अमरनाथ एक्सप्रेस में सांप की सूचना से हड़कंप: आधे घंटे खड़ी रही ट्रेन, सहमे रहे यात्री; रेस्क्यू के बाद रवाना
रेलवे यात्रियों की सुरक्षा और सुविधाओं के तमाम दावों के बीच चलती ट्रेन में अप्रत्याशित घटना से सनसनी फैल गई। जम्मू तवी की ओर जा रही अमरनाथ एक्सप्रेस के वातानुकूलित (एसी) डिब्बे में अचानक एक सांप रेंगते हुए देखे जाने की खबर से कोच में सवार यात्रियों के होश उड़ गए। जैसे ही एक यात्री ने बर्थ और गैलरी के पास संदिग्ध हलचल और सांप जैसी आकृति देखी, पूरे डिब्बे में हड़कंप मच गया और चीख-पुकार शुरू हो गई। लोग डर के मारे अपनी सीटों और बर्थों से नीचे उतरकर मुख्य दरवाजे की तरफ भागने लगे। मामले की गंभीरता को देखते हुए यात्रियों ने तुरंत चेन पुलिंग (अलार्म चेन खींचकर) की और ऑन-बोर्ड टिकट चेकिंग स्टाफ व रेलवे कंट्रोल को घटना की सूचना दी। इसके बाद ट्रेन को नजदीकी स्टेशन पर आपातकालीन रूप से रोक दिया गया, जहां करीब आधे घंटे तक ट्रेन खड़ी रही और यात्री दहशत में सहमे रहे।
बर्थ के नीचे हलचल देखते ही मची चीख-पुकार
प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, ट्रेन सामान्य गति से अपने सफर पर थी और अधिकांश यात्री अपनी सीटों पर विश्राम कर रहे थे। इसी दौरान एसी कोच के निचले हिस्से में एक सीट के नीचे से कुछ रेंगता हुआ दिखाई दिया। जब एक सहयात्री ने टॉर्च जलाकर देखा तो कथित तौर पर सांप का फन और पूंछ जैसी हलचल नजर आई।
आंखों के सामने सांप की बात फैलते ही डिब्बे में अफरा-तफरी का माहौल बन गया। छोटे बच्चों और महिलाओं को लेकर परिजन घबरा गए और तुरंत सामान छोड़कर गैलरी से दूर हटने लगे। किसी अनहोनी की आशंका से यात्रियों ने तुरंत आपातकालीन जंजीर खींचकर ट्रेन को रोक दिया।
स्टेशन पर 30 मिनट तक चला सघन सर्च ऑपरेशन
ट्रेन रुकने और सूचना प्रसारित होते ही रेलवे सुरक्षा बल (RPF), राजकीय रेलवे पुलिस (GRP), कैरिज एंड वैगन (C&W) और स्टेशन के तकनीकी कर्मचारियों की टीम उपकरणों के साथ मौके पर पहुंच गई।
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यात्रियों को सुरक्षित बाहर निकाला गया: कर्मचारियों ने सबसे पहले एहतियातन प्रभावित डिब्बे के यात्रियों को सुरक्षित प्लेटफार्म पर उतारा ताकि किसी भी यात्री को कोई खतरा न हो।
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बर्थ और पैनलों की जांच: तकनीकी कर्मचारियों और सुरक्षा बलों ने टॉर्च और स्टिक की मदद से कोच की सभी निचली बर्थ, साइड बर्थ, टॉयलेट एरिया, डस्टबिन और एसी वेंटिलेशन पैनलों की बारीकी से पड़ताल की।
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फिनाइल और स्प्रे का छिड़काव: यदि सांप किसी संकरे कोने या पाइपलाइन में छिपा हो, तो उसे बाहर निकालने या भगाने के लिए केमिकल और फिनाइल का छिड़काव किया गया।
लगभग आधे घंटे तक चले इस गहन तलाशी अभियान के बाद जब सुरक्षा कर्मियों ने कोच को पूरी तरह सुरक्षित और बाधा मुक्त प्रमाणित किया, तब जाकर यात्रियों ने राहत की सांस ली।
सुरक्षित पाकर आगे हुई रवाना, रेलवे ने दिए जांच के निर्देश
रेलवे अधिकारियों ने यात्रियों को समझा-बुझाकर दोबारा उनकी सीटों पर बैठाया। प्राथमिक जांच के बाद ट्रेन को हरी झंडी दिखाकर अगले गंतव्य के लिए रवाना कर दिया गया।
रेलवे प्रशासन ने इस घटना को गंभीरता से लेते हुए यह पता लगाने के निर्देश दिए हैं कि सांप बोगी के अंदर कैसे पहुंच सकता है। प्रारंभिक आशंका जताई जा रही है कि यार्ड में ट्रेन के रखरखाव (वाशिंग पिट) के दौरान आसपास की झाड़ियों से कोई जीव नीचे के अंडरगियर या पाइप के रास्ते अंदर घुस गया होगा, या फिर किसी स्टेशन पर लंबी हॉल्टिंग के दौरान ऐसा हुआ। अधिकारियों ने वाशिंग साइडिंग और यार्डों में नियमित पेस्ट कंट्रोल और झाड़ियों की सफाई के कड़े निर्देश जारी किए हैं ताकि यात्रियों की सुरक्षा से कोई समझौता न हो।