पाकिस्तान में आधी रात का हाई-वोल्टेज ड्रामा: सुप्रीम कोर्ट के आदेश पर अस्पताल पहुंचे इमरान खान, मेडिकल चेकअप के चंद घंटों बाद तड़के 5 बजे फिर भेजा गया अडियाला जेल
पाकिस्तान की राजनीति में एक बार फिर आधी रात को जबर्दस्त सियासी और कानूनी ड्रामा देखने को मिला। पाकिस्तान के पूर्व प्रधानमंत्री और पाकिस्तान तहरीक-ए-इंसाफ (PTI) के संस्थापक इमरान खान को गुरुवार-शुक्रवार की दरमियानी रात रावलपिंडी की कड़ी सुरक्षा वाली अडियाला जेल से बाहर निकालकर इस्लामाबाद के अस्पताल ले जाया गया। हालांकि, अस्पताल में उनका प्रवास केवल कुछ ही घंटों का रहा और शुक्रवार तड़के करीब 5 बजे उन्हें दोबारा अडियाला जेल की कालकोठरी में बंद कर दिया गया। इस औचक कदम के बाद से पाकिस्तान के राजनीतिक गलियारों में भारी हलचल मच गई है और विपक्ष ने सरकार पर सुप्रीम कोर्ट की अवमानना और इमरान खान के स्वास्थ्य के साथ खिलवाड़ करने का गंभीर आरोप लगाया है।
सुप्रीम कोर्ट का सख्त निर्देश और आधी रात का ऑपरेशन
73 वर्षीय इमरान खान अगस्त 2023 से जेल में बंद हैं। हाल के महीनों में उनकी दाहिनी आंख की रोशनी में गिरावट (रेटिनल वेन ऑक्लूजन), अनियंत्रित ब्लड प्रेशर और दिल की धड़कन तेज होने जैसी गंभीर स्वास्थ्य समस्याएं सामने आई थीं। उनके वकीलों और परिवार ने शीर्ष अदालत में याचिका दायर कर बेहतर इलाज की गुहार लगाई थी। सुप्रीम कोर्ट की तीन सदस्यीय पीठ ने सरकार को स्पष्ट निर्देश दिया था कि इमरान खान को एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया जाए और विशेषज्ञ डॉक्टरों के मेडिकल बोर्ड द्वारा उनका विस्तृत इलाज सुनिश्चित किया जाए। कोर्ट के इस फैसले को इमरान खान के लिए एक बड़ी राहत माना जा रहा था, जिसके बाद प्रशासन हरकत में आया।
शफा इंटरनेशनल की जगह सरकारी अस्पताल क्यों ले जाया गया?
सुप्रीम कोर्ट ने इमरान खान को निजी शफा इंटरनेशनल अस्पताल में शिफ्ट करने का आदेश दिया था। लेकिन आधी रात को करीब 800 सुरक्षाकर्मियों के कड़े पहरे में जब काफिला निकला, तो रूट बदलकर उन्हें सरकारी पाकिस्तान इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेज (PIMS) ले जाया गया। इस बदलाव पर सफाई देते हुए पाकिस्तान के सूचना मंत्री अताउल्लाह तरार ने बताया कि शफा इंटरनेशनल अस्पताल के बाहर और रास्ते में पीटीआई कार्यकर्ताओं और समर्थकों की भारी भीड़ जमा हो गई थी। सुरक्षा कारणों और कानून-व्यवस्था की संभावित स्थिति को देखते हुए प्रशासन ने उन्हें तत्काल PIMS अस्पताल ले जाने का फैसला किया। इस दौरान इस्लामाबाद की प्रमुख सड़कों को छावनी में तब्दील कर दिया गया था।
चार घंटे का चेकअप और डॉक्टरों का 'मेडिकली फिट' सर्टिफिकेट
अस्पताल में कार्डियोलॉजिस्ट, नेत्र रोग विशेषज्ञ और फिजिशियन की एक टीम ने इमरान खान के स्वास्थ्य की गहन जांच की। इस पूरी प्रक्रिया के दौरान इमरान खान की बहन डॉ. उजमा खान भी मौजूद थीं। जांच पूरी होने के बाद डॉक्टरों ने एक रिपोर्ट जारी कर कहा कि पूर्व प्रधानमंत्री की स्थिति स्थिर है और उन्हें किसी आपातकालीन या तत्काल अस्पताल में भर्ती रहने की आवश्यकता नहीं है। जैसे ही डॉक्टरों की टीम ने उन्हें 'मेडिकली फिट' घोषित किया, सुरक्षा एजेंसियों ने बिना किसी देरी के सुबह करीब 5:00 बजे उन्हें दोबारा पुलिस वैन में बैठाया और रावलपिंडी की अडियाला जेल भेज दिया।
पीटीआई और परिवार का तीखा हमला: 'अदालत के आदेश का मज़ाक'
इमरान खान को कुछ ही घंटों में वापस जेल भेजे जाने पर उनकी पार्टी पीटीआई और परिवार ने कड़ा विरोध जताया है। इमरान खान की बहन उजमा खानम ने मीडिया से बात करते हुए कहा कि लंबे समय तक जेल में एकांतवास (Isolation) में रहने की वजह से इमरान खान की याददाश्त, मानसिक तनाव और शारीरिक स्वास्थ्य पर बुरा असर पड़ा है। पार्टी नेताओं का कहना है कि सुप्रीम कोर्ट ने विस्तृत जांच और इलाज के लिए अस्पताल में रखने की बात कही थी, लेकिन शहबाज शरीफ सरकार ने अपनी राजनीतिक घबराहट के चलते आधी रात को औपचारिकता निभाकर उन्हें वापस कालकोठरी में धकेल दिया। पार्टी ने इस मामले को लेकर अदालत में अवमानना याचिका दायर करने की चेतावनी भी दी है।
शाहबाज सरकार का रुख और पाकिस्तान में बढ़ता सियासी उबाल
शहबाज सरकार ने पीटीआई के सभी आरोपों को सिरे से खारिज किया है। सरकारी प्रवक्ताओं का दावा है कि कैदी को कानून के दायरे में रहते हुए हर संभव चिकित्सा सुविधा दी जा रही है और कोर्ट के आदेश का पूरी तरह सम्मान किया गया है। हालांकि, राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि सेना समर्थित सरकार को डर है कि अगर इमरान खान लंबे समय तक अस्पताल में रहते हैं, तो अस्पताल के बाहर जुटने वाली भारी भीड़ एक बड़े जनआंदोलन का रूप ले सकती है। यही वजह है कि बेहद गोपनीय और त्वरित तरीके से चेकअप कराकर उन्हें दोबारा जेल की सलाखों के पीछे भेज दिया गया। आने वाले दिनों में यह मामला पाकिस्तान की राजनीति और न्यायपालिका के बीच नए टकराव का कारण बन सकता है।