'वैभव सूर्यवंशी बोलेंगे कि मैंने क्या खराब किया...', संजू सैमसन की एंट्री पर मोहम्मद कैफ ने खड़े किए सवाल; टीम चयन पर छेड़ी नई बहस
भारतीय क्रिकेट टीम में विकेटकीपर-बल्लेबाज संजू सैमसन की वापसी और प्लेइंग इलेवन में जगह को लेकर पूर्व भारतीय क्रिकेटर मोहम्मद कैफ ने बड़ा सवाल खड़ा कर दिया है। घरेलू क्रिकेट और अंडर-19 स्तर पर रिकॉर्डतोड़ प्रदर्शन कर सुर्खियों में आए युवा सनसनी वैभव सूर्यवंशी के बेहतरीन फॉर्म का हवाला देते हुए कैफ ने टीम प्रबंधन के चयन मापदंडों पर सवाल उठाए हैं। कैफ का मानना है कि जब नए और उभरते हुए युवा खिलाड़ी हर मौके पर धमाकेदार पारियां खेल रहे हैं, तो बार-बार पुराने खिलाड़ियों को बीच में लाने से इन युवाओं के मन में असुरक्षा की भावना पैदा होती है।
'वैभव सूर्यवंशी क्या सोचेंगे?': कैफ का चयनकर्ताओं पर सीधा सवाल
एक खेल परिचर्चा के दौरान टीम के मौजूदा संतुलन और टॉप ऑर्डर के संयोजन पर बात करते हुए मोहम्मद कैफ ने चयनकर्ताओं की नीति पर कटाक्ष किया:
"अगर आप संजू सैमसन को फिर से लाकर टॉप ऑर्डर में बैठा देंगे, तो कल को वैभव सूर्यवंशी जैसा युवा बल्लेबाज बोलेगा कि 'मैंने क्या खराब किया है?' वह लड़का लगातार रन बना रहा है, आक्रामक शुरुआत दे रहा है। जब आप युवा खिलाड़ियों को चुनते हैं, तो उन्हें लंबा रन दीजिए। बीच में किसी को भी अचानक एंट्री देकर आप युवा टैलेंट को असमंजस में डाल देते हैं।'"
कैफ ने जोर देकर कहा कि टीम प्रबंधन को यह तय करना होगा कि वे भविष्य की टीम तैयार कर रहे हैं या सिर्फ तात्कालिक प्रयोगों में उलझे हुए हैं।
वैभव सूर्यवंशी के रिकॉर्डतोड़ प्रदर्शन ने खींचा सबका ध्यान
बिहार के समस्तीपुर से आने वाले बाएं हाथ के युवा सलामी बल्लेबाज वैभव सूर्यवंशी ने बहुत कम उम्र में अंतरराष्ट्रीय और घरेलू क्रिकेट हलकों में सनसनी मचा दी है:
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अंडर-19 टेस्ट में सबसे तेज शतक: वैभव ने ऑस्ट्रेलिया अंडर-19 के खिलाफ चेन्नई में महज 58 गेंदों में शतक जड़कर इतिहास रच दिया था, जो भारतीय अंडर-19 स्तर पर सबसे तेज शतकों में से एक है।
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रणजी और घरेलू सर्किट में चमक: 12-13 वर्ष की उम्र में ही प्रथम श्रेणी (Ranji Trophy) डेब्यू करने वाले वैभव लगातार अपनी आक्रामक बल्लेबाजी और स्ट्राइक रेट से चयनकर्ताओं की रडार पर बने हुए हैं।
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भविष्य का ओपनर: क्रिकेट विशेषज्ञ उन्हें भविष्य के लिए एक निडर और आधुनिक टी-20/वनडे सलामी बल्लेबाज के रूप में देख रहे हैं। ऐसे में कैफ का मानना है कि ऐसे खिलाड़ियों को सीधा आत्मविश्वास मिलना चाहिए।
संजू सैमसन की निरंतरता और इन-आउट का सिलसिला
दूसरी ओर, संजू सैमसन के टैलेंट पर कभी किसी को शक नहीं रहा, लेकिन टीम इंडिया में उनकी जगह को लेकर हमेशा अनिश्चितता की स्थिति बनी रही है:
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अपार प्रतिभा, लेकिन निरंतरता का अभाव: सैमसन ने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर कई मैच-जिताऊ पारियां खेली हैं और शतक भी जड़े हैं, लेकिन कभी-कभार लगातार दो-तीन मैचों में सस्ते में आउट होने के कारण उनकी जगह पर सवाल उठने लगते हैं।
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कंपटीशन का दबाव: ऋषभ पंत, ईशान किशन, जितेश शर्मा और अब युवा ओपनर्स की लंबी कतार के बीच सैमसन के लिए प्लेइंग इलेवन में अपनी तय पोजिशन बनाए रखना हमेशा से एक चुनौती रहा है।
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रोल क्लैरिटी की कमी: उन्हें कभी नंबर 3, कभी ओपनर तो कभी नंबर 5 या 6 पर फिनिशर के तौर पर खिलाया जाता है, जिससे उनकी खुद की फॉर्म में उतार-चढ़ाव देखने को मिला है।
युवा जोश बनाम अनुभव: टीम मैनेजमेंट के सामने असमंजस
मोहम्मद कैफ का यह बयान उस समय आया है जब भारतीय व्हाइट-बॉल क्रिकेट में एक बड़ा बदलाव (Transition Phase) चल रहा है।
कैफ का तर्क है कि यदि टीम प्रबंधन ने भविष्य को ध्यान में रखकर वैभव सूर्यवंशी, यशस्वी जायसवाल और अभिषेक शर्मा जैसे नए युवा बल्लेबाजों को आगे बढ़ाने का मन बनाया है, तो उन्हें लगातार मौके मिलने चाहिए। वहीं, सैमसन के समर्थकों का मानना है कि संजू के पास अंतरराष्ट्रीय अनुभव और आईपीएल में कप्तानी का बड़ा बैकग्राउंड है, जो बड़े टूर्नामेंटों में टीम को मजबूती दे सकता है। कैफ के इस बयान ने सोशल मीडिया और क्रिकेट फैंस के बीच एक बार फिर 'अनुभव बनाम नया टैलेंट' की बहस को पूरी तरह हवा दे दी है।