गोंडा में विनोद साहनी हत्याकांड पर गरमाई यूपी की सियासत, लखनऊ में साथ दिखे संजय निषाद और मुकेश सहनी

गोंडा में विनोद साहनी हत्याकांड पर गरमाई यूपी की सियासत, लखनऊ में साथ दिखे संजय निषाद और मुकेश सहनी

उत्तर प्रदेश के गोंडा जिले में बर्तन कारोबारी और निषाद समाज के सोशल एक्टिविस्ट विनोद साहनी की पीट-पीटकर की गई हत्या के बाद राज्य का सियासी पारा अचानक चढ़ गया है। इस जघन्य हत्याकांड ने सूबे की राजनीति में एक अप्रत्याशित तस्वीर पेश की, जब निषाद राजनीति के दो धुर विरोधी—योगी सरकार में कैबिनेट मंत्री डॉ. संजय निषाद और बिहार के पूर्व मंत्री व वीआईपी (VIP) पार्टी प्रमुख मुकेश सहनी एक साथ एक ही जाजम पर बैठे दिखाई दिए।

लखनऊ के किंग जॉर्ज मेडिकल यूनिवर्सिटी (KGMU) स्थित मॉर्च्युरी के बाहर शुरू हुआ यह विरोध प्रदर्शन देखते ही देखते बड़े राजनीतिक आंदोलन में तब्दील हो गया। अपनी ही सरकार के खिलाफ नाराजगी जाहिर करते हुए कैबिनेट मंत्री संजय निषाद ने लखनऊ के बाद गोंडा पहुंचकर कलेक्ट्रेट का घेराव किया और धरने पर बैठ गए, जिससे प्रशासनिक अमले में हड़कंप मच गया।

सोशल मीडिया पोस्ट को लेकर हुआ था खूनी विवाद: लखनऊ लाते समय तोड़ा दम

गोंडा जिले के परसपुर थाना क्षेत्र अंतर्गत रेक्सड़िया गांव निवासी करीब 45 वर्षीय विनोद कुमार साहनी इलाके में बर्तन की दुकान चलाते थे और सोशल मीडिया पर निषाद समाज के मुद्दों को लेकर काफी मुखर रहते थे। बुधवार की देर रात जब वे अपनी दुकान बंद कर बाइक से घर लौट रहे थे, तभी रास्ते में दबंगों ने उन्हें घेर लिया।

आरोप है कि सोशल मीडिया पर किए गए एक पोस्ट को लेकर कहासुनी शुरू हुई, जो देखते ही देखते हिंसक हमले में बदल गई। लाठी-डंडों से पीटकर विनोद साहनी को लहूलुहान कर सड़क पर फेंक दिया गया। गंभीर हालत में परिजनों ने उन्हें गोंडा मेडिकल कॉलेज पहुंचाया, जहां से उन्हें नाजुक स्थिति में लखनऊ के केजीएमयू रेफर किया गया। गुरुवार को इलाज के दौरान विनोद ने दम तोड़ दिया। मौत से ठीक पहले का उनका एक वीडियो भी सोशल मीडिया पर सामने आया, जिसके बाद निषाद समाज और परिजनों का गुस्सा फूट पड़ा।

केजीएमयू में 5 घंटे का धरना: संजय निषाद, मुकेश सहनी और सपा नेता हुए एकजुट

विनोद साहनी की मौत की खबर मिलते ही निषाद पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष व कैबिनेट मंत्री डॉ. संजय निषाद सीधे केजीएमयू पोस्टमार्टम हाउस पहुंचे और जमीन पर धरने पर बैठ गए। कुछ ही देर बाद विकासशील इंसान पार्टी (VIP) के प्रमुख मुकेश सहनी और समाजवादी पार्टी के पिछड़ा वर्ग प्रकोष्ठ अध्यक्ष राजपाल कश्यप भी धरने में शामिल हो गए।

मुकेश सहनी ने कहा कि समाज के हक की आवाज उठाने वाले व्यक्ति की सामंती मानसिकता के लोगों ने हत्या कर दी है। उन्होंने प्रशासन पर मामले में ढिलाई बरतने का आरोप लगाते हुए सभी नामजद आरोपियों की तत्काल गिरफ्तारी की मांग की। वहीं सपा प्रमुख अखिलेश यादव ने भी एक्स पर पोस्ट कर इस मामले की उच्चस्तरीय निष्पक्ष जांच की मांग की और कानून-व्यवस्था पर सवाल उठाए। देर रात तक चले इस प्रदर्शन में विपक्षी दलों ने तंज कसा कि मौजूदा व्यवस्था में अब कैबिनेट मंत्रियों को भी धरने पर बैठना पड़ रहा है।

मंत्री के तेवर के बाद एक्शन: थानाध्यक्ष समेत 3 पुलिसकर्मी सस्पेंड, 3 आरोपी गिरफ्तार

मामले की संवेदनशीलता और कैबिनेट मंत्री के धरने को देखते हुए गोंडा पुलिस प्रशासन देर रात एक्शन मोड में आ गया। लापरवाही बरतने के आरोप में परसपुर के थानाध्यक्ष कमल शंकर चतुर्वेदी, शाहपुर चौकी प्रभारी अंकित सिंह और बीट आरक्षी को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया।

इसके साथ ही पुलिस ने मामले में त्वरित कार्रवाई करते हुए तीन नामजद आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस अधीक्षक अभिषेक के अनुसार, सोशल मीडिया पर पोस्ट को लेकर उपजे विवाद में यह वारदात हुई थी। पुलिस ने स्पष्ट किया कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट में चोटों के कारण मौत की पुष्टि हुई है और बाकी फरार आरोपियों की धरपकड़ के लिए पुलिस की कई टीमें लगातार दबिश दे रही हैं।

लखनऊ के बाद गोंडा में मंत्री का धरना: बुलडोजर कार्रवाई और एनएसए की मांग

लखनऊ में धरना समाप्त करने के बाद संजय निषाद शुक्रवार को सीधे गोंडा पहुंचे। रास्ते में भारी पुलिस बल देखकर वे नाराज हो गए और प्रशासन से तीखे सवाल किए। इसके बाद वे कलेक्ट्रेट और सर्किट हाउस पहुंचे, जहां उन्होंने अफसरों के सामने अपनी कड़ी मांगें रखीं।

डॉ. संजय निषाद ने दो टूक कहा कि अपराधियों की कोई जाति नहीं होती। उन्होंने मांग की कि आरोपियों पर राष्ट्रीय सुरक्षा कानून (NSA) लगाया जाए, उनकी अवैध संपत्तियों पर बुलडोजर चलाया जाए और पीड़ित परिवार को उचित आर्थिक मुआवजा व सरकारी नौकरी दी जाए। सर्किट हाउस में डीएम प्रियंका निरंजन और एसपी ने पहुंचकर स्थिति को संभाला और परिजनों व मंत्री को कठोर कानूनी कार्रवाई का भरोसा दिलाया।

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