1.5 करोड़ की 'हनुमान अंश' ने छापे 450 करोड़, अब किस-किस की जेब में जाएगा छप्परफाड़ मुनाफा

1.5 करोड़ की 'हनुमान अंश' ने छापे 450 करोड़, अब किस-किस की जेब में जाएगा छप्परफाड़ मुनाफा

भारतीय सिनेमा के सौ साल से ज्यादा के इतिहास में कई बार ऐसी चमत्कारिक फिल्में आती हैं, जो बड़े-बड़े सुपरस्टार्स, करोड़ों के वीएफएक्स और भारी-भरकम प्रचार के घमंड को एक झटके में चकनाचूर कर देती हैं। साल 2026 में रिलीज हुई आध्यात्मिक फिल्म 'हनुमान अंश' ने बॉक्स ऑफिस पर बिल्कुल ऐसा ही करिश्मा कर दिखाया है। कैंची धाम वाले नीम करोली बाबा के शुरुआती जीवन (लक्ष्मण नारायण शर्मा से नीम करोली बाबा बनने तक की गाथा) पर आधारित इस फिल्म को जब सिनेमाघरों में उतारा गया था, तब किसी ने सपने में भी नहीं सोचा था कि यह कोई रिकॉर्ड बनाएगी। न कोई बड़ा स्टार, न कोई पीआर स्टंट और न ही टीवी पर बड़े विज्ञापन। महज 1.5 करोड़ रुपये से थोड़े ज्यादा के मामूली बजट में बनी इस छोटे से प्रोजेक्ट ने बॉक्स ऑफिस पर 450 करोड़ रुपये के ग्रॉस कलेक्शन के जादुई आंकड़े को पार कर लिया है। अब फिल्म इंडस्ट्री, ट्रेड एनालिस्ट्स और आम दर्शकों के जेहन में सबसे बड़ा सवाल यह उठ रहा है कि जब लागत सिर्फ डेढ़ करोड़ थी और कमाई 450 करोड़ से पार निकल गई, तो आखिर यह छप्परफाड़ मुनाफा किस-किस की जेब में जाएगा और इसका बंटवारा कैसे तय हुआ है?

1.5 करोड़ की लागत और 452 करोड़ का कारोबार: 2026 की सबसे बड़ी प्रॉफिटेबल फिल्म का गणित

व्यापारिक आंकड़ों पर नजर डालें तो 'हनुमान अंश' को रिलीज हुए करीब 84 दिन से ज्यादा का समय हो चुका है और यह अब भी देश के कई सिनेमाघरों में मजबूती से टिकी हुई है। ट्रेड ट्रैकर वेबसाइट्स और बॉक्स ऑफिस रिपोर्ट्स के मुताबिक, फिल्म ने भारत में लगभग 341.71 करोड़ रुपये का नेट कलेक्शन और 403.24 करोड़ रुपये का इंडिया ग्रॉस कलेक्शन दर्ज किया है। वहीं विदेशी बाजारों यानी ओवरसीज से भी फिल्म ने 48.80 करोड़ रुपये से ज्यादा की कमाई की है। इस तरह इसका कुल वर्ल्डवाइड ग्रॉस कलेक्शन 452 करोड़ रुपये के पार पहुंच चुका है। 1.5 करोड़ रुपये के प्रोडक्शन खर्च के मुकाबले इस फिल्म ने 2000% से लेकर 5000% तक का ऐतिहासिक रिटर्न ऑन इन्वेस्टमेंट (ROI) हासिल किया है, जिसने बड़े बजट की कमर्शियल फिल्मों को कोसों पीछे छोड़ दिया है।

थियेटर से जेब तक का सफर: सबसे पहले किन खर्चों और टैक्स की होगी कटौती?

फिल्म की को-प्रोड्यूसर अनुप्रिया नागर ने हाल ही में एक इंटरव्यू के दौरान इस बात की पूरी परतें खोलीं कि 450 करोड़ रुपये के ग्रॉस कलेक्शन का मतलब यह बिल्कुल नहीं होता कि सारा पैसा सीधे मेकर्स के खाते में चला जाएगा। बॉक्स ऑफिस रेवेन्यू के बंटवारे की प्रक्रिया बेहद जटिल होती है। अनुप्रिया के मुताबिक, सबसे पहले ग्रॉस कलेक्शन में से सिनेमाघरों के मालिकों का शेयर (थिएटर शेयर), डिस्ट्रीब्यूशन कमीशन और केंद्र व राज्य सरकारों का एंटरटेनमेंट व जीएसटी टैक्स काटा जाता है। इसके बाद जो रकम फिल्म के प्रोड्यूसर्स यानी मुख्य बैनर के पास पहुंचती है, उसमें से फिल्म के प्रिंट्स, डिजिटल सिनेमा पैकेज (DCP) चार्ज, लोकल पब्लिसिटी और अन्य परिचालन खर्चों का भुगतान किया जाता है। इन सभी अनिवार्य कटौतियों के बाद जो नेट प्रॉफिट (शुद्ध लाभ) बचता है, वही असली मुनाफा होता है जिसे आपस में बांटा जाना तय है।

4 बराबर हिस्सों में बंटेगा शुद्ध मुनाफा: जानिए किन 4 पार्टनर्स के हिस्से आएगा 25-25 प्रतिशत

फिल्म की को-प्रोड्यूसर अनुप्रिया नागर ने खुलकर खुलासा किया कि 'हनुमान अंश' की कोर टीम में शुरू से ही यह तय था कि कंपनी और प्रोजेक्ट के अंदर सभी लोग बराबर के भागीदार रहेंगे। यही वजह है कि तमाम खर्चे और टैक्स चुकाने के बाद बचने वाले शुद्ध मुनाफे को ठीक 4 बराबर हिस्सों यानी 25-25 प्रतिशत में बांटा जाएगा। ये 4 मुख्य हिस्सेदार हैं: फिल्म के लेखक-निर्देशक विशाल चतुर्वेदी, को-प्रोड्यूसर रागिनी सोना, को-प्रोड्यूसर नम्रता सिंह और तीसरी को-प्रोड्यूसर अनुप्रिया नागर।

अनुप्रिया ने बताया कि जब इस फिल्म पर काम शुरू हुआ था, तब विशाल चतुर्वेदी करीब 14 साल से इस कहानी को लेकर भटक रहे थे और कई ओटीटी प्लेटफॉर्म्स ने इसे खारिज कर दिया था। उस कठिन दौर में रागिनी सोना और नम्रता सिंह ने विशाल के विजन पर अटूट भरोसा जताया और प्रोजेक्ट को जमीन पर उतारा। अनुप्रिया खुद पोस्ट-प्रोडक्शन स्टेज के दौरान इस फिल्म से जुड़ी थीं, जब फिल्म की एडिटिंग और फाइनल आउटपुट के लिए पैसों की सख्त जरूरत थी। अनुप्रिया ने अपने पास से 50 लाख रुपये का निवेश किया था, जो फिल्म के कुल बजट का लगभग एक-तिहाई हिस्सा था। अब उसी 50 लाख के निवेश के बदले अनुप्रिया को सिर्फ थिएट्रिकल मुनाफे से ही 50 करोड़ रुपये से ज्यादा मिलने का अनुमान है। ठीक इसी तरह बाकी दो प्रोड्यूसर्स रागिनी और नम्रता को भी मुनाफे का 25-25 फीसदी हिस्सा मिलेगा।

बिना फीस के काम करने वाले डायरेक्टर विशाल चतुर्वेदी कैसे बने 100 करोड़ क्लब के भागीदार?

इस पूरी कहानी का सबसे प्रेरणादायक पहलू इसके निर्देशक विशाल चतुर्वेदी का संघर्ष है। अनुप्रिया नागर ने बताया कि फिल्म बनाते वक्त बजट इतना तंग था कि डायरेक्टर विशाल चतुर्वेदी ने फिल्म के निर्देशन और लेखन के लिए कोई अग्रिम फीस (Advance Remuneration) नहीं ली थी। उन्होंने सिर्फ एक ही शर्त रखी थी कि वे इस पूरे प्रोजेक्ट में बराबर के 25 प्रतिशत प्रॉफिट पार्टनर रहेंगे। जब फिल्म ने 450 करोड़ का कारोबार कर लिया है, तो विशाल चतुर्वेदी का वह 14 साल का तप और जोखिम आज रंग ला चुका है। विशाल को इस शुद्ध मुनाफे से 25 प्रतिशत की सीधी हिस्सेदारी मिलेगी, जो कम से कम 50 से 70 करोड़ रुपये के बीच बैठती है। यह किसी भी नवोदित निर्देशक के लिए भारतीय सिनेमा के इतिहास की सबसे बड़ी व्यक्तिगत कमाई में से एक मानी जा रही है।

क्या कलाकारों को भी मिलेगा मुनाफे में हिस्सा? जानिए एक्टर्स को कितनी मिली थी फीस

अक्सर ऐसी ब्लॉकबस्टर फिल्मों के बाद यह चर्चा भी गर्म होती है कि क्या पर्दे पर अभिनय करने वाले कलाकारों को भी इस 450 करोड़ के मुनाफे में कोई अतिरिक्त हिस्सा या बोनस मिलेगा? मीडिया रिपोर्ट्स और सामने आए ब्योरे के मुताबिक, फिल्म के मुख्य कलाकारों के साथ कोई प्रॉफिट-शेयरिंग एग्रीमेंट नहीं था, बल्कि उन्हें उनके तय कॉन्ट्रैक्ट के आधार पर एकमुश्त फीस दी गई थी। फिल्म में नीम करोली बाबा का मुख्य किरदार निभाने वाले अभिनेता शोभिनव सत्य को करीब 15 लाख रुपये की फीस मिली थी। इसके अलावा अभिनेता चंदन के. आनंद को लगभग 8 लाख रुपये, बाल कलाकार विहान शेडगे को 5 लाख रुपये, वरिष्ठ अभिनेता अनिल रस्तोगी को 4 लाख रुपये, पूर्णिमा तिवारी को 3.5 लाख रुपये और गुलशन पांडे को करीब 3 लाख रुपये का भुगतान किया गया था। हालांकि, फिल्म की ऐतिहासिक सफलता के बाद यह पूरी तरह से चारों प्रोड्यूसर्स और डायरेक्टर के विवेक पर निर्भर करता है कि क्या वे अपनी टीम और कलाकारों को खुशी से कोई विशेष बोनस या उपहार देते हैं।

अभी असली खजाना खुलना बाकी: OTT, सैटेलाइट और म्यूजिक राइट्स से बढ़ेगा कमाई का ग्राफ

थिएटर से 450 करोड़ से ज्यादा बटोरने के बाद भी 'हनुमान अंश' की कमाई की यात्रा अभी खत्म नहीं हुई है। को-प्रोड्यूसर अनुप्रिया ने स्पष्ट किया है कि 50-50 करोड़ रुपये का जो मुनाफा पार्टनर्स के हिस्से में आने का अनुमान लगाया जा रहा है, वह सिर्फ और सिर्फ सिनेमाघरों की टिकट बिक्री से आ रहा है। फिल्म के डिजिटल स्ट्रीमिंग राइट्स (OTT), सैटेलाइट टीवी राइट्स और म्यूजिक राइट्स की बड़ी डील्स अभी पूरी तरह फाइनल होना बाकी हैं। जिस तरह से देश-विदेश में इस फिल्म का बज बना हुआ है, ओटीटी प्लेटफॉर्म्स और बड़े टेलीविजन नेटवर्क्स के बीच इसके राइट्स खरीदने के लिए होड़ मची हुई है। ट्रेड विशेषज्ञों का मानना है कि इन राइट्स के बिकने के बाद फिल्म के खाते में 50 से 80 करोड़ रुपये की अतिरिक्त शुद्ध कमाई जुड़ेगी, जो अंततः इन्हीं चार भागीदारों के बीच 25-25 प्रतिशत के अनुपात में ही बांटी जाएगी।

'हनुमान अंश' का यह ऐतिहासिक बॉक्स ऑफिस सफर यह साबित करता है कि आस्था, मजबूत कंटेंट और सादगी से कही गई कहानी में वह ताकत होती है जो बिना किसी तामझाम के भी दुनिया हिला सकती है। 1.5 करोड़ की लागत से शुरू हुआ यह छोटा सा संकल्प आज चारों पार्टनर्स—विशाल चतुर्वेदी, अनुप्रिया नागर, रागिनी सोना और नम्रता सिंह—को न सिर्फ आर्थिक रूप से बेहद संपन्न बना चुका है, बल्कि इसने बॉलीवुड में स्वतंत्र और लो-बजट सिनेमा के लिए एक नया स्वर्णिम अध्याय भी लिख दिया है।