BRICS शिखर सम्मेलन के दौरान दिल्ली में धमाके का दावा निकला झूठा: पाकिस्तान के प्रोपेगैंडा का PIB ने किया पर्दाफाश

BRICS शिखर सम्मेलन के दौरान दिल्ली में धमाके का दावा निकला झूठा: पाकिस्तान के प्रोपेगैंडा का PIB ने किया पर्दाफाश

नई दिल्ली के भारत मंडपम में 18वें ब्रिक्स (BRICS) शिखर सम्मेलन के शांतिपूर्ण और ऐतिहासिक समापन के बाद भारत की वैश्विक साख को नुकसान पहुंचाने और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर सनसनी फैलाने की पड़ोसी मुल्क पाकिस्तान की एक और नापाक साजिश का पर्दाफाश हो गया है। सम्मेलन खत्म होने के ठीक कुछ समय पहले पाकिस्तानी प्रोपेगैंडा और बॉट हैंडल्स द्वारा सोशल मीडिया पर यह दावा तेजी से फैलाया गया कि देश की राजधानी दिल्ली में एक जोरदार धमाका हुआ है, जिसमें आठ लोगों की मौत हो गई है। इस दावे के साथ आग और धुएं से जुड़े पुराने वीडियो भी वायरल किए गए। हालांकि, भारत सरकार के पत्र सूचना कार्यालय (PIB) की फैक्ट-चेक यूनिट ने तुरंत कार्रवाई करते हुए इस झूठी कहानी की धज्जियां उड़ा दीं और स्पष्ट किया कि ब्रिक्स सम्मेलन के दौरान दिल्ली में ऐसी कोई भी अप्रिय घटना नहीं हुई है।

पाकिस्तानी हैंडल्स ने क्या फर्जी दावा फैलाया था?

सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X (पूर्व में ट्विटर), फेसबुक और अन्य ऑनलाइन मंचों पर पाकिस्तानी प्रोपेगैंडा खातों ने एक संगठित अभियान के तहत एक जलती हुई गाड़ी और अफरा-तफरी का वीडियो शेयर करना शुरू किया।

इन पोस्टों में दावा किया गया कि:

  • ब्रिक्स 2026 शिखर सम्मेलन के आधिकारिक समापन से चंद मिनट पहले नई दिल्ली दहल उठी है।

  • कथित धमाके में 8 लोगों की जान चली गई है और कई अन्य घायल हुए हैं।

  • इस झूठी खबर को ऐसे समय पर हवा दी गई जब रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन और चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग समेत दुनिया के ताकतवर नेता भारत में ही मौजूद थे, ताकि सम्मेलन की अभूतपूर्व सुरक्षा व्यवस्था पर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर सवाल खड़े किए जा सकें।

PIB फैक्ट चेक ने सामने रखी सच्चाई: 10 महीने पुराना था वीडियो

पीआईबी (PIB) की फैक्ट-चेक यूनिट ने तत्काल मामले की पड़ताल की और सोशल मीडिया पर विस्तृत स्पष्टीकरण जारी करते हुए इस दावे को पूरी तरह फर्जी और मनगढ़ंत (Fake) करार दिया:

  • पुराना वीडियो: पीआईबी ने साफ किया कि जिस वीडियो को ताजा धमाका बताकर वायरल किया जा रहा है, उसका 12 और 13 सितंबर को दिल्ली में आयोजित ब्रिक्स शिखर सम्मेलन से दूर-दूर तक कोई लेना-देना नहीं है।

  • लाल किला मेट्रो स्टेशन का पुराना फुटेज: जांच में सामने आया कि यह वीडियो 10 नवंबर 2025 को दिल्ली में लाल किला मेट्रो स्टेशन के पास धीमी गति से चल रहे ट्रैफिक के दौरान एक कार में हुए विस्फोट की पुरानी घटना का है। उसी पुराने हादसे और बीबीसी की पुरानी रिपोर्ट की क्लिप को काट-छांट कर शरारती तत्वों द्वारा आज की तारीख से जोड़कर प्रसारित किया गया था।

ब्रिक्स घोषणापत्र में पहलगाम हमले की निंदा से बौखलाया पाकिस्तान

रणनीतिक जानकारों का मानना है कि पाकिस्तान की तरफ से यह फर्जी नैरेटिव गढ़ने की कोशिश दरअसल ब्रिक्स सम्मेलन से मिली कूटनीतिक मार की बौखलाहट का नतीजा है:

  1. नई दिल्ली घोषणापत्र में कड़ा रुख: भारत की मेजबानी में जारी साझा घोषणापत्र में सभी ब्रिक्स देशों ने सर्वसम्मति से सीमा पार आतंकवाद की कड़ी भर्त्सना की और 22 अप्रैल 2025 को जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में हुए आतंकी हमले की स्पष्ट शब्दों में निंदा की, जिसे पाकिस्तान समर्थित आतंकियों ने अंजाम दिया था।

  2. अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अलग-थलग होना: सम्मेलन में आतंकवाद के किसी भी स्वरूप को स्वीकार न करने और आतंकियों के मददगारों को जवाबदेह ठहराने का कड़ा संदेश दिया गया।

  3. सुरक्षा में कोई सेंध नहीं: भारत मंडपम और राजधानी दिल्ली में एनएसजी, अर्धसैनिक बलों, एंटी-ड्रोन सिस्टम और दिल्ली पुलिस के अभेद्य सुरक्षा घेरे के बीच पूरा शिखर सम्मेलन शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हुआ। जब पाकिस्तान जमीनी स्तर पर कोई हलचल नहीं कर सका, तो उसने सोशल मीडिया पर 'फेक न्यूज वॉर' का सहारा लिया।

पीआईबी की नागरिकों से अपील: अफवाहों से रहें सावधान

पीआईबी फैक्ट चेक ने आम नागरिकों, मीडिया संस्थानों और सोशल मीडिया यूजर्स से अपील की है कि किसी भी सनसनीखेज दावे या असत्यापित वीडियो को आगे शेयर करने से बचें। किसी भी घटना की पुष्टि केवल आधिकारिक सरकारी प्रवक्ताओं, पुलिस बुलेटिन या विश्वसनीय मुख्यधारा के समाचार माध्यमों से ही की जानी चाहिए। देश की सुरक्षा एजेंसियों और साइबर सेल ने ऐसे भ्रामक व फर्जी वीडियो फैलाने वाले सोशल मीडिया हैंडल्स की पहचान कर उनके खिलाफ कानूनी कार्रवाई और अकाउंट ब्लॉक करने की प्रक्रिया शुरू कर दी है।

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