यूपी में चक्रवात का डबल अटैक: अगले 48 घंटों में भारी बारिश और आकाशीय बिजली का अलर्ट
बंगाल की खाड़ी से उठे चक्रवाती सिस्टम के प्रभाव से उत्तर प्रदेश के मौसम में अचानक बड़ा उलटफेर देखने को मिल रहा है। भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने राज्य के कई हिस्सों में अगले दो दिन तक गरज-चमक, आकाशीय बिजली गिरने और मूसलाधार बारिश का अलर्ट जारी किया है। इस दौरान हवा की रफ्तार 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटे और कुछ इलाकों में झोंकों के साथ 50 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंचने की आशंका जताई गई है। अचानक आए इस मौसमी बदलाव के चलते राज्य में दिन और रात के तापमान में 5 से 7 डिग्री सेल्सियस तक की गिरावट दर्ज की जा सकती है, जिससे समय से पहले ही ठंडक का अहसास बढ़ने लगा है।
चक्रवात का असर: आंध्र-ओडिशा से होते हुए यूपी पहुंचा मौसमी सिस्टम
मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार, समुद्र तट से टकराने के बाद गहरे दबाव में बदला चक्रवाती तंत्र धीरे-धीरे उत्तर-पश्चिम दिशा की ओर बढ़ रहा है। इसके चलते भारी मात्रा में नमी से भरे बादल मध्य और पूर्वी भारत की ओर खिंचे चले आए हैं। आमतौर पर इस समय उत्तर प्रदेश में मौसम शुष्क रहता है, लेकिन चक्रवाती दबाव और स्थानीय स्तर पर बने मौसमी सिस्टम के टकराव से असामान्य बारिश की स्थिति बन गई है। बुधवार शाम से ही प्रदेश के आसमान में घने बादलों की आवाजाही शुरू हो गई थी और गुरुवार तक धूप पूरी तरह गायब होकर बादलों के पहरे में बदल गई।
पूर्वी यूपी पर सबसे ज्यादा मार: इन जिलों में भारी से बहुत भारी बारिश की चेतावनी
मौसम विभाग के बुलेटिन के मुताबिक, बारिश और तेज आंधी का मुख्य केंद्र पूर्वी उत्तर प्रदेश यानी पूर्वांचल रहेगा। गोरखपुर, वाराणसी, प्रयागराज, बलिया, गाजीपुर, मिर्जापुर, चंदौली, देवरिया, कुशीनगर, बस्ती और संतकबीरनगर जैसे जिलों में बहुत भारी बारिश और तेज हवाओं की चेतावनी दी गई है। वहीं राजधानी लखनऊ, बाराबंकी, अयोध्या, रायबरेली और कानपुर मंडल में भी रुक-रुक कर तेज बौछारों के साथ 40 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चलने का पूर्वानुमान है। पश्चिमी उत्तर प्रदेश के कुछ हिस्सों में भी बादलों की गड़गड़ाहट और हल्की से मध्यम बारिश दर्ज की जा सकती है।
नगर निगम और आपदा प्रबंधन अलर्ट पर: कर्मचारियों की छुट्टियां रद्द
मौसम विभाग के कड़े अलर्ट को देखते हुए गोरखपुर और वाराणसी समेत कई संवेदनशील जिलों में प्रशासन पूरी तरह एक्शन मोड में आ गया है। नगर निगमों ने अपने सभी अधिकारियों और कर्मचारियों की छुट्टियां निरस्त कर दी हैं और उन्हें 24 घंटे मुस्तैद रहने का निर्देश दिया है। शहरी इलाकों में संभावित जलभराव से निपटने के लिए संपवेल, बड़े पंप, जनरेटर और क्विक रिस्पॉन्स टीमों (QRT) को तैनात कर दिया गया है। जिला स्तर पर आपातकालीन कंट्रोल रूम सक्रिय कर दिए गए हैं ताकि तेज आंधी से पेड़ गिरने या बिजली के खंभे टूटने की स्थिति में तत्काल राहत कार्य शुरू किया जा सके।
किसानों की बढ़ी चिंता: पकी धान की फसल पर बेमौसम बारिश का साया
इस बेमौसम बारिश और 40 किमी प्रति घंटे की तेज आंधी ने किसानों के माथे पर गहरी चिंता की लकीरें खींच दी हैं। राज्य के खेतों में इस वक्त धान की फसल पूरी तरह पककर तैयार खड़ी है और कई इलाकों में कटाई का काम तेजी से चल रहा है। तेज हवाओं और मूसलाधार बारिश के कारण पकी फसल के खेतों में बिछने और जलभराव के चलते बालियों के सड़ने का बड़ा खतरा पैदा हो गया है। इसके अलावा, जिन किसानों ने सरसों और अगेती आलू की बुवाई की है, उनके खेतों में अत्यधिक नमी बीजों को नुकसान पहुंचा सकती है। कृषि विभाग ने किसानों को सलाह दी है कि कटी हुई फसल को खुले में न छोड़ें और खेतों में जल निकासी के रास्ते तत्काल खोलकर रखें।
आकाशीय बिजली से सावधान: प्रशासन ने जारी की सुरक्षा एडवाइजरी
तेज हवा और बारिश के साथ वज्रपात (बिजली गिरने) की गंभीर आशंका को देखते हुए आपदा प्रबंधन विभाग ने आम जनता के लिए सुरक्षा निर्देश जारी किए हैं। लोगों से अपील की गई है कि जब बादल गरज रहे हों या आंधी चल रही हो, तो खुले मैदानों, ