'किसानों के हित हमारे लिए सर्वोपरि, MSP पर पंजाब के अन्नदाताओं की सुरक्षा के लिए केंद्र पूरी तरह प्रतिबद्ध', चंडीगढ़ में बोले केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान; अंतरराष्ट्रीय समझौतों पर राजनीति करने वाले विपक्ष को दिया करारा जवाब
केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण तथा ग्रामीण विकास मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने पंजाब और हरियाणा के अपने अहम दौरे के दौरान चंडीगढ़ से देश के अन्नदाताओं और विशेष रूप से पंजाब के किसानों को एक बड़ा और स्पष्ट संदेश दिया है। केंद्रीय मंत्री ने दो टूक शब्दों में कहा कि केंद्र की नरेंद्र मोदी सरकार किसानों के हितों की रक्षा के लिए पूरी तरह समर्पित है और न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) तथा कृषि कल्याण को लेकर पंजाब के किसानों के किसी भी अधिकार पर आंच नहीं आने दी जाएगी। चंडीगढ़ के टैगोर थिएटर में सार्वजनिक वितरण प्रणाली (PDS) को आधुनिक और पारदर्शी बनाने के लिए सेंट्रल बैंक डिजिटल करेंसी (CBDC) आधारित डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर (DBT) व्यवस्था का शुभारंभ करने पहुंचे शिवराज सिंह चौहान ने विपक्ष के आरोपों पर भी कड़ा प्रहार किया। उन्होंने कहा कि किसानों के नाम पर राजनीति करने वाले दल यह भूल जाते हैं कि केंद्र सरकार द्वारा दुनिया भर के देशों के साथ किए गए सभी व्यापारिक और कृषि समझौते राष्ट्रहित और अन्नदाताओं के सर्वोत्तम लाभ को ध्यान में रखकर किए गए हैं।
'किसान हमारे लिए भगवान के समान, कृषि भवन के दरवाजे 24 घंटे खुले': शिवराज चौहान
चंडीगढ़ में आयोजित उच्चस्तरीय कार्यक्रम में पंजाब के राज्यपाल गुलाबचंद कटारिया, केंद्रीय मंत्री प्रल्हाद जोशी और खाद्य एवं सार्वजनिक वितरण राज्यमंत्री निमुबेन जयंतीभाई बंभणिया की मौजूदगी में शिवराज सिंह चौहान ने किसानों के प्रति अपनी अटूट निष्ठा व्यक्त की।
केंद्रीय कृषि मंत्री ने कहा, "मैं चंडीगढ़ की इस पवित्र और ऐतिहासिक धरती से पूरे देश और विशेषकर पंजाब के किसान भाइयों को यह विश्वास दिलाना चाहता हूं कि केंद्र सरकार उनके कल्याण के लिए हर संभव कदम उठा रही है। किसान हमारे लिए भगवान के समान हैं और दिल्ली में कृषि भवन के दरवाजे उनके सुझावों, संवाद और समस्याओं के समाधान के लिए हमेशा खुले हैं।"
विपक्ष द्वारा अंतरराष्ट्रीय व्यापार समझौतों को लेकर उठाए जा रहे सवालों पर पलटवार करते हुए उन्होंने कहा, "यह बेहद दुर्भाग्यपूर्ण और पीड़ादायक है कि जब सरकार भारतीय किसानों के उत्पादों को वैश्विक बाजार दिलाने और उनकी उपज का सही मूल्य दिलाने के लिए दुनिया के अग्रणी देशों के साथ समझौते करती है, तो विपक्ष को इसमें भी आपत्ति नजर आती है। हमने हमेशा जनहित और किसान हित को सर्वोच्च प्राथमिकता दी है।"
चंडीगढ़ से लेकर अजीजपुर गांव तक: किसानों से सीधा संवाद और जमीनी फीडबैक
केंद्रीय कृषि मंत्री का यह दौरा केवल औपचारिक उद्घाटनों तक सीमित नहीं रहा, बल्कि उन्होंने पंजाब के जमीनी किसानों से सीधा संपर्क साधने की व्यापक कार्ययोजना बनाई। चंडीगढ़ में डिजिटल करेंसी पायलट प्रोजेक्ट शुरू करने के तुरंत बाद वे केंद्रीय मंत्रियों के प्रतिनिधिमंडल के साथ मोहाली के पास स्थित अजीजपुर गांव पहुंचे।
अजीजपुर में चौपाल लगाकर शिवराज सिंह चौहान ने स्थानीय किसानों, प्रगतिशील कृषकों और कृषि विशेषज्ञों से सीधी बातचीत की। संवाद के दौरान उन्होंने फसल लागत, प्राकृतिक आपदाओं से बचाव, उन्नत बीजों की उपलब्धता, डीबीटी के माध्यम से मिलने वाली सब्सिडी और धान-गेहूं के चक्र से इतर फसल विविधीकरण (Crop Diversification) के व्यावहारिक विकल्पों पर किसानों से सीधा फीडबैक लिया।
केंद्रीय मंत्री ने जोर देकर कहा कि केंद्र की नीतियां अब बंद कमरों में नहीं, बल्कि खेतों की मेड़ पर खड़े होकर किसानों की वास्तविक जमीनी जरूरतों के आधार पर तय की जा रही हैं।
पंजाब में एमएसपी और अनाज खरीद का रिकॉर्ड: पारदर्शी व्यवस्था का विस्तार
पंजाब देश का अन्नदाता राज्य रहा है, जिसने हरित क्रांति के दौर से लेकर आज तक राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा पूल में सबसे बड़ा योगदान दिया है। केंद्रीय कृषि मंत्री ने स्पष्ट किया कि पिछले एक दशक में केंद्र सरकार ने पंजाब से गेहूं और धान की रिकॉर्ड खरीद एमएसपी पर की है और किसानों के बैंक खातों में बिना किसी बिचौलिए के सीधे लाखों करोड़ रुपये ट्रांसफर किए हैं।
