इमरान खान की जेल में बिगड़ी तबीयत: पाकिस्तान सुप्रीम कोर्ट का बड़ा आदेश, 48 घंटे में शिफा इंटरनेशनल प्राइवेट अस्पताल में भर्ती कराने का निर्देश; 16 सितंबर तक रहेंगे डॉक्टरों की निगरानी में

इमरान खान की जेल में बिगड़ी तबीयत: पाकिस्तान सुप्रीम कोर्ट का बड़ा आदेश, 48 घंटे में शिफा इंटरनेशनल प्राइवेट अस्पताल में भर्ती कराने का निर्देश; 16 सितंबर तक रहेंगे डॉक्टरों की निगरानी में

पाकिस्तान की सियासत और न्यायपालिका के गलियारों से इस वक्त की सबसे बड़ी खबर सामने आई है। रावलपिंडी की उच्च सुरक्षा वाली अदियाला जेल में तीन वर्षों से अधिक समय से कैद पाकिस्तान के पूर्व प्रधानमंत्री और पाकिस्तान तहरीक-ए-इंसाफ (PTI) के संस्थापक इमरान खान की तेजी से बिगड़ती शारीरिक स्थिति पर देश की सर्वोच्च अदालत ने ऐतिहासिक हस्तक्षेप किया है।

पाकिस्तान के सुप्रीम कोर्ट ने मंगलवार को शहबाज शरीफ सरकार और जेल प्रशासन की तमाम दलीलों व आपत्तियों को सिरे से खारिज करते हुए हुक्म दिया है कि 73 वर्षीय इमरान खान को अगले 48 घंटों के भीतर इस्लामाबाद के प्रतिष्ठित निजी अस्पताल 'शिफा इंटरनेशनल हॉस्पिटल' (Shifa International Hospital) में तत्काल स्थानांतरित किया जाए। अदालत के आदेशानुसार इमरान खान 16 सितंबर तक इसी अस्पताल में विशेषज्ञ डॉक्टरों के गहन चिकित्सकीय पर्यवेक्षण में रहेंगे।

जस्टिस शाहिद वहीद की तीन सदस्यीय पीठ का बड़ा फैसला

सुप्रीम कोर्ट के वरिष्ठ न्यायाधीश जस्टिस शाहिद वहीद की अध्यक्षता वाली तीन सदस्यीय विशेष पीठ ने इमरान खान के मौलिक मानवाधिकारों और स्वास्थ्य सुरक्षा को लेकर दायर याचिकाओं पर सुनवाई करते हुए यह युगांतरकारी फैसला सुनाया। इस विशेष पीठ में जस्टिस नईम अख्तर अफगान और जस्टिस इश्तियाक इब्राहिम भी शामिल रहे।

अदालत ने अपने आदेश में स्पष्ट किया कि संविधान के तहत प्रत्येक नागरिक और बंदी को समुचित स्वास्थ्य सेवाएं और जीवन की सुरक्षा प्राप्त करने का बुनियादी मौलिक अधिकार हासिल है। पीठ ने आदेश दिया कि इमरान खान के स्वास्थ्य मूल्यांकन और संपूर्ण उपचार के लिए एक उच्चस्तरीय मेडिकल बोर्ड गठित किया जाए।

इस मेडिकल बोर्ड में इमरान खान के निजी चिकित्सक तथा उनकी बहन डॉ. अलीमा खान (व डॉ. उजमा खान) को भी अनिवार्य रूप से एसोसिएट रखा जाएगा, ताकि इलाज की प्रक्रिया पूरी तरह पारदर्शी रहे और परिवार को किसी भी प्रकार का संदेह न रहे।

मेडिकल रिपोर्ट में चौंकाने वाले खुलासे: आंखों की रोशनी, बीपी और हार्ट रेट में भारी उतार-चढ़ाव

सुप्रीम कोर्ट में प्रस्तुत किए गए गोपनीय मेडिकल रिकॉर्ड्स और विशेषज्ञ डॉक्टरों की आख्या ने इमरान खान की सेहत को लेकर बेहद चिंताजनक तस्वीर पेश की है। मेडिकल बुलेटिन के अनुसार, जेल की संकरी कोठरी और लगातार एकांत कारावास (Solitary Confinement) के चलते उनके शरीर पर गंभीर प्रतिकूल प्रभाव पड़ा है।

