गाड़ी से महंगा नंबर! हरिद्वार में VIP नंबर '0009' के लिए लगी ₹5.40 लाख की बोली, देखें अन्य फैंसी नंबरों की रेट लिस्ट
गाड़ियों के शौकीनों में अपने पसंदीदा और खास VIP नंबर (Fancy Registration Numbers) पाने की दीवानगी अक्सर देखने को मिलती है, लेकिन उत्तराखंड के हरिद्वार से एक ऐसा मामला सामने आया है जिसने सभी को हैरान कर दिया है। हरिद्वार परिवहन विभाग द्वारा जैसे ही वाहनों की नई पंजीकरण सीरीज UK08 BM शुरू की गई, आकर्षक नंबरों को हासिल करने के लिए लोगों में होड़ मच गई। ई-नीलामी में एक वाहन स्वामी ने अपनी गाड़ी के लिए ₹5.40 लाख की भारी-भरकम बोली लगाकर UK08 BM 0009 नंबर अपने नाम कर लिया।
लाख-दो लाख नहीं, '0009' और '0001' के लिए लगी बंपर बोली
परिवहन विभाग की ऑनलाइन ई-नीलामी (E-Auction) में कई प्रमुख फैंसी नंबरों के लिए वाहन मालिकों ने दिल खोलकर बोलियां लगाईं। सबसे कड़ी टक्कर 0009 और 0001 नंबरों के बीच देखने को मिली।
देखें किस VIP नंबर की कितने में लगी बोली:
| VIP पंजीकरण नंबर | नीलामी की अंतिम बोली (रुपये में) |
| UK08 BM 0009 | ₹5,40,000 |
| UK08 BM 0001 | ₹4,91,000 |
| UK08 BM 0007 | ₹3,88,000 |
| UK08 BM 0008 | ₹1,73,000 |
| UK08 BM 0002 | ₹1,41,000 |
| UK08 BM 9000 | ₹91,000 |
इन प्रमुख नंबरों के अलावा 0004, 0005, 0006, 1111, 5555, 8888, 0101, 0077, 0099 और 0999 जैसे पसंदीदा डिजिट्स के लिए भी नागरिकों ने खासा उत्साह दिखाया और उनके लिए भी अच्छी खासी रकम चुकाई गई।
परिवहन विभाग और राज्य सरकार को हुआ बंपर राजस्व लाभ
फैंसी नंबरों के प्रति जनता की इस दीवानगी से उत्तराखंड परिवहन विभाग और राज्य सरकार के खजाने में भारी राजस्व प्राप्त हुआ है।
मामले की जानकारी देते हुए सहायक सम्भागीय परिवहन अधिकारी (ARTO प्रशासन, हरिद्वार) श्री निखिल शर्मा ने बताया कि नई सीरीज शुरू होते ही नागरिकों ने VIP नंबरों के लिए अभूतपूर्व उत्साह दिखाया है। उन्होंने कहा:
"परिवहन विभाग की ऑनलाइन ई-ऑक्शन प्रणाली पूर्णतः पारदर्शी, निष्पक्ष और सुविधाजनक है। कोई भी नागरिक निर्धारित सरकारी प्रक्रिया का पालन कर अपनी पसंद का नंबर ऑनलाइन बोली के जरिए प्राप्त कर सकता है। फैंसी नंबरों से मिलने वाला राजस्व राज्य सरकार की आय का एक प्रमुख जरिया है और यह प्रक्रिया आगे भी नियमित रूप से जारी रहेगी।"
पूरी तरह पारदर्शी प्रक्रिया से मिले फैंसी नंबर
आरटीओ अधिकारियों के अनुसार, पहले VIP नंबरों को लेकर सिफारिशें या फर्जीवाड़े की शिकायतें आती थीं, लेकिन ऑनलाइन ई-नीलामी प्रक्रिया लागू होने के बाद से पूरी प्रणाली पारदर्शी हो गई है। अब हर कोई घर बैठे अपनी पसंद के नंबर के लिए बोली लगा सकता है। हरिद्वार की इस नीलामी से यह साफ हो गया है कि लोग अपनी पहचान और स्टेटस सिंबल से जुड़े विशेष गाड़ी नंबरों के लिए लाखों रुपये खर्च करने में बिल्कुल पीछे नहीं हट रहे हैं।