उन्होंने बताया कि सरकार न केवल पारंपरिक फसलों पर एमएसपी सुनिश्चित कर रही है, बल्कि दलहन, तिलहन और मक्का जैसी वैकल्पिक फसलों की शत-प्रतिशत खरीद की दिशा में भी ठोस कदम उठा रही है, ताकि पंजाब के घटते भूजल स्तर और मिट्टी की गिरती उर्वरता को बचाया जा सके। केंद्र सरकार का उद्देश्य यह है कि पंजाब का किसान आर्थिक रूप से समृद्ध रहे और उसे अपनी फसल का न्यूनतम समर्थन मूल्य हर हाल में मिले।
CBDC आधारित DBT: सार्वजनिक वितरण प्रणाली में तकनीकी क्रांति
चंडीगढ़ के कार्यक्रम में जिस सेंट्रल बैंक डिजिटल करेंसी (CBDC) आधारित डीबीटी व्यवस्था का शुभारंभ किया गया, उसे कृषि और सार्वजनिक वितरण के क्षेत्र में एक गेम-चेंजर तकनीक माना जा रहा है।
इस नई व्यवस्था की मुख्य विशेषताएं इस प्रकार हैं:
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बिचौलियों और लीकेज पर पूरी रोक: भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) की डिजिटल मुद्रा के जरिए सीधे लक्षित लाभार्थियों के ई-वॉलेट में सहायता राशि पहुंचेगी।
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समयबद्ध और सुरक्षित भुगतान: वित्तीय लेनदेन में लगने वाले समय में भारी कमी आएगी और किसानों तथा राशन लाभार्थियों को तुरंत डिजिटल क्रेडिट मिलेगा।
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रियल-टाइम ट्रैकिंग: सब्सिडी और खाद्यान्न सहायता के दुरुपयोग को रोकने के लिए ब्लॉकचेन और सीबीडीसी आधारित डिजिटल ट्रेल उपलब्ध रहेगा।
शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि इस तकनीक के माध्यम से यह सुनिश्चित होगा कि सरकार का एक-एक रुपया बिना किसी कटौती के सीधे उस व्यक्ति तक पहुंचे जिसके नाम पर वह जारी किया गया है।
कैथल के धांड में FCI साइलो का निरीक्षण: वैज्ञानिक भंडारण पर जोर
पंजाब में किसानों से संवाद करने के बाद केंद्रीय कृषि मंत्री ने हरियाणा के कैथल जिले स्थित धांड में भारतीय खाद्य निगम (FCI) के आधुनिक साइलो संयंत्र का भी दौरा किया।
इस दौरान उन्होंने खाद्यान्न के आधुनिक और वैज्ञानिक भंडारण, अनाज की गुणवत्ता बनाए रखने के उपायों और राज्यों तक अनाज पहुंचाने वाली लॉजिस्टिक्स सप्लाई चेन की व्यापक समीक्षा की।
उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि किसानों से खरीदे गए अनाज का एक भी दाना खुले में सड़ने न पाए और आधुनिक स्टील साइलो के नेटवर्क का तेजी से विस्तार किया जाए ताकि देश की खाद्य सुरक्षा मजबूत बनी रहे।
कृषि नीति, इथेनॉल और किसानों की आमदनी बढ़ाने का बड़ा रोडमैप
हाल ही में नई दिल्ली के कृषि भवन में अखिल भारतीय किसान समन्वय समिति (AIKCC) और देश भर के प्रमुख किसान नेताओं के साथ हुई विस्तृत मैराथन बैठक का उल्लेख करते हुए कृषि मंत्री ने बताया कि सरकार कृषि क्षेत्र में इथेनॉल उत्पादन और एग्री-वैल्यू एडिशन की विशाल संभावनाओं पर काम कर रही है।
उन्होंने कहा कि सरकार की स्पष्ट नीति है कि इथेनॉल और जैव-ईंधन परियोजनाओं का वास्तविक वित्तीय लाभ केवल बड़ी कॉरपोरेट कंपनियों या मध्यस्थों तक सीमित न रहे, बल्कि उसका सीधा प्रीमियम मुनाफा मक्का, गन्ना और धान उगाने वाले किसानों की जेब में पहुंचे।
सरकार का दीर्घकालिक लक्ष्य किसानों की लागत घटाना, उत्पादकता बढ़ाना, कृषि विविधीकरण को प्रोत्साहित करना और किसानों को उनकी उपज का लाभकारी व प्रतिस्पर्धी मूल्य दिलाना है।
सकारात्मक संवाद से ही निकलेगा समाधान
चंडीगढ़ से दिया गया केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान का यह बयान इस बात का पुख्ता प्रमाण है कि केंद्र सरकार पंजाब के किसानों के साथ एक खुला, पारदर्शी और निरंतर संवाद बनाए रखने के पक्ष में है।
एमएसपी के मुद्दे पर अन्नदाताओं की सुरक्षा का संकल्प दोहराकर और तकनीकी सुधारों को जमीन पर उतारकर केंद्र ने यह स्पष्ट कर दिया है कि पंजाब की कृषि समृद्धि देश की खाद्य संप्रभुता की आधारशिला है। आने वाले समय में केंद्र की यह सक्रियता और किसान-केंद्रित नीतियां पंजाब के कृषि परिदृश्य में नए विश्वास और स्थिरता का संचार करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगी।