लखनऊ का ऐशबाग बना नया 'अमृत स्टेशन', पीएम मोदी ने किया वर्चुअली लोकार्पण; ₹24.13 करोड़ से बदली सूरत

लखनऊ का ऐशबाग बना नया 'अमृत स्टेशन', पीएम मोदी ने किया वर्चुअली लोकार्पण; ₹24.13 करोड़ से बदली सूरत

भारतीय रेलवे के आधुनिकीकरण की दिशा में एक बड़ा कदम बढ़ाते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शुक्रवार को 'अमृत भारत स्टेशन योजना' (Amrit Bharat Station Scheme) के तहत 75 पुनर्विकसित अमृत स्टेशनों और अन्य रेल परियोजनाओं का डिजिटल माध्यम से उद्घाटन व शिलान्यास किया। पंजाब के जालंधर से वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए रिमोट का बटन दबाकर किए गए इस महा-लोकार्पण में उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ का ऐशबाग जंक्शन (Aishbagh Junction) भी शामिल रहा, जिसे अब विश्वस्तरीय सुविधाओं से लैस कर दिया गया है।

लोकार्पण समारोह में उमड़े सूबे के दिग्गज नेता

ऐशबाग जंक्शन रेलवे स्टेशन पर आयोजित भव्य समारोह में उत्तर प्रदेश के उप मुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक, राज्यसभा सांसद संजय सेठ, एमएलसी लालजी प्रसाद निर्मल, एमएलसी मुकेश शर्मा, उत्तर प्रदेश राज्य महिला आयोग की उपाध्यक्ष अपर्णा बिष्ट यादव और भाजपा महानगर अध्यक्ष आनंद द्विवेदी समेत कई वरिष्ठ जनप्रतिनिधि मौजूद रहे। पूर्वोत्तर रेलवे (NER) लखनऊ मंडल के डीआरएम (DRM) गौरव अग्रवाल सहित रेलवे के आला अधिकारियों ने अतिथियों का स्वागत किया। इस मौके पर डिप्टी सीएम ब्रजेश पाठक ने लखनऊ को यह सौगात देने के लिए पीएम मोदी और रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव का आभार जताया।

₹24.13 करोड़ की लागत से हुआ कायाकल्प, ये हैं नई सुविधाएं

पूर्वोत्तर रेलवे के अधिकारियों के मुताबिक, ऐशबाग जंक्शन के व्यापक उन्नयन और आधुनिकीकरण पर कुल 24.13 करोड़ रुपये खर्च किए गए हैं। स्टेशन को आधुनिक, सुरक्षित और सुविधाजनक बनाने के लिए निम्नलिखित कार्य पूरे किए गए हैं:

  • सर्कुलेटिंग और पार्किंग एरिया का विस्तार: स्टेशन परिसर में 5,500 वर्ग मीटर का उन्नत पार्किंग एरिया और 4,300 वर्ग मीटर के सर्कुलेटिंग एरिया में खूबसूरत हरित पार्कों (Green Parks) का विकास किया गया है।

  • यातायात और सौंदर्यीकरण: स्टेशन भवन के अग्रभाग (Facade) का सौंदर्यीकरण किया गया है और सुगम यातायात के लिए नए नियम लागू किए गए हैं।

  • प्लेटफॉर्म्स का आधुनिकीकरण: सभी प्लेटफॉर्मों पर आधुनिक फर्श (Flooring), अत्याधुनिक प्रसाधन (Toilets) और आकर्षक एलईडी (LED) साइनेज लगाए गए हैं।

  • काऊ कैचर का प्रावधान: छुट्टा पशुओं को ट्रैक और प्लेटफॉर्म पर आने से रोकने के लिए स्टेशन के दोनों तरफ के प्रवेश द्वारों पर 'काऊ कैचर' लगाए गए हैं।

हर प्लेटफॉर्म पर मिलेगी लिफ्ट और एस्केलेटर की सुविधा

यात्रियों की सुविधा के लिए ऐशबाग स्टेशन पर फुट ओवर ब्रिज (FOB) और प्लेटफॉर्म संख्या 1 व 6 पर वर्तमान में लिफ्ट सुचारू रूप से काम कर रही है। डीआरएम गौरव अग्रवाल ने बताया कि आगामी सितंबर महीने से स्टेशन पर 6 मीटर चौड़े एक नए शानदार एफओबी (FOB) का निर्माण कार्य शुरू होने जा रहा है, जिसे 31 अगस्त 2027 तक पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है। इस नए फुट ओवर ब्रिज के बनते ही ऐशबाग जंक्शन के प्रत्येक प्लेटफॉर्म पर लिफ्ट और दोनों छोरों पर एस्केलेटर (स्वचालित सीढ़ियां) की आधुनिक सुविधा उपलब्ध हो जाएगी।

देश की पहली 'हाइड्रोजन ट्रेन' की दी गई जानकारी

समारोह के दौरान मुख्य अतिथियों ने उपस्थित जनसमूह को जींद और सोनीपत स्टेशनों के बीच दौड़ने वाली देश की पहली पर्यावरण-अनुकूल हाइड्रोजन ट्रेन (Hydrogen Train) की तकनीकी विशेषताओं और भारतीय रेलवे के भविष्य के विजन से अवगत कराया। कार्यक्रम के अंत में स्कूली बच्चों द्वारा निबंध एवं चित्रकला प्रतियोगिताओं के विजेताओं को पुरस्कृत किया गया और स्काउट एवं गाइड के बच्चों ने सांस्कृतिक नृत्य व लघु नाटिका प्रस्तुत की।

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