दिलजीत दोसांझ के लाइव कॉन्सर्ट में सुरक्षा का अभेद्य चक्रव्यूह: 700 मीटर पहले थमेंगे पहिए
ग्लोबल म्यूजिक आइकन और पंजाबी सुपरस्टार दिलजीत दोसांझ के आगामी लाइव कॉन्सर्ट को लेकर फैंस का उत्साह इस वक्त सातवें आसमान पर है। राजधानी दिल्ली के प्रतिष्ठित जवाहरलाल नेहरू (JLN) स्टेडियम में आयोजित होने वाले इस मेगा म्यूजिकल इवेंट में उमड़ने वाली पचास हजार से अधिक दर्शकों की भारी भीड़ और हालिया सुरक्षा चिंताओं को देखते हुए दिल्ली पुलिस और प्रशासन ने सुरक्षा का ऐसा अभूतपूर्व खाका खींचा है, जैसा पहले शायद ही किसी संगीत कार्यक्रम के लिए देखा गया हो। देश के अलग-अलग हिस्सों—नोएडा, गुरुग्राम, चंडीगढ़, जयपुर और मुंबई तक से हजारों संगीत प्रेमी अपने चहेते सितारे की लाइव परफॉर्मेंस देखने के लिए जुटने वाले हैं। कार्यक्रम में किसी भी तरह की अव्यवस्था, भगदड़, संदिग्ध गतिविधि या वीआईपी मूवमेंट में खलल से बचने के लिए सुरक्षा एजेंसियों ने वेन्यू को एक तरह से सुरक्षित किले में तब्दील करने का फैसला लिया है। दिल्ली पुलिस और इवेंट मैनेजमेंट कंपनी के बीच हुई उच्चस्तरीय सुरक्षा बैठक के बाद यह तय किया गया है कि आयोजन स्थल के 700 मीटर के दायरे में गाड़ियों के प्रवेश पर पूरी तरह से पाबंदी रहेगी और पूरे परिसर में दो हजार से ज्यादा प्रशिक्षित सुरक्षा गार्ड्स तैनात किए जाएंगे।
स्टेडियम से 700 मीटर पहले नो-व्हीकल जोन और पैदल एंट्री का नियम
ट्रैफिक पुलिस और स्थानीय प्रशासन द्वारा बनाए गए रूट प्लान के तहत जवाहरलाल नेहरू स्टेडियम के चारों ओर करीब 700 मीटर के दायरे को पूरी तरह 'नो-व्हीकल जोन' यानी वाहन-मुक्त क्षेत्र घोषित किया जा रहा है। इसका सीधा मतलब यह है कि किसी भी निजी वाहन, कैब या ऑटो को स्टेडियम के मुख्य प्रवेश द्वारों के नजदीक जाने की अनुमति नहीं होगी। दर्शकों को अपनी गाड़ियां निर्धारित दूरस्थ पार्किंग स्थलों पर खड़ी करनी होंगी और वहां से पैदल चलकर ही सुरक्षा बैरिकेड्स तक पहुंचना होगा। यह कदम स्टेडियम के बाहर लगने वाले भीषण ट्रैफिक जाम को रोकने और आपातकालीन परिस्थितियों में एंबुलेंस या फायर ब्रिगेड जैसी इमरजेंसी सेवाओं के लिए रास्ता हमेशा खुला रखने के उद्देश्य से उठाया गया है। दिल्ली के व्यस्ततम लोधी रोड, बारापुला फ्लाईओवर, जंगपुरा और भीष्म पितामह मार्ग पर ट्रैफिक को डायवर्ट करने के लिए विशेष एडवाइजरी जारी की जा रही है, ताकि आम राहगीरों को भारी जाम की समस्या से न जूझना पड़े।
2000 निजी सुरक्षा गार्ड्स और दिल्ली पुलिस की चाक-चौबंद घेराबंदी
कॉन्सर्ट वेन्यू के अंदर और बाहर कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए करीब 1500 से 2000 निजी सुरक्षा गार्ड्स की एक विशाल टुकड़ी को तैनात किया जा रहा है। इसके साथ ही दिल्ली पुलिस के सैकड़ों जवान, अर्धसैनिक बलों की कंपनियां, कमांडो यूनिट्स और महिला सुरक्षा कर्मी भी चप्पे-चप्पे पर मुस्तैद रहेंगे। निजी गार्ड्स को खासतौर पर क्राउड कंट्रोल, बारकोड वेरिफिकेशन और टिकट स्कैनिंग के दौरान कतारों को अनुशासित रखने की जिम्मेदारी सौंपी गई है। आयोजन स्थल को अलग-अलग सुरक्षा सेक्टर्स में बांटा गया है, जहां प्रत्येक सेक्टर का नेतृत्व एक वरिष्ठ सुरक्षा अधिकारी करेगा। स्टेज के बिल्कुल पास मौजूद वीआईपी लाउंज, फैन पिट और जनरल स्टैंड्स के लिए अलग-अलग सुरक्षा घेरे तैयार किए गए हैं, ताकि भीड़ का अनियंत्रित दबाव मंच की तरफ न बढ़ सके।
एआई पावर्ड सीसीटीवी, ड्रोन सर्विलांस और थ्री-लेयर मेटल डिटेक्टर
भीड़ की निगरानी के लिए पारंपरिक पुलिसिंग के साथ-साथ आधुनिक डिजिटल तकनीक का भी बड़े पैमाने पर इस्तेमाल किया जा रहा है। स्टेडियम के हर कोने, प्रवेश द्वारों, फूड कोर्ट्स और पार्किंग एरिया में सैकड़ों हाई-डेफिनिशन और एआई-सक्षम फेशियल रिकॉग्निशन सीसीटीवी कैमरे लगाए गए हैं, जिनका सीधा कंट्रोल रूम पुलिस के वरिष्ठ अधिकारियों की निगरानी में काम करेगा। आसमान से संदिग्ध गतिविधियों और भीड़ के बहाव पर नजर रखने के लिए एंटी-ड्रोन सिस्टम और सर्विलांस ड्रोन्स को सक्रिय किया जा रहा है। कॉन्सर्ट में प्रवेश करने वाले प्रत्येक व्यक्ति को तीन-स्तरीय सुरक्षा जांच (थ्री-लेयर फ्रिस्किंग) से गुजरना होगा, जिसमें डोर-फ्रेम मेटल डिटेक्टर, हैंड-हेल्ड स्कैनिंग और कड़े बैग-चेक शामिल हैं। आयोजन समिति ने पहले ही स्पष्ट कर दिया है कि पानी की बोतलें, नुकीली चीजें, बड़े बैग, पावर बैंक, सिक्के और किसी भी तरह का भड़काऊ सामान स्टेडियम के भीतर ले जाने पर पूर्ण प्रतिबंध रहेगा।
सुरक्षित कॉन्सर्ट और यादगार म्यूजिकल शाम की मुकम्मल तैयारी
दिलजीत दोसांझ के गानों पर थिरकने का इंतजार कर रहे लाखों प्रशंसकों के लिए यह सुरक्षा चक्रव्यूह थोड़ी असुविधाजनक लग सकता है, लेकिन हाल के वर्षों में बड़े आयोजनों में हुई सुरक्षा चूकों को देखते हुए यह अत्यंत आवश्यक माना जा रहा है। दिल्ली पुलिस ने दर्शकों से अपील की है कि वे समय से कम से कम दो से तीन घंटे पहले वेन्यू पर पहुंचे, सार्वजनिक परिवहन विशेषकर दिल्ली मेट्रो की वॉयलेट लाइन का इस्तेमाल करें और सुरक्षा कर्मियों के साथ पूरा सहयोग करें। इन कड़े और पुख्ता प्रबंधों का एकमात्र मकसद यह सुनिश्चित करना है कि देश और दुनिया से पहुंचे संगीत प्रेमी बिना किसी डर या अव्यवस्था के अपने पसंदीदा कलाकार के लाइव संगीत का सुरक्षित और यादगार आनंद उठा सकें।