR): केंद्रीय सड़क अनुसंधान संस्थान (CRRI) और राइट्स (RITES) के तकनीकी मानकों के आधार पर डीपीआर को अंतिम रूप दिया जा रहा है।

  • ड्रेनेज और यूटिलिटी शिफ्टिंग: बारिश के दिनों में अंडरपासों में जलभराव की समस्या न हो, इसके लिए आधुनिक हाई-कैपेसिटी ऑटोमैटिक पंपिंग स्टेशन और डेडिकेटेड स्टॉर्म वॉटर ड्रेनेज लाइन बिछाने का प्रावधान किया गया है।

  • बिजली और गैस पाइपलाइन की शिफ्टिंग: निर्माण शुरू करने से पहले संबंधित विभागों के साथ मिलकर भूमिगत बिजली के केबल्स, सीवर लाइन और गैस पाइपलाइनों की शिफ्टिंग का खाका तैयार कर लिया गया है।

पर्यावरण संरक्षण और समय की बचत

विशेषज्ञों का मानना है कि इन चारों चौराहों पर अंडरपास का निर्माण पूरा होने के बाद वाहनों को रेड सिग्नल पर लंबे समय तक खड़े नहीं रहना पड़ेगा। इससे न केवल लाखों लीटर ईंधन की दैनिक बचत होगी, बल्कि शहर के वायु प्रदूषण और कार्बन उत्सर्जन में भी भारी कमी आएगी। परियोजना के टेंडर और वित्तीय स्वीकृतियों की प्रक्रिया पूरी होते ही निर्माण कार्य चरणबद्ध तरीके से शुरू कर दिया जाएगा।

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