रिपोर्ट में दर्ज मुख्य स्वास्थ्य संबंधी आंकड़े निम्नलिखित हैं:

  • आंखों की गंभीर बीमारी: इमरान खान की दाहिनी आंख में सेंट्रल रेटिनल वेन ऑक्लूजन (CRVO) की समस्या पाई गई है, जिसके चलते पिछले महीनों में उनकी एक आंख की रोशनी लगभग 85 प्रतिशत तक कम होने का दावा किया गया था।

  • अनियमित रक्तचाप (Blood Pressure): ताजा जांच में उनका ब्लड प्रेशर 140/80 दर्ज किया गया, जबकि पूर्व में यह 120/80 के सामान्य स्तर पर था।

  • धीमी नाड़ी दर (Bradycardia): इमरान खान की पल्स रेट गिरकर 54 बीट प्रति मिनट (bpm) दर्ज की गई है, जो दिल की धड़कनों में असामान्य गिरावट और अत्यधिक मानसिक तनाव की ओर इशारा करती है।

  • तनाव और घबराहट: रिपोर्ट में अत्यधिक चिंता (Anxiety), अनिद्रा और तंत्रिका तंत्र पर पड़ रहे भारी दबाव का भी उल्लेख किया गया है।

जेल प्रशासन के 'ऑल इज वेल' के दावे की अदालत में खुली पोल

सुप्रीम कोर्ट का यह कड़ा रुख ऐसे समय में सामने आया है जब महज चौबीस घंटे पहले अदियाला जेल प्रशासन ने एक रिपोर्ट जारी कर दावा किया था कि इमरान खान की सेहत बिल्कुल दुरुस्त है और पाकिस्तान इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेज (PIMS) व अल-शिफा ट्रस्ट आई हॉस्पिटल के डॉक्टरों द्वारा किए गए इलाज के बाद उनकी आंखों की रोशनी 'लगभग सामान्य' हो चुकी है।

हालांकि, पीटीआई नेतृत्व, इमरान खान के वकीलों और स्वतंत्र डॉक्टरों ने जेल प्रशासन के इस दावे को झूठा और लीपापोती करार दिया था। याचिकाकर्ताओं ने अदालत को बताया कि सरकारी अस्पतालों में केवल खानापूरी की जा रही है और उचित जांच उपकरणों के अभाव में उनकी स्थिति दिन-ब-दिन बिगड़ती जा रही है, जिसे सुप्रीम कोर्ट ने गंभीरता से संज्ञान में लिया।

पूर्व राष्ट्रपति आरिफ अल्वी ने रिपोर्ट साझा कर जताई थी गहरी चिंता

पाकिस्तान के पूर्व राष्ट्रपति डॉ. आरिफ अल्वी ने भी सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' पर इमरान खान की मेडिकल स्थिति को लेकर बेहद अलार्मिंग पोस्ट साझा की थी। अल्वी ने लिखा था कि एकांतवास पूर्व प्रधानमंत्री के शरीर को अंदर से खोखला कर रहा है।

पूर्व राष्ट्रपति ने चेतावनी दी थी कि "आगामी तीन महीने यह तय करेंगे कि इमरान खान की यह शारीरिक क्षति ठीक हो सकती है या यह समस्या जीवन भर के लिए स्थायी रूप ले लेगी।" उन्होंने अंतरराष्ट्रीय मानवाधिकार संगठनों और न्यायपालिका से अपील की थी कि बिना किसी राजनीतिक दुर्भावना के उन्हें तुरंत स्वतंत्र विशेषज्ञ डॉक्टरों की निगरानी में भेजा जाए।

बेटों और परिवार से मिलने तथा बात करने की मिली छूट

सुप्रीम कोर्ट ने न केवल इमरान खान को निजी अस्पताल में भर्ती कराने का आदेश दिया, बल्कि लंबे समय से परिवार और वकीलों से मिलने पर लगी पाबंदियों को भी काफी हद तक शिथिल कर दिया है।

