सपा जिला सचिव पवन यादव हत्याकांड का 24 घंटे में पर्दाफाश: हिस्ट्रीशीटर समेत 3 शूटर गिरफ्तार

सपा जिला सचिव पवन यादव हत्याकांड का 24 घंटे में पर्दाफाश: हिस्ट्रीशीटर समेत 3 शूटर गिरफ्तार

समाजवादी पार्टी के जिला सचिव पवन यादव की दिनदहाड़े गोली मारकर की गई सनसनीखेज हत्या के मामले में पुलिस प्रशासन को बड़ी कामयाबी हाथ लगी है। घटना के बाद इलाके में फैले भारी तनाव, परिजनों के आक्रोश और राजनीतिक हलचल के बीच पुलिस की स्पेशल टीमों ने तत्परता दिखाते हुए महज 24 घंटे के भीतर हत्याकांड का सफल खुलासा कर दिया है।

पुलिस ने मुठभेड़ और घेराबंदी के बाद एक कुख्यात हिस्ट्रीशीटर समेत तीन मुख्य आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है। गिरफ्तार आरोपियों के कब्जे से कत्ल में इस्तेमाल किए गए अवैध तमंचे, जिंदा कारतूस और वारदात में प्रयुक्त मोटरसाइकिल भी बरामद कर ली गई है। पुलिस की शुरुआती पूछताछ में यह साफ हो गया है कि इस खूनी वारदात की जड़ें करोड़ों की विवादित जमीन और पुरानी रंजिश से जुड़ी हुई थीं।

रास्ते में घेरकर बरसाई थीं गोलियां, इलाके में मच गया था हड़कंप

वारदात के दिन सपा जिला सचिव पवन यादव अपनी बाइक से किसी निजी काम के सिलसिले में जा रहे थे। तभी पूर्व नियोजित साजिश के तहत घात लगाए बैठे बाइक सवार बदमाशों ने उन्हें सुनसान रास्ते पर रोक लिया।

प्रत्यक्षदर्शियों और पुलिस जांच के अनुसार, हमलावरों ने बिना किसी बातचीत के पवन यादव पर बेहद करीब से ताबड़तोड़ फायरिंग झोंक दी। सीने और पेट में कई गोलियां लगने के कारण पवन यादव लहूलुहान होकर सड़क पर गिर पड़े। वारदात को अंजाम देकर बदमाश हवा में हथियार लहराते हुए मौके से फरार हो गए। स्थानीय लोगों की मदद से उन्हें फौरन नजदीकी अस्पताल पहुंचाया गया, जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया था। इस घटना के बाद सपा कार्यकर्ताओं और स्थानीय ग्रामीणों ने पुलिस-प्रशासन के खिलाफ जमकर प्रदर्शन किया था।

24 घंटे में ऐसे खुला राज: सर्विलांस और मुखबिर तंत्र से बिछाया जाल

मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए पुलिस के आला अधिकारियों ने तत्काल क्राइम ब्रांच, एसओजी (SOG) और स्थानीय थाने की चार अलग-अलग टीमों का गठन किया था।

पुलिस ने घटनास्थल के आसपास लगे करीब दो दर्जन सीसीटीवी (CCTV) कैमरों के फुटेज खंगाले और पवन यादव के मोबाइल की कॉल डिटेल खंगाली। इसी बीच मुखबिर से सटीक सूचना मिली कि वारदात में शामिल बदमाश शहर छोड़कर भागने की फिराक में हैं। पुलिस टीम ने त्वरित कार्रवाई करते हुए घेराबंदी की और भागने की कोशिश कर रहे हिस्ट्रीशीटर व उसके दो साथियों को दबोच लिया।

जमीन का पुराना विवाद और वर्चस्व की जंग बनी कत्ल की वजह

पुलिस अधिकारियों ने प्रेसवार्ता में खुलासा करते हुए बताया कि मुख्य साजिशकर्ता इलाके का शातिर हिस्ट्रीशीटर है, जिस पर पहले से कई आपराधिक मुकदमे दर्ज हैं।

पूछताछ में आरोपियों ने कुबूल किया कि पवन यादव के साथ हाईवे किनारे स्थित एक बेशकीमती जमीन के सौदे को लेकर लंबे समय से विवाद चल रहा था। इसके अलावा प्रधानी चुनाव और स्थानीय स्तर पर राजनीतिक वर्चस्व को लेकर भी दोनों पक्षों में कई बार कहासुनी हो चुकी थी। आरोपी पक्ष को लग रहा था कि पवन यादव के बढ़ते राजनीतिक रसूख के कारण वे जमीन के सौदे में पिछड़ रहे हैं। इसी खुन्नस में हिस्ट्रीशीटर ने अपने साथियों के साथ मिलकर पवन यादव को रास्ते से हटाने की साजिश रची और वारदात को अंजाम दिया।

शस्त्र और बाइक बरामद, बाकी सहयोगियों पर भी कसेगा शिकंजा

पुलिस ने पकड़े गए तीनों अभियुक्तों के पास से:

  • हत्या में प्रयुक्त अवैध असलहे (315 व 32 बोर के तमंचे)

  • जिंदा व खोखा कारतूस

  • वारदात के समय इस्तेमाल की गई बिना नंबर प्लेट की बाइक बरामद की है।

पुलिस के वरिष्ठ अधिकारियों ने बताया कि आरोपियों के खिलाफ हत्या, साजिश और आर्म्स एक्ट की संगीन धाराओं में मामला दर्ज कर उन्हें न्यायालय में पेश किया जा रहा है, जहां से उन्हें न्यायिक हिरासत में जेल भेजा जाएगा। साथ ही, इस साजिश में शामिल अन्य मददगारों और रेकी करने वालों की तलाश में पुलिस की दबिश जारी है।

Latest Posts