चंडीगढ़ बनेगा इंटरनेशनल टूरिज्म और फिल्म शूटिंग का नया हब, पीएम मोदी ने यूनेस्को हेरिटेज और विकास योजनाओं
देश के पहले सुनियोजित शहर चंडीगढ़ को लेकर केंद्र सरकार ने अब तक का सबसे बड़ा विजन तैयार किया है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने एक उच्च स्तरीय बैठक के दौरान केंद्र शासित प्रदेश चंडीगढ़ में पर्यटन की असीम संभावनाओं, यूनेस्को विश्व धरोहर की वर्तमान स्थिति और राष्ट्रीय-अंतरराष्ट्रीय फिल्म निर्माण के लिए अनुकूल माहौल तैयार करने की दिशा में हो रहे कार्यों की विस्तृत जानकारी ली। दिल्ली से लेकर चंडीगढ़ के प्रशासनिक गलियारों तक इस समीक्षा बैठक की गूंज सुनाई दे रही है। माना जा रहा है कि यह पहल न केवल चंडीगढ़ बल्कि पंजाब, हरियाणा और हिमाचल प्रदेश के ट्राइसिटी और आसपास के पूरे इलाके के आर्थिक परिदृश्य को नई रफ्तार देगी। पिछले कुछ वर्षों में सिटी ब्यूटीफुल ने बुनियादी ढांचे के स्तर पर जो प्रगति की है, उसे अब वैश्विक पटल पर भुनाने की तैयारी तेज कर दी गई है।
यूनेस्को धरोहर कैपिटल कॉम्प्लेक्स को मिलेगा इंटरनेशनल टूरिज्म मैप पर नया मुकाम
बैठक में सबसे अहम बिंदु स्विस-फ्रांसीसी वास्तुकार ली कोर्बुजिए द्वारा डिजाइन किए गए ऐतिहासिक कैपिटल कॉम्प्लेक्स का संरक्षण और इसे सैलानियों के लिए और अधिक सुलभ बनाना रहा। वर्ष 2016 में यूनेस्को द्वारा विश्व धरोहर घोषित किए जाने के बावजूद आम पर्यटकों और विदेशी मेहमानों के लिए यहां तक पहुंचना प्रशासनिक औपचारिकताओं और सुरक्षा प्रोटोकॉल के चलते थोड़ा पेचीदा रहता था। प्रधानमंत्री ने स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि विरासत की सुरक्षा और उसकी भव्यता से कोई समझौता किए बिना यहां ई-परमिट प्रणाली, गाइडेड हेरिटेज वॉक और डिजिटल इंटरप्रिटेशन सेंटर्स को और ज्यादा आधुनिक बनाया जाए। ओपन हैंड मॉन्यूमेंट, पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट, विधानसभा और सचिवालय जैसी ऐतिहासिक इमारतों के स्थापत्य को देखने आने वाले शोधकर्ताओं और पर्यटकों के लिए विश्वस्तरीय सुविधाएं जुटाई जाएंगी ताकि यह धरोहर सिर्फ प्रशासनिक केंद्र न रहकर वैश्विक सांस्कृतिक केंद्र बने।
बॉलीवुड और रीजनल सिनेमा के लिए वन-स्टॉप शूटिंग हब बनने की राह
चंडीगढ़ की खुली चौड़ी सड़कें, शांत वातावरण, लश-ग्रीन पार्क और ऐतिहासिक वास्तुकला हमेशा से फिल्म निर्माताओं को लुभाती रही है। प्रधानमंत्री के साथ चर्चा में यह बात प्रमुखता से उभरी कि पंजाब, हरियाणा और हिमाचल की तलहटी में स्थित यह शहर उत्तर भारत की सबसे मुफीद शूटिंग डेस्टिनेशन बन सकता है। सिंगल विंडो क्लीयरेंस सिस्टम को पूरी तरह डिजिटल और पारदर्शी बनाकर फिल्म क्रू को 48 से 72 घंटों में सभी अनुमतियां देने का मॉडल तैयार किया जा रहा है। इसके साथ ही सुखना लेक, रॉक गार्डन, रोज गार्डन और सेक्टर-17 के प्लाजा को फिल्मों, ओटीटी सीरीज और अंतरराष्ट्रीय डॉक्यूमेंट्रीज के लिए शूटिंग फ्रेंडली जोन के रूप में प्रमोट किया जाएगा। स्थानीय कलाकारों, तकनीशियनों, होटल इंडस्ट्री और ट्रांसपोर्ट सेक्टर को इससे सीधा रोजगार मिलने की उम्मीद है, जिससे ट्राइसिटी में एक मजबूत लोकल इकोनॉमी का ढांचा खड़ा होगा।
सुखना लेक से लेकर शिवालिक की वादियों तक ग्रीन और इको-टूरिज्म का नया मॉडल
समीक्षा बैठक के दौरान पर्यावरण संरक्षण और सतत विकास को केंद्र में रखते हुए पर्यटन को विस्तार देने पर गहन मंथन हुआ। सुखना वाइल्डलाइफ सेंचुरी, बर्ड पार्क और बटरफ्लाई पार्क को पर्यावरण-संवेदनशील ईको-टूरिज्म सर्किट के तौर पर विकसित किया जा रहा है। अधिकारियों ने प्रधानमंत्री को बताया कि चंडीगढ़ का ग्रीन कवर देश के कई प्रमुख शहरों से कहीं बेहतर है और इसी खूबी को ध्यान में रखकर इलेक्ट्रिक बोटिंग, साइकिलिंग ट्रेल्स और सोलर-पावर्ड पब्लिक ट्रांसपोर्ट को बढ़ावा दिया जा रहा है। पर्यटकों को बिना किसी कार्बन उत्सर्जन के पूरे शहर का भ्रमण कराने के लिए डेडिकेटेड ग्रीन कॉरिडोर तैयार किए जा रहे हैं। इससे पर्यावरण संतुलन बिगड़े बिना चंडीगढ़ आने वाले परिवारों और युवाओं को प्रकृति के बीच एक अनूठा अनुभव मिल सकेगा।
इंफ्रास्ट्रक्चर, एयर कनेक्टिविटी और नाइट टूरिज्म से बदलेगी शहर की तस्वीर
किसी भी पर्यटन स्थल की रीढ़ उसकी कनेक्टिविटी होती है। शहीद भगत सिंह इंटरनेशनल एयरपोर्ट चंडीगढ़ से घरेलू और सीधी अंतरराष्ट्रीय उड़ानों के विस्तार को लेकर भी उच्च स्तर पर चर्चा की गई है। यूरोप, खाड़ी देशों और दक्षिण-पूर्व एशिया से सीधे पर्यटकों को आकर्षित करने के लिए एविएशन और हॉस्पिटैलिटी सेक्टर के साथ मिलकर स्पेशल टूरिज्म पैकेज तैयार किए जाएंगे। इसके अलावा लंबे समय से चंडीगढ़ में नाइट टूरिज्म और कल्चरल नाइट्स की मांग की जा रही थी। अब सेक्टर-17 के अर्बन प्लाजा और लेकफ्रंट पर लाइट एंड साउंड शो, ओपन-एयर एम्फीथिएटर प्रोग्राम और वीकेंड कल्चरल कार्निवल की रूपरेखा तय की जा रही है ताकि शाम ढलने के बाद भी शहर में चहल-पहल बनी रहे और टूरिस्ट्स का स्टे टाइम बढ़ सके।
लोकल व्यापारियों और युवाओं के लिए खुलेंगे रोजगार के नए दरवाजे
प्रधानमंत्री द्वारा चंडीगढ़ के पर्यटन पर केंद्रित इस विशेष समीक्षा का सीधा असर यहां के मध्यम और छोटे व्यापारियों, रेस्टोरेंट संचालकों और टैक्सी ऑपरेटरों पर पड़ेगा। जब कोई शहर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर फिल्म प्रोडक्शन और हेरिटेज टूरिज्म के केंद्र के रूप में स्थापित होता है, तो उसका मल्टीप्लायर इफेक्ट हर सेक्टर में दिखाई देता है। प्रशासन अब कौशल विकास कार्यक्रमों के तहत युवाओं को हेरिटेज गाइड, हॉस्पिटैलिटी मैनेजमेंट और फिल्म प्रोडक्शन लॉजिस्टिक्स की ट्रेनिंग देने की योजना बना रहा है। आधुनिक आर्किटेक्चर, प्राकृतिक सुंदरता और सुगम कानून व्यवस्था के दम पर चंडीगढ़ अब अपनी पहचान केवल एक शांत रिटायर्ड सिटी की जगह उत्तर भारत के सबसे जीवंत, सुरक्षित और आधुनिक टूरिज्म हब के रूप में दर्ज कराने के लिए पूरी तरह तैयार नजर आ रहा है।