'तुम भारत के माइकल जैक्सन बन सकते हो': जब अरिजीत सिंह ने काजी तौकीर को दी थी यह अनोखी सलाह

'तुम भारत के माइकल जैक्सन बन सकते हो': जब अरिजीत सिंह ने काजी तौकीर को दी थी यह अनोखी सलाह

टेलीविजन के मशहूर सिंगिंग रियलिटी शो 'फेम गुरुकुल' (Fame Gurukul) के दौर को भारतीय टेलीविजन के इतिहास में रियलिटी शोज का स्वर्णिम काल माना जाता है। वर्ष 2005 में प्रसारित हुए इस शो ने देश को दो ऐसे चेहरे दिए जिनकी राहें आगे चलकर पूरी तरह जुदा हो गईं—एक तरफ अपनी गायकी और सादगी से दुनिया भर के दिलों पर राज करने वाले पार्श्वगायक अरिजीत सिंह और दूसरी तरफ अपने स्टाइल, स्वैग और जबर्दस्त स्टेज प्रजेंस से शो के विजेता बने काजी तौकीर। हाल के दिनों में काजी तौकीर के रियलिटी टीवी स्पेस में दोबारा सुर्खियों में आने के बाद दोनों कलाकारों के पुराने दिनों की बॉन्डिंग और बातचीत के कई अनसुने किस्से एक बार फिर इंटरनेट पर तैरने लगे हैं। ऐसा ही एक दिलचस्प वाकया वह है जब अरिजीत सिंह ने गुरुकुल के दिनों में काजी तौकीर की असीम लोकप्रियता और डांसिंग स्टाइल को देखकर उनसे कहा था कि वे 'भारत के माइकल जैक्सन' बन सकते हैं।

'फेम गुरुकुल' के दिनों में अरिजीत और काजी की अनोखी केमिस्ट्री

शो के दौरान काजी तौकीर और अरिजीत सिंह दोनों ही टॉप कंटेस्टेंट्स में शुमार थे, लेकिन दोनों का मिजाज और हुनर एक-दूसरे से बिल्कुल उलट था। अरिजीत सिंह जहां शास्त्रीय संगीत की गहरी समझ, रियाज और अपनी रूहानी आवाज के लिए जाने जाते थे और अक्सर जजों के सबसे पसंदीदा गायक रहते थे, वहीं काजी तौकीर सुरों के मामले में भले ही थोड़े कच्चे माने जाते थे, लेकिन उनके पास एक ऐसा असाधारण चार्म, स्टाइल और डांसिंग एबिलिटी थी जिसने पूरे देश के दर्शकों को उनका दीवाना बना दिया था।

गुरुकुल के कमरों में रिहर्सल के दौरान जब काजी अपने बाल झटकते हुए पॉप गानों पर थिरकते थे, तो बाकी कंटेस्टेंट्स दंग रह जाते थे। इसी दौरान एक बातचीत में अरिजीत सिंह ने काजी के आत्मविश्वास और स्टेज करिश्मे को देखते हुए कहा था कि अगर वे अपनी गायकी के साथ-साथ परफॉर्मेंस और डांस पर सही दिशा में काम करें, तो वे भारत के अगले माइकल जैक्सन बन सकते हैं, क्योंकि उस दौर में भारत में गाते हुए डांस करने वाले पॉप स्टार्स की भारी कमी थी।

सुरों के उस्ताद बनाम जनता के चहेते रॉकस्टार की जंग

उस दौर में यह मुकाबला बेहद दिलचस्प हो गया था। जजों (जावेद अख्तर, शंकर महादेवन और केके) द्वारा कई बार तकनीकी खामियों के चलते काजी को डेंजर जोन में डाला जाता था, लेकिन जनता की अंधाधुंध वोटिंग उन्हें हर हफ्ते बचा लेती थी।

दूसरी ओर, अरिजीत सिंह लगातार बेहतरीन परफॉर्मेंस देने के बावजूद वोटों की कमी के चलते फाइनल से पहले ही शो से बाहर (एलिमिनेट) हो गए थे। उस वक्त अरिजीत ने खेल भावना दिखाते हुए हमेशा काजी की लोकप्रियता का सम्मान किया था। काजी ने रूपरेखा बनर्जी के साथ मिलकर 'फेम जोड़ी' का खिताब और ट्रॉफी अपने नाम की थी।

समय का चक्र: एक बना संगीत का बेताज बादशाह, दूसरा तलाश रहा नया मुकाम

शो खत्म होने के बाद दोनों कलाकारों के करियर ने जो मोड़ लिया, वह आज भी संगीत जगत में एक बड़े सबक के रूप में देखा जाता है। शो जीतने के बाद काजी का एलबम 'ये पल' आया, जिसे काफी पसंद किया गया, लेकिन धीरे-धीरे वे मुख्यधारा के बॉलीवुड संगीत से दूर होते चले गए।

वहीं, शो से बाहर होने के बाद अरिजीत सिंह ने हार नहीं मानी। उन्होंने संगीतकार प्रीतम के साथ कई वर्षों तक म्यूजिक प्रोग्रामर और असिस्टेंट के तौर पर जमीन से जुड़कर काम किया। इसके बाद 2013 में 'आशिकी 2' के गाने 'तुम ही हो' से जो आंधी आई, उसने अरिजीत सिंह को भारतीय संगीत इतिहास के सबसे बड़े और सबसे महंगे सिंगर्स की कतार में ला खड़ा किया।

सालों बाद क्यों ताजा हुई यह पुरानी याद?

हाल ही में काजी तौकीर के दोबारा चर्चा में आने और उनकी पुरानी जर्नी को याद किए जाने के बाद सोशल मीडिया यूजर्स 'फेम गुरुकुल' के उन पुराने पलों को शेयर कर रहे हैं।

फैंस का कहना है कि अरिजीत सिंह ने उस समय काजी की उस खास यूएसपी को बिल्कुल सही पहचाना था—काजी में एक परफॉर्मर और पॉप आइकन बनने की पूरी काबिलियत थी। हालांकि समय और प्राथमिकताओं ने दोनों को अलग-अलग मुकाम पर पहुंचाया, लेकिन गुरुकुल के दिनों की अरिजीत की यह सलाह दर्शाती है कि वे अपने शुरुआती दिनों से ही दूसरों की खूबियों को सराहने का बड़ा दिल रखते थे।

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