कांग्रेस की रैली में 5वीं लाइन में थे सिद्धू मुसेवाला के पिता, राहुल ने आगे बुलाया, फिर बेटे की सुनाई वो कहानी
पंजाब के संगरूर में आयोजित कांग्रेस की विशाल राजनीतिक रैली के दौरान एक बेहद भावुक और आंखें नम कर देने वाला दृश्य देखने को मिला। पंजाब में नशीले पदार्थों के बढ़ते जाल और बिगड़ती कानून-व्यवस्था के खिलाफ हुंकार भरने पहुंचे लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी की नजर अचानक मंच और वीआईपी बाड़े की पांचवीं पंक्ति में चुपचाप बैठे एक बुजुर्ग पर पड़ी। यह बुजुर्ग कोई और नहीं, बल्कि पंजाब की आवाज कहे जाने वाले दिवंगत पंजाबी गायक सिद्धू मूसेवाला (शुभदीप सिंह सिद्धू) के पिता बलकौर सिंह सिद्धू थे। जैसे ही राहुल गांधी ने उन्हें पीछे बैठा देखा, उन्होंने तुरंत अपने सुरक्षाकर्मियों और नेताओं को इशारा किया और बलकौर सिंह को आदरपूर्वक आगे बुलाकर मुख्य मंच पर अपने पास बैठाया। इसके बाद भरे मंच से राहुल गांधी ने सिद्धू मूसेवाला से अपनी पहली मुलाकात का वो अनदेखा किस्सा सुनाया, जिसे सुनकर वहां मौजूद हजारों समर्थकों और प्रशंसकों की आंखें भर आईं।
पांचवीं पंक्ति में बैठे थे बलकौर सिंह, राहुल के एक इशारे ने जीता सबका दिल
संगरूर में आयोजित इस राज्यस्तरीय रैली में पंजाब कांग्रेस के तमाम बड़े दिग्गज और हजारों की संख्या में कार्यकर्ता जुटे हुए थे। इस बड़े मजमे के बीच सिद्धू मूसेवाला के पिता बलकौर सिंह किसी बड़े नेता की तरह नहीं, बल्कि एक आम नागरिक और दुखी पिता की तरह पीछे की पांचवीं लाइन में एक साधारण कुर्सी पर चुपचाप बैठे हुए थे। राहुल गांधी जब जनसभा को संबोधित करने के लिए मंच की ओर बढ़ रहे थे, तो उनकी पैनी नजर पीछे बैठे बलकौर सिंह पर पड़ी। बिना एक पल का समय गंवाए राहुल गांधी ने प्रोटोकॉल किनारे करते हुए अपने सुरक्षाकर्मियों को निर्देश दिया कि उन्हें तुरंत सम्मान के साथ आगे लाया जाए। राहुल ने न केवल उन्हें मंच पर आगे बुलाया बल्कि गले लगाकर उनके बेटे के जाने का गम भी साझा किया। राहुल के इस सम्मानजनक और सहृदय रवैये ने वहां मौजूद सभी लोगों का दिल जीत लिया।
राहुल गांधी ने सुनाई सिद्धू मूसेवाला से पहली मुलाकात और उस टैटू की कहानी
जनसभा को संबोधित करते हुए राहुल गांधी ने अपने भाषण की शुरुआत में सिद्धू मूसेवाला को याद किया और उनसे जुड़ी पुरानी यादों के पन्ने पलटे। राहुल ने बताया, "कुछ साल पहले जब सिद्धू मूसेवाला पहली बार मेरे दिल्ली स्थित दफ्तर आए थे, तो मैं उनके बारे में बहुत ज्यादा नहीं जानता था। वे एक बेहद प्रभावशाली, ऊर्जावान और सीधे-सादे नौजवान लग रहे थे। मैंने ध्यान दिया कि उनके हाथ पर एक टैटू बना हुआ था। उस समय तक मैंने उनके गाने नहीं सुने थे, लेकिन मुझे नेताओं ने बताया कि यह लड़का पंजाब का एक बहुत बड़ा कलाकार है, संगीतकार है और कांग्रेस पार्टी में शामिल होकर लोगों की सेवा करना चाहता है। मैंने उन्हें पार्टी में शामिल कराया और लगा कि एक नए नौजवान को राजनीति में सहज महसूस कराना चाहिए। बाद में जब मैंने उनके गाने सुने, तो मुझे अहसास हुआ कि उनके गानों में असल में पंजाब की माटी और यहां के युवाओं की आवाज गूंजती थी।"
'दिनदहाड़े छीन ली गई पंजाब की आवाज', सिक्योरिटी हटाए जाने पर घेरा
राहुल गांधी ने भावुक लहजे में आगे कहा कि एक दिन अचानक पंजाब सरकार ने बिना किसी ठोस वजह के उनकी सुरक्षा घटा दी और सार्वजनिक कर दी, जिसके ठीक अगले दिन दिनदहाड़े गोलियां बरसाकर उनकी हत्या कर दी गई। राहुल ने याद करते हुए कहा, "जब मैं उनके मानसा स्थित घर पर उनके परिवार से मिलने पहुंचा, तो उनके पिता बलकौर सिंह जी ने मुझसे एक बात कही थी जो आज भी मेरे कानों में गूंजती है। उन्होंने कहा था कि इस दुनिया में एक बाप के लिए अपने जवान बेटे के शव को अपने कंधों पर उठाने से बड़ा कोई दर्द नहीं हो सकता। आज भी पंजाब में जो खूनी खेल और नशीले पदार्थों का कारोबार चल रहा है, जिस सोच ने सिद्धू मूसेवाला की जान ली, वही खौफनाक सोच आज भी पूरे पंजाब में बेखौफ घूम रही है।"
बलकौर सिंह ने जताया आभार, पंजाब की कानून-व्यवस्था पर जताई चिंता
रैली के समापन के बाद मीडिया से बातचीत करते हुए सिद्धू मूसेवाला के पिता बलकौर सिंह भी काफी भावुक नजर आए। उन्होंने राहुल गांधी का शुक्रिया अदा करते हुए कहा कि जब से उनके बेटे का कत्ल हुआ है, राहुल गांधी और उनका परिवार लगातार उनके साथ खड़ा रहा है। बलकौर सिंह ने कहा, "मेरा राहुल जी से मिलने का कोई पूर्व नियोजित कार्यक्रम नहीं था। मैं तो बस रैली देखने आया था, लेकिन अपनी इतनी व्यस्तता के बावजूद उन्होंने मुझे देखा, आगे बुलाया और जो सम्मान दिया, वह उनकी महानता को दर्शाता है। राहुल जी मेरे परिवार के दर्द को गहराई से समझते हैं। पंजाब में आज हर दिन गोलियां चल रही हैं, हत्याएं हो रही हैं और नशे की वजह से घर के घर तबाह हो रहे हैं। राहुल जी पंजाब के इस बिगड़ते माहौल और कानून-व्यवस्था को लेकर बेहद चिंतित हैं।"