यूपी में 15KM का बना रहा एक्सप्रेसवे, 1008 करोड़ रुपये में होगा तैयार, 6 घंटे में पहुंच जाएंगे दिल्ली

यूपी में 15KM का बना रहा एक्सप्रेसवे, 1008 करोड़ रुपये में होगा तैयार, 6 घंटे में पहुंच जाएंगे दिल्ली

उत्तर प्रदेश के बुनियादी ढांचे और सड़क परिवहन नेटवर्क को एक और ऐतिहासिक सौगात मिलने जा रही है। राज्य के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की अध्यक्षता में हुई महत्वपूर्ण कैबिनेट बैठक में एक नए और बेहद अहम एक्सप्रेसवे के निर्माण पर मुहर लगा दी गई है। केवल 15 किलोमीटर से अधिक लंबे इस नए लिंक एक्सप्रेसवे के निर्माण पर कुल 1,008 करोड़ रुपये की भारी-भरकम राशि खर्च की जाएगी। इस परियोजना के धरातल पर उतरने के बाद धार्मिक और पौराणिक नगरी चित्रकूट से लेकर देश की राजधानी दिल्ली तक का सफर बेहद आसान और तेज हो जाएगा। जानकारों का मानना है कि इस आधुनिक एक्सप्रेसवे के जरिए अब यात्री मात्र 6 घंटे के भीतर दिल्ली से सीधे चित्रकूट धाम की दूरी तय कर सकेंगे। उत्तर प्रदेश सरकार के इस मास्टरस्ट्रोक फैसले से न केवल बुंदेलखंड क्षेत्र की तस्वीर बदलेगी, बल्कि व्यापार, उद्योग और पर्यटन को भी अभूतपूर्व गति मिलने की पूरी उम्मीद है।

15.17 किलोमीटर का यह नया लिंक एक्सप्रेसवे और इसका पूरा रूट

उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा मंजूर किए गए इस नए प्रोजेक्ट का नाम 'चित्रकूट लिंक एक्सप्रेसवे' (Chitrakoot Link Expressway) है। आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार, इस ग्रीनफील्ड एक्सप्रेसवे की कुल लंबाई लगभग 15.172 किलोमीटर होगी। इस सड़क मार्ग की सबसे बड़ी खासियत यह है कि यह पूरी तरह से 6-लेन (Six-Lane) एक्सेस कंट्रोल्ड हाईवे होगा, जिसकी चौड़ाई करीब 110 मीटर रखी गई है। इस आधुनिक एक्सप्रेसवे पर वाहनों को 120 किलोमीटर प्रति घंटे की अधिकतम रफ्तार से दौड़ाने की अनुमति होगी। इस पूरी परियोजना का वित्तपोषण पूरी तरह से उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा अपने संसाधनों से किया जा रहा है, यानी इसमें केंद्र सरकार की कोई वित्तीय भागीदारी नहीं है। इस 15 किलोमीटर के छोटे लेकिन बेहद सामरिक और धार्मिक महत्व वाले मार्ग के जरिए धार्मिक नगरी चित्रकूट सीधे बुंदेलखंड एक्सप्रेसवे से जुड़ जाएगी।

आधुनिक इंजीनियरिंग, फ्लाइओवर और अंडरपास का होगा निर्माण

इस एक्सप्रेसवे के निर्माण कार्य को बेहद उच्च गुणवत्ता मानकों के तहत पूरा करने के लिए 'इंजीनियरिंग, प्रोक्योरमेंट एंड कंस्ट्रक्शन' (EPC) मॉडल का सहारा लिया जा रहा है। केवल एक सीधी सड़क बनाने के बजाय इस 15 किलोमीटर के हिस्से में आधुनिक यातायात व्यवस्था को ध्यान में रखते हुए कई महत्वपूर्ण संरचनाएं तैयार की जा रही हैं। प्रोजेक्ट रिपोर्ट के मुताबिक, इस रूट पर 1 बड़ा पुल, 4 छोटे पुल, 1 भव्य फ्लाईओवर, स्थानीय लोगों और वाहनों की सुगम आवाजाही के लिए 17 अंडरपास और कुल 23 छोटी पुलियों का निर्माण किया जाएगा। इसके साथ ही, सुचारू रूप से वाहनों के आवागमन और सुरक्षा को नियंत्रित करने के लिए एक आधुनिक टोल प्लाजा और टोल कनेक्शन बूथ भी स्थापित किया जाएगा। कैबिनेट की मंजूरी मिलने के बाद अब इसके निर्माण के लिए ग्लोबल टेंडर (वैश्विक निविदा) आमंत्रित किए जाने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है ताकि देश-दुनिया की बेहतरीन निर्माण एजेंसियां इस कार्य को तय समयसीमा में पूरा कर सकें।

ऐसे तय होगा दिल्ली से चित्रकूट तक का सिर्फ 6 घंटे का सफर

आम जनता और पर्यटकों के मन में यह सवाल जरूर आ रहा होगा कि मात्र 15 किलोमीटर का यह छोटा सा लिंक एक्सप्रेसवे दिल्ली से यात्रा का समय कैसे घटाकर 6 घंटे कर देगा? दरअसल, यह लिंक एक्सप्रेसवे सीधे तौर पर बुंदेलखंड एक्सप्रेसवे से आकर जुड़ेगा। बुंदेलखंड एक्सप्रेसवे आगे चलकर इटावा के पास आगरा-लखनऊ एक्सप्रेसवे से कनेक्ट होता है। इसके बाद आगरा-लखनऊ एक्सप्रेसवे के रास्ते वाहन सीधे यमुना एक्सप्रेसवे पर पहुंचते हैं, जो आगे चलकर नोएडा, ग्रेटर नोएडा और राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली-एनसीआर के विशाल नेटवर्क से जुड़ जाता है। इस निर्बाध मल्टी-एक्सप्रेसवे कनेक्टिविटी (Multi-Expressway Connectivity) के मिल जाने से बीच के तमाम संकरे और भीड़भाड़ वाले शहरी रास्तों से मुक्ति मिल जाएगी। वाहन चालक बिना किसी ट्रैफिक बाधा के लगातार तेज रफ्तार से सफर तय कर सकेंगे, जिससे पहले जहां दिल्ली से चित्रकूट पहुंचने में 9 से 10 घंटे का लंबा समय लगता था, वह अब घटकर मात्र 6 घंटे रह जाएगा।

पर्यटन, धार्मिक यात्रा और स्थानीय व्यापार को मिलेगा तगड़ा बूस्ट

चित्रकूट मंदाकिनी नदी के तट, ऐतिहासिक कामदगिरि परिक्रमा मार्ग, रामघाट और तमाम पौराणिक स्थलों के कारण देश भर के श्रद्धालुओं के लिए एक बेहद पवित्र और आस्था का केंद्र है। हर साल देश के कोने-कोने से लाखों-करोड़ों श्रद्धालु और पर्यटक यहां दर्शन के लिए पहुंचते हैं। इस नए एक्सप्रेसवे के बन जाने से पर्यटकों को आवागमन में भारी सहूलियत होगी और वे बिना किसी ट्रैफिक जाम के सीधे चित्रकूट धाम में प्रवेश कर सकेंगे। इसके अलावा, उत्तर प्रदेश के इस पिछड़े और ग्रामीण आंचल में उद्योगों, लॉजिस्टिक पार्कों और स्थानीय व्यापारिक गतिविधियों को भी पंख लगेंगे। किसानों और स्थानीय कारोबारियों के लिए अपने उत्पादों को सीधे दिल्ली और राष्ट्रीय बाजारों तक कम समय में पहुंचाना बेहद आसान हो जाएगा। योगी सरकार के इस दूरदर्शी कदम ने यह साबित कर दिया है कि उत्तर प्रदेश में सुगम कनेक्टिविटी अब विकास की नई इबारत लिख रही है।