अभिजीत दीपके को फिर NDA में शामिल होने का न्योता: केंद्रीय मंत्री रामदास आठवले बोले- अगर वह आते हैं तो मैं उनका स्वागत करूंगा

अभिजीत दीपके को फिर NDA में शामिल होने का न्योता: केंद्रीय मंत्री रामदास आठवले बोले- अगर वह आते हैं तो मैं उनका स्वागत करूंगा

देश के सियासी गलियारों में इन दिनों सामाजिक और छात्र आंदोलनों से चर्चा में आए युवा चेहरों को लेकर राजनीतिक दलों के बीच जबरदस्त दिलचस्पी देखने को मिल रही है। इसी कड़ी में कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के संस्थापक और प्रमुख अभिजीत दीपके को एक बार फिर भारतीय जनता पार्टी के नेतृत्व वाले राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (NDA) के घटक दल में शामिल होने का खुला प्रस्ताव मिला है। केंद्र की मोदी सरकार में सामाजिक न्याय और अधिकारिता राज्य मंत्री तथा रिपब्लिकन पार्टी ऑफ इंडिया (A) के राष्ट्रीय अध्यक्ष रामदास आठवले ने दीपके को अपनी पार्टी में आने का औपचारिक आमंत्रण दिया है। महाराष्ट्र के नागपुर में आयोजित एक प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान केंद्रीय मंत्री ने न केवल अभिजीत दीपके के विचारों की सराहना की, बल्कि यह भी खुलकर कह दिया कि यदि वे उनकी पार्टी से जुड़ने का फैसला करते हैं तो वे व्यक्तिगत रूप से उनका गर्मजोशी से स्वागत करने के लिए पूरी तरह तैयार हैं। इस घटनाक्रम के सामने आते ही महाराष्ट्र से लेकर दिल्ली तक के राजनीतिक हलकों में चर्चाओं का दौर शुरू हो गया है, क्योंकि दीपके हाल के दिनों में सरकार की नीतियों के खिलाफ तीखे तेवर अपनाते रहे हैं।

'बाबासाहेब के मिशन के लिए युवाओं की जरूरत': आठवले का खुला प्रस्ताव

नागपुर में मीडिया से मुखातिब होते हुए केंद्रीय मंत्री रामदास आठवले ने अभिजीत दीपके को न्योता देने के पीछे की वजहों को खुलकर साझा किया। आठवले ने कहा कि दीपके मूल रूप से एक आंबेडकरवादी सोच के युवा हैं। उन्होंने कहा कि रिपब्लिकन पार्टी ऑफ इंडिया की नींव भारत रत्न डॉ. बाबासाहेब आंबेडकर के उच्च मानवीय और सामाजिक समरसता के सिद्धांतों पर रखी गई है। आठवले का मानना है कि बाबासाहेब की बनाई पार्टी को समकालीन दौर में और अधिक धारदार व संगठित बनाने के लिए नई पीढ़ी, विशेषकर जेन-जी (Gen-Z) के ऊर्जावान और बेबाक युवाओं की बेहद जरूरत है। केंद्रीय मंत्री ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि अगर दीपके जैसा सक्रिय और सामाजिक मुद्दों पर बेबाकी से बोलने वाला युवा नेता उनके साथ हाथ मिलाता है, तो यह पार्टी और समाज दोनों के हित में एक बड़ा और सकारात्मक कदम होगा। आठवले ने मीडिया के सामने दो टूक कहा, "अगर वह हमारे साथ आते हैं, तो मैं खुद उनका मंच पर स्वागत करूंगा।"

पहले भी दिया जा चुका है न्योता, दीपके ने उठाए थे सवाल

यह पहला मौका नहीं है जब रामदास आठवले ने अभिजीत दीपके को आरपीआई में शामिल होने का ऑफर दिया हो। इससे पहले अगस्त महीने में भी उन्होंने दीपके को पार्टी का हिस्सा बनने का निमंत्रण भेजा था। उस दौरान आठवले ने उन्हें समाज का युवा चेहरा बताते हुए कहा था कि उन्हें अपनी ऊर्जा को एक संगठित राजनीतिक मंच के जरिए देश निर्माण में लगाना चाहिए। हालांकि, उस समय अभिजीत दीपके ने इस प्रस्ताव पर बेहद सख्त और तंजिया अंदाज में प्रतिक्रिया दी थी। दीपके ने सवाल उठाते हुए कहा था कि जो लोग कुछ समय पहले तक उनके आंदोलनों को कथित तौर पर गलत बता रहे थे, वे अचानक उन्हें अपने पाले में क्यों लाना चाहते हैं? दीपके ने उस वक्त यह भी साफ किया था कि उनका फिलहाल चुनावी राजनीति में कूदने का कोई इरादा नहीं है और वे अपनी टीम के साथ एक इंडिपेंडेंट प्रेशर ग्रुप के रूप में ही जनता के बुनियादी मुद्दों—जैसे शिक्षा सुधार, स्कूल व्यवस्था और छात्रों के अधिकारों—पर जमीनी स्तर पर काम करना जारी रखेंगे।

क्या एनडीए का हिस्सा बनेंगे दीपके या जारी रहेगा स्वतंत्र आंदोलन?

केंद्रीय मंत्री रामदास आठवले की तरफ से दोबारा मिले इस आमंत्रण के बाद अब सबकी निगाहें इस बात पर टिकी हैं कि अभिजीत दीपके का अगला कदम क्या होगा। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि आरपीआई (ए) महाराष्ट्र और देश भर के दलित और आंबेडकरवादी वोट बैंक में अपनी पकड़ को और मजबूत करने के लिए नए और मुखर चेहरों की तलाश में है। दीपके ने हाल के महीनों में दिल्ली के जंतर-मंतर से लेकर महाराष्ट्र के ग्रामीण इलाकों तक कई अभियानों का नेतृत्व किया है, जिससे सोशल मीडिया और युवाओं के बीच उनकी एक अलग पहचान बनी है। हालांकि, दीपके की संस्था सीजेपी (CJP) के अन्य पदाधिकारियों का कहना है कि व्यवस्था के खिलाफ सड़क पर संघर्ष करना और चुनावी राजनीति में किसी गठबंधन का हिस्सा बनना दो बिल्कुल अलग बातें हैं। अब देखना यह होगा कि क्या दीपके केंद्रीय मंत्री के इस ताजे न्योते को स्वीकार कर एनडीए के सहयोगी के रूप में मुख्यधारा की चुनावी राजनीति का रुख करते हैं या फिर वे अपनी स्वतंत्र और आक्रामक आंदोलनकारी छवि के साथ ही आगे बढ़ना पसंद करेंगे।