'केजरीवाल चुप्पी तोड़ो, इस्तीफा लो': पंजाब पेपर लीक मामले पर संसद परिसर में NDA का जोरदार प्रदर्शन
देशभर में नीट (NEET) परीक्षा विवाद के बीच अब पंजाब में हुए कथित पेपर लीक मामले को लेकर देश की राष्ट्रीय राजनीति गरमा गई है। मंगलवार (28 जुलाई 2026) को संसद के मानसून सत्र के दौरान नेशनल डेमोक्रेटिक अलायंस (NDA) के सांसदों ने संसद भवन परिसर के मकर द्वार पर आम आदमी पार्टी (AAP) सरकार के खिलाफ जोरदार विरोध प्रदर्शन किया।
प्रदर्शनकारी सांसदों ने हाथों में तख्तियां लेकर आम आदमी पार्टी के संयोजक अरविंद केजरीवाल और पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान के खिलाफ जमकर नारेबाजी की और पंजाब के शिक्षा मंत्री हरजोत सिंह बैंस के तत्काल इस्तीफे की मांग की।
संसद के मकर द्वार पर NDA का प्रदर्शन: 'शिक्षा मंत्री का लो इस्तीफा'
संसद के मकर द्वार पर एकत्र हुए भारतीय जनता पार्टी (BJP) और सहयोगी दलों के सांसदों ने पंजाब में बार-बार हो रही परीक्षा सुरक्षा में चूक को लेकर AAP सरकार को आड़े हाथ लिया।
प्रदर्शन के दौरान गूंजे मुख्य नारे:
"केजरीवाल चुप्पी तोड़ो, शिक्षा मंत्री से इस्तीफा लो!"
"छात्रों के भविष्य से खिलवाड़ बंद करो!"
बीजेपी नेताओं का कहना है कि आम आदमी पार्टी एक तरफ 'ज़ीरो पेपर लीक' और ईमानदारी का ढिंढोरा पीटती है, वहीं दूसरी तरफ पंजाब में एक के बाद एक सरकारी भर्ती परीक्षाओं की शुचिता भंग हो रही है।
फार्मेसी ऑफिसर भर्ती परीक्षा में धांधली का आरोप
इस ताजा राजनीतिक घमासान की मुख्य वजह 19 जुलाई 2026 को आयोजित हुई फार्मेसी ऑफिसर भर्ती परीक्षा है।
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परीक्षा का ब्योरा: बाबा फरीद यूनिवर्सिटी ऑफ हेल्थ साइंसेज (BFUHS) द्वारा 454 पदों के लिए आयोजित इस परीक्षा में लगभग 7,000 उम्मीदवार शामिल हुए थे।
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धांधली का तरीका: आरोप है कि परीक्षा केंद्र के भीतर पेन कैमरे/स्मार्ट डिवाइस का इस्तेमाल कर प्रश्न पत्र को स्कैन कर बाहर भेजा गया, जिसे बाहर से हल कर ब्लूटूथ और इलेक्ट्रॉनिक डिवाइस के जरिए अभ्यर्थियों तक जवाब पहुंचाए गए।
हालांकि मान सरकार का कहना है कि यह केवल कुछ छात्रों द्वारा किया गया नकल का प्रयास था जिसे मौके पर ही पकड़ लिया गया, लेकिन विपक्ष इसे राज्य सरकार की परीक्षा प्रणाली में बड़ी नाकामी और 'पेपर लीक' करार दे रहा है।
'पुराने मामलों से नहीं ली कोई सीख': बीजेपी का मान सरकार पर हमला
पंजाब बीजेपी के नेताओं ने सोमवार को भी राज्य सरकार पर तीखा हमला बोलते हुए आरोप लगाया कि आप सरकार निष्पक्ष भर्ती कराने में पूरी तरह विफल रही है। बीजेपी नेताओं ने मान सरकार के कार्यकाल में विवादों में रही पुरानी परीक्षाओं का भी हवाला दिया:
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PPSC नायब तहसीलदार परीक्षा (2022): ब्लूटूथ डिवाइस से हुई नकल के बाद रद्द।
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PSEB 12वीं अंग्रेजी बोर्ड परीक्षा (2023): समय से डेढ़ घंटा पहले पेपर रद्द किया जाना।
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PSTET-2 परीक्षा (2023): प्रश्न पत्र में उत्तर पहले से ही हाईलाइट होकर छपना।
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PSSSB ग्रुप-B भर्ती (2025): परिणाम में अनियमितताओं को लेकर विजिलेंस जांच जारी।
बीजेपी का कहना है कि जब तक पंजाब के शिक्षा मंत्री अपने पद से इस्तीफा नहीं देते और इस पूरे मामले में सख्त कानूनी कार्रवाई नहीं की जाती, तब तक उनका प्रदर्शन जारी रहेगा।