इमरान खान के वकील उजैर भंडारी और पीटीआई के मुख्य प्रवक्ता जुल्फिकार बुखारी (जुल्फी बुखारी) के अनुसार, अदालत ने निर्देश दिए हैं कि अस्पताल में भर्ती रहने के दौरान उनके परिजनों को उनसे नियमित साप्ताहिक मुलाकात की अनुमति दी जाए। इसके साथ ही ब्रिटेन (लंदन) में रह रहे उनके दोनों बेटों—सुलेमान खान और कासिम खान—से फोन पर नियमित बातचीत कराने का प्रबंध भी सुनिश्चित करने को कहा गया है। ज्ञात रहे कि पिछले कई महीनों से बेटों को पिता से बात करने की इजाजत नहीं दी जा रही थी, जिसे लेकर अंतरराष्ट्रीय मीडिया में भी आवाज उठाई गई थी।

पीटीआई में राहत और जश्न, तीन साल में पहली बार जेल से बाहर आएंगे इमरान

अगस्त 2023 से जेल में बंद इमरान खान के लिए यह पिछले तीन वर्षों में पहला ऐसा अवसर होगा जब वे इतने लंबे समय (लगभग एक माह) तक जेल की सलाखों से बाहर किसी सिविल अस्पताल परिसर में रहेंगे।

पीटीआई के कानूनी पैनल के सदस्य नईम हैदर पंजूठा और जुल्फिकार बुखारी ने अदालत के फैसले का पुरजोर स्वागत करते हुए कहा कि न्याय की जीत हुई है। बुखारी ने कहा, "यह फैसला अगर कुछ महीने पहले आ जाता तो इमरान खान की आंखों और समग्र स्वास्थ्य को इतना बड़ा नुकसान न उठाना पड़ता। हम चाहते हैं कि जब तक विशेषज्ञ डॉक्टर पूरी तरह संतुष्ट न हो जाएं, तब तक उनका इलाज जारी रखा जाए।" सुप्रीम कोर्ट के इस आदेश के बाद पाकिस्तान के विभिन्न शहरों—लाहौर, इस्लामाबाद, पेशावर और कराची—में पीटीआई कार्यकर्ताओं ने राहत की सांस ली है।

अस्पताल के बाहर सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम, छावनी में तब्दील होगा शिफा इंटरनेशनल

इमरान खान को शिफा इंटरनेशनल अस्पताल में शिफ्ट किए जाने के आदेश के साथ ही इस्लामाबाद पुलिस, रेंजर्स और आतंकवाद निरोधक दस्ते (ATF) को अलर्ट पर डाल दिया गया है।

अस्पताल परिसर में पूर्व प्रधानमंत्री के लिए एक विशेष वीवीआईपी मेडिकल सुइट आरक्षित किया जाएगा, जहां त्रिस्तरीय सुरक्षा घेरा रहेगा। अस्पताल के मुख्य प्रवेश द्वारों, गलियारों और संबंधित वार्ड के आसपास भारी सुरक्षा बल तैनात रहेंगे, ताकि किसी भी अप्रिय स्थिति, अनियंत्रित भीड़ या सुरक्षा चूक से निपटा जा सके। प्रशासन ने यह भी सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं कि अस्पताल में आने वाले अन्य सामान्य मरीजों और तीमारदारों को किसी प्रकार की असुविधा न हो।

राजनीतिक तापमान में भारी उबाल, आगामी सुनवाई 16 सितंबर को

तोशाखाना, अल-कादिर ट्रस्ट और गैर-कानूनी निकाह जैसे दर्जनों राजनीतिक व कानूनी मुकदमों में घिरे इमरान खान की यह मेडिकल रिहाई पाकिस्तान के सियासी समीकरणों को पूरी तरह बदल सकती है। हालांकि अदालत ने वकीलों और परिजनों को हिदायत दी है कि वे मेडिकल रिपोर्ट को अनावश्यक रूप से राजनीतिक रंग न दें और इसे केवल स्वास्थ्य सुरक्षा तक सीमित रखें।

अब सबकी निगाहें शिफा इंटरनेशनल अस्पताल के मेडिकल बोर्ड की विस्तृत जांच और 16 सितंबर को होने वाली सुप्रीम कोर्ट की अगली अहम सुनवाई पर टिकी हैं, जहां बोर्ड अपनी अंतिम डायग्नोस्टिक रिपोर्ट अदालत के समक्ष पेश करेगा।

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