'ममता' का साथ छोड़ NDA की शरण में! संसद की 'मंगल मिलन' बैठक में पहुंचीं सायोनी घोष, क्या बीजेपी में होगा NCPI का विलय?
पश्चिम बंगाल की राजनीति और देश के संसदीय गलियारों में एक नया और बड़ा सियासी उलटफेर देखने को मिल रहा है। तृणमूल कांग्रेस (TMC) से बगावत कर नेशनल सिटिजन्स पार्टी ऑफ इंडिया (NCPI) में शामिल होने वाले 20 बागी सांसद मंगलवार को संसद भवन परिसर में आयोजित नेशनल डेमोक्रेटिक अलायंस (NDA) की 'मंगल मिलन' बैठक में शामिल हुए।
कभी पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी की बेहद करीबी मानी जाने वालीं जादवपुर की सांसद सायोनी घोष, वरिष्ठ नेता काकोली घोष दस्तीदार और बीरभूम की सांसद शताब्दी रॉय समेत NCPI के सांसदों की इस उपस्थिति ने बंगाल से लेकर दिल्ली तक सियासी हलचल बढ़ा दी है।
पीएम मोदी की मौजूदगी में NDA बैठक में शामिल हुईं सायोनी घोष
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह और बीजेपी के वरिष्ठ नेताओं की मौजूदगी में हुई इस एनडीए संसदीय दल की बैठक में पहली बार इन बागी सांसदों ने अपनी औपचारिक उपस्थिति दर्ज कराई।
बैठक में शामिल होने के बाद NCPI सांसद सायोनी घोष ने मीडिया से बातचीत करते हुए कहा:
"मैंने एनडीए की बैठक में हिस्सा लिया। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की गरिमामयी मौजूदगी में यह एक बेहद ज्ञानवर्धक और सकारात्मक बैठक थी। बैठक के दौरान फ्री ट्रेड एग्रीमेंट्स (FTAs) और देश के विकास पर सकारात्मक चर्चा हुई। हम सभी को संसद में लाए जा रहे एंटी-पेपर लीक विधेयक का समर्थन करना चाहिए।"
वहीं, सांसद काकोली घोष दस्तीदार ने बताया कि यह पहला मौका है जब NCPI के 20 सांसदों को एनडीए की 'मंगल मिलन' बैठक में आमंत्रित किया गया, जहां उन्हें देश की प्रगति, किसानों के मुद्दों और अंतरराष्ट्रीय व्यापार समझौतों की जानकारी साझा की गई।
शुभेंदु अधिकारी से मुलाकात की तैयारी: क्या बीजेपी में होगा विलय?
दिल्ली के राजनीतिक गलियारों में इस बात की जोरदार चर्चा है कि ये बागी सांसद पश्चिम बंगाल विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष और बीजेपी नेता शुभेंदु अधिकारी से दिल्ली स्थित 'बंग भवन' में मुलाकात कर सकते हैं।
हालांकि, अभी तक न तो बीजेपी और न ही NCPI ने आधिकारिक तौर पर किसी विलय (Merger) की पुष्टि की है, लेकिन 20 सांसदों के इस समूह का बीजेपी में विलय या एनडीए के साथ औपचारिक समर्थन का रास्ता साफ होता दिख रहा है। हालांकि, लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला की ओर से अभी तक इन 20 सांसदों के दल-बदल को लेकर औपचारिक आदेश जारी होना बाकी है, लेकिन संसद भवन में उनके बैठने की व्यवस्था पहले ही बदल दी गई है।
संसद में 'पब्लिक एग्जामिनेशन संशोधन विधेयक 2026' पर अहम रणनीति
एनडीए की इस 'मंगल मिलन' बैठक का आयोजन ऐसे समय में हुआ जब लोकसभा में पब्लिक एग्जामिनेशन (प्रिवेंशन ऑफ अनफेयर मीन्स) संशोधन विधेयक, 2026 पर महत्वपूर्ण बहस होनी तय है।
संसद में NEET पेपर लीक और परीक्षा धांधली को लेकर चल रहे हंगामे के बीच केंद्र सरकार ने इस संशोधन विधेयक के जरिए नकल और पेपर लीक के मामलों में सख्त सजा (5 से 10 साल की जेल और ₹50 लाख तक जुर्माना) का प्रावधान किया है। एनडीए बैठक में इस विधेयक को पारित कराने और विपक्ष के सवालों का एकजुट होकर जवाब देने की रणनीति तैयार की गई।