दिल्ली में पुलिस डिटेंशन के बाद पंजाब कांग्रेस का बड़ा यू-टर्न: टलने के कुछ ही घंटों बाद चंडीगढ़ में बुलाई गई अहम बैठक

दिल्ली में पुलिस डिटेंशन के बाद पंजाब कांग्रेस का बड़ा यू-टर्न: टलने के कुछ ही घंटों बाद चंडीगढ़ में बुलाई गई अहम बैठक

चंडीगढ़ / नई दिल्ली: पंजाब विधानसभा चुनाव की तैयारियों को लेकर पंजाब कांग्रेस की राजनीति में बुधवार को बड़ा घटनाक्रम देखने को मिला। दिल्ली में नीट (NEET) मुद्दे को लेकर हुए भारी हंगामे और नेताओं के पुलिस डिटेंशन (हिरासत) के चलते जिस रणनीतिक बैठक को स्थगित करने की घोषणा की गई थी, उस पर पार्टी ने कुछ ही घंटों के भीतर यू-टर्न ले लिया।

पंजाब प्रदेश प्रभारी भूपेश बघेल की अध्यक्षता में यह महत्वपूर्ण बैठक बुधवार शाम 6:30 बजे चंडीगढ़ स्थित इंदिरा भवन में आयोजित की गई।

दिल्ली प्रदर्शन और नेताओं की हिरासत के बाद क्यों हुआ अचानक फैसला?

दरअसल, नीट-यूजी पेपर लीक मामले को लेकर दिल्ली में प्रधानमंत्री आवास की ओर मार्च कर रहे कांग्रेस के शीर्ष नेताओं को दिल्ली पुलिस ने हिरासत में ले लिया था।

  • हिरासत में लिए गए दिग्गज: लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी के साथ पंजाब कांग्रेस अध्यक्ष अमरिंदर सिंह राजा वड़िंग, पूर्व मुख्यमंत्री एवं चुनाव अभियान समिति के अध्यक्ष चरणजीत सिंह चन्नी, और कोर कमेटी अध्यक्ष सुखजिंदर सिंह रंधावा को पुलिस ने हिरासत में लिया था।

  • अचानक यू-टर्न: शीर्ष नेताओं की डिटेंशन की वजह से बैठक को पहले रद्द/स्थगित करने का फैसला लिया गया, लेकिन नेताओं की रिहाई के बाद चुनावी तैयारियों की तात्कालिकता को देखते हुए इसे शाम को ही तय कार्यक्रम के अनुसार कराने का अंतिम निर्णय लिया गया।

अंदरूनी गुटबाजी के बीच पहली बार एक साथ बैठेंगे राजा वड़िंग और चन्नी

यह बैठक राजनीतिक और संगठनात्मक दृष्टि से पंजाब कांग्रेस के लिए अत्यंत संवेदनशील मानी जा रही है:

  1. आंतरिक कलह पर विराम की कोशिश: 1 जुलाई को घोषित चुनाव समितियों के बाद चरणजीत सिंह चन्नी समर्थक गुट ने अमरिंदर सिंह राजा वड़िंग को प्रदेश अध्यक्ष बनाए रखने पर असंतोष जताया था। हालांकि, कांग्रेस हाईकमान के कड़े रुख और भूपेश बघेल की मध्यस्थता के बाद यह विवाद शांत हुआ है।

  2. एकजुटता का संदेश: इस बैठक में पहली बार राजा वड़िंग और चरणजीत सिंह चन्नी एक मंच पर बैठकर चुनाव प्रबंधन और सीट शेयरिंग/प्रत्याशी चयन की प्राथमिकताओं पर विस्तृत चर्चा कर रहे हैं।

बैठक का मुख्य एजेंडा: 21 वरिष्ठ नेताओं की मौजूदगी

चंडीगढ़ में आयोजित इस बैठक में चुनाव समितियों के अध्यक्षों और लगभग 21 वरिष्ठ नेताओं ने भाग लिया। बैठक के मुख्य बिंदु निम्नलिखित हैं:

  • बूथ-स्तर समन्वय: राज्य भर में बूथ-स्तर की कमेटियों का पुनर्गठन और पन्ना प्रमुखों की जवाबदेही तय करना।

  • चुनावी घोषणा पत्र और रोडमैप: पंजाब सरकार की नाकामियों को जनता के बीच ले जाने के लिए अभियान का खाका।

  • समितियों की जिम्मेदारियां: चुनाव प्रबंधन, मीडिया रणनीति और प्रचार अभियानों के लिए विभिन्न कोर कमेटियों के कार्यों को अंतिम रूप देना।

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