पेट्रोल-डीजल सस्ता होने की बढ़ी उम्मीद! कच्चे तेल में 3 महीने की सबसे बड़ी गिरावट, जानिए ट्रंप के किस फैसले से क्रूड ऑयल बाजार में मची खलबली
अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल (Crude Oil) की कीमतों में आई जोरदार गिरावट के बाद भारतीय उपभोक्ताओं के लिए पेट्रोल और डीजल के दाम घटने की उम्मीदें काफी बढ़ गई हैं। वैश्विक ईंधन बाजार में मंगलवार का दिन बड़ी राहत लेकर आया, जहां अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के एक बड़े बयान के बाद कच्चे तेल की अंतरराष्ट्रीय दरों में पिछले तीन महीनों की सबसे बड़ी गिरावट देखने को मिली है।
ट्रंप के एक बयान से क्रूड ऑयल बाजार में बड़ी गिरावट
ब्लूमबर्ग की रिपोर्ट के अनुसार, अमेरिकी मानक कच्चा तेल यानी डब्ल्यूटीआई (WTI) क्रूड सोमवार को 8 प्रतिशत से अधिक टूटकर 82 डॉलर प्रति बैरल के स्तर पर आ गया। वहीं, अंतरराष्ट्रीय मानक ब्रेंट क्रूड में बीते तीन महीनों की सबसे बड़ी गिरावट दर्ज की गई और यह 88.36 डॉलर प्रति बैरल के आसपास बंद हुआ। मीडिया संस्थान एक्सियोस की रिपोर्ट के मुताबिक, अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान पर सैन्य हमलों को फिलहाल रोकने का निर्णय लिया है ताकि दोनों देशों के बीच कूटनीतिक बातचीत को एक और अवसर दिया जा सके। हालांकि, दोनों पक्षों के बीच किसी ठोस समझौते को लेकर अभी स्थितियां पूरी तरह स्पष्ट नहीं हैं।
होर्मुज जलमार्ग पर बनी हुई है वैश्विक कारोबारियों की नजर
चालू महीने के दौरान कच्चे तेल के दामों में काफी उतार-चढ़ाव देखा गया है। शुरुआत में वाशिंगटन और तेहरान के बीच बढ़ता तनाव तथा युद्ध का लाल सागर तक विस्तार होने से तेल की कीमतें आसमान छू रही थीं। हालिया दिनों में तनाव घटने से कीमतें जरूर नीचे आई हैं, लेकिन वैश्विक कारोबारी अभी भी पूरी तरह आश्वस्त नहीं हैं। इसकी मुख्य वजह यह है कि होर्मुज जलमार्ग (Strait of Hormuz) से तेल टैंकरों की आवाजाही अभी तक सामान्य नहीं हो पाई है। ऊर्जा विशेषज्ञ स्कॉट शेल्टन (टीपी आईसीएपी ग्रुप) के अनुसार, जब तक होर्मुज से तेल की वास्तविक आपूर्ति के ठोस सबूत नहीं मिलते, तब तक मध्य पूर्व के संकट को पूरी तरह हल नहीं माना जा सकता।
ईरान और ओमान के बीच जारी है शांति वार्ता
फारस की खाड़ी को वैश्विक बाजारों से जोड़ने वाला होर्मुज जलमार्ग बेहद संवेदनशील माना जाता है, जहां से शांतिकाल के दौरान दुनिया की कुल तेल आपूर्ति का लगभग 20 प्रतिशत हिस्सा गुजरता है। इस जलमार्ग से जहाजों की आवाजाही सामान्य करने के लिए ईरान और ओमान के वार्ताकार तेहरान में मुलाकात कर चुके हैं और वार्ता को आगे बढ़ा रहे हैं। यदि यह प्रयास सफल रहता है, तो ईरान और अमेरिका के बीच औपचारिक युद्धविराम वार्ता शुरू होने का रास्ता साफ हो सकता है।
ईरान ने अमेरिकी ठिकानों पर रोके जवाबी हमले
ट्रंप द्वारा सैन्य कार्रवाई रोकने के फैसले के बाद ईरानी सेना ने भी क्षेत्र में मौजूद अमेरिकी ठिकानों और सैनिकों के खिलाफ अपनी जवाबी कार्रवाई स्थगित करने की घोषणा की है। ज्ञात हो कि अमेरिका द्वारा हमले रोके जाने से पहले के दो हफ्तों में ईरान द्वारा कुवैत, बहरीन और जॉर्डन में स्थित अमेरिकी ठिकानों पर लगातार हमले किए जा रहे थे।
कजाकिस्तान से सप्लाई बहाल, साल के अंत तक आ सकता है तेल सरप्लस
वैश्विक स्तर पर कच्चे तेल की आपूर्ति में आ रही अन्य रुकावटें भी धीरे-धीरे दूर हो रही हैं। कजाकिस्तान के ऊर्जा मंत्रालय के अनुसार, रूस के नोवोरोसिस्क बंदरगाह के पास स्थित कैस्पियन पाइपलाइन कंसोर्टियम टर्मिनल पर यूक्रेनी ड्रोन हमलों के कारण बाधित हुई तेल लोडिंग फिर से शुरू हो गई है। दूसरी ओर, मैक्वायर ग्रुप (Macquarie Group) ने अनुमान जताया है कि यदि अमेरिका और ईरान के बीच समझौता हो जाता है, तो साल की चौथी तिमाही तक अंतरराष्ट्रीय बाजार में रोजाना 20 लाख बैरल का अतिरिक्त तेल सरप्लस (अधिशेष) आ सकता है, जिससे आने वाले समय में पेट्रोल-डीजल की कीमतों में और अधिक गिरावट देखने को मिल सकती है।