कौन हैं RAF अफसर सोनिया सहरावत? जंतर-मंतर पर लड़की को बचाते टूटा हाथ, अब क्यों खड़ा हुआ विवाद?
राजधानी दिल्ली के जंतर-मंतर पर 'कॉकरोच जनता पार्टी' (CJP) के उग्र प्रदर्शन और संसद मार्च के दौरान भड़की हिंसा में रैपिड एक्शन फोर्स (RAF) की महिला अफसर सोनिया सहरावत चर्चा में आ गई हैं। प्रदर्शन के दौरान उपद्रवियों की भीड़ के बीच एक प्रदर्शनकारी लड़की की जान बचाते वक्त उनका हाथ टूट गया। अपनी बहादुरी से सुर्खियों में आई सोनिया सहरावत अब अपनी एक विवादित सोशल मीडिया पोस्ट को लेकर नए विवादों से घिर गई हैं।
भीड़ से लड़की को बचाते वक्त हुआ फ्रैक्चर
RAF की असिस्टेंट कमांडेंट सोनिया सहरावत ने आपबीती सुनाते हुए बताया कि जंतर-मंतर पर प्रदर्शन के दौरान असामाजिक तत्वों ने जवानों पर जूते-चप्पल और बीयर की बोतलें फेंकनी शुरू कर दी थीं। बैरिकेडिंग तोड़ने और जवानों के हेलमेट खींचने के बीच भगदड़ मच गई। इसी दौरान एक प्रदर्शनकारी लड़की भीड़ के पैरों तले गिर गई। सोनिया उसे बचाने के लिए आगे बढ़ीं, लेकिन धक्का-मुक्की में उनका हाथ फ्रैक्चर हो गया। दिल्ली पुलिस के मुताबिक इस हिंसा में 118 से ज्यादा पुलिसकर्मी घायल हुए हैं और कई FIR दर्ज की जा चुकी हैं।
UPSC क्रैक कर बनीं CRPF अफसर, इंस्टाग्राम पर 6 लाख फॉलोअर्स
हरियाणा के एक साधारण परिवार से ताल्लुक रखने वाली सोनिया सहरावत बचपन से ही सेना और पुलिस सेवा में जाना चाहती थीं। NCC से अनुशासन और प्रशिक्षण सीखने के बाद उन्होंने UPSC CAPF (असिस्टेंट कमांडेंट) की परीक्षा उत्तीर्ण की। ट्रेनिंग के दौरान 52 टांके आने के बावजूद हार न मानने वाली सोनिया जम्मू-कश्मीर जैसे अति-संवेदनशील इलाकों में भी तैनात रह चुकी हैं। पुलिसिंग के साथ-साथ सोनिया सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर भी हैं और इंस्टाग्राम पर उनके 6 लाख से अधिक फॉलोअर्स हैं, जहां वे फिटनेस, डांस रील्स और अपनी लाइफस्टाइल शेयर करती हैं।
इंस्टाग्राम स्टोरी से भड़का नया सियासी विवाद
घायल होने के दो दिन बाद सोनिया सहरावत के इंस्टाग्राम अकाउंट से शेयर की गई एक स्टोरी ने नया विवाद खड़ा कर दिया। पोस्ट में एक मृत कॉकरोच की तस्वीर के साथ लिखा गया था— "खुद को ठीक कर नहीं सकते और देश को ठीक करने चले हैं।" CJP समर्थकों ने इसे प्रदर्शनकारियों का अपमान बताते हुए पलटवार किया और कहा कि "कॉकरोच कभी नहीं मरते।" चौतरफा घिरने के बाद यह पोस्ट हटा ली गई, लेकिन CRPF के भीतर इस अनुशासनहीनता को लेकर आंतरिक जांच और अनुशासनात्मक कार्रवाई की सुगबुगाहट तेज हो गई है।