'सच कहूं दिल टूट गया, मुझे बलि का बकरा बना दिया': पद से हटाए जाने के बाद छलका CJP के पूर्व प्रवक्ता विजेता दहिया का दर्द

'सच कहूं दिल टूट गया, मुझे बलि का बकरा बना दिया': पद से हटाए जाने के बाद छलका CJP के पूर्व प्रवक्ता विजेता दहिया का दर्द

नई दिल्ली: कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के जंतर-मंतर प्रदर्शन और 'संसद मार्च' के दौरान पुलिस कार्रवाई के बीच बर्गर खाते वीडियो वायरल होने पर पद से हटाए गए पूर्व पार्टी प्रवक्ता विजेता दहिया का बड़ा बयान सामने आया है। पार्टी द्वारा सभी जिम्मेदारियों से मुक्त किए जाने के बाद दहिया ने अपनी प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि CJP के इस फैसले से उनका दिल टूट गया है और उन्हें बेवजह "बलि का बकरा" बनाया गया है।

'अभिजीत जब तुम कचौड़ी खा रहे थे, तब हमने तुम्हारा बचाव किया था'

पद से बर्खास्त किए जाने के बाद विजेता दहिया ने एक वीडियो संदेश जारी कर पार्टी नेतृत्व और अपने सहयोगियों पर जमकर भड़ास निकाली। उन्होंने आरोप लगाया कि पार्टी ने ट्रोलर्स के दबाव में आकर यह कदम उठाया है:

  • अभिजीत पर पलटवार: दहिया ने कहा, "अभिजीत ने मुझे फोन करके जंतर-मंतर आने से मना कर दिया। जब मैंने वजह पूछी तो बर्गर वाले वीडियो का हवाला दिया गया। मैंने उनसे कहा कि जब अभिजीत की कचौड़ी खाने वाली वीडियो वायरल हुई थी या जब मार्च के दौरान खुद को बचाने के लिए वे ट्रक पर चढ़े थे, तब भी पूरी टीम ने उनका बचाव किया था।"

  • आंसुओं के गोले और बर्गर विवाद: अपनी सफाई में दहिया ने कहा कि मार्च देर से शुरू हुआ था और वे दो रातों से लगातार प्रदर्शन में डटे हुए थे। पुलिस द्वारा दागे गए आंसू गैस के गोलों से आंखों में जलन होने के बाद वे पास के इलाके में गए थे, जिसे गलत तरीके से पेश किया गया।

'मुझे मनुवादियों ने ट्रोल किया, पार्टी ने घुटने टेक दिए'

विजेता दहिया ने आरोप लगाया कि उन्हें ट्रोल करने वाले आंदोलनकारी छात्र या आम जनता नहीं, बल्कि राजनीतिक विरोधी और 'मनुवादी' तत्व थे:

"मुझे जान से मारने की धमकियां मिल रही थीं। एक ऐसे समय में जब मैं ट्रोल्स और प्रोपेगेंडा से अकेले लड़ रहा था, मेरी अपनी टीम ने ही मुझे बाहर का रास्ता दिखा दिया। मुझे हटाना कोई जिम्मेदारी का काम नहीं बल्कि दबाव के आगे घुटने टेकने जैसा है। फिर भी अगर मेरे हटने से आंदोलन को कोई फायदा होता है, तो यह अच्छी बात है।" - विजेता दहिया (पूर्व CJP प्रवक्ता)

मेट्रो में धक्का-मुक्की और जान से मारने की धमकियां

अपने संदेश में दहिया ने खुलासा किया कि बीते दिनों उनके साथ दो अप्रिय घटनाएं हुईं। जंतर-मंतर से लौटते समय मेट्रो और मॉल के पास कुछ लोगों ने उनके साथ धक्का-मुक्की की और गालियां दीं। उन्होंने कहा कि वैचारिक मतभेदों की वजह से उन्हें निशाना बनाया जा रहा है और CJP नेतृत्व ने संकट के समय उनका साथ देने के बजाय उन्हें किनारे कर दिया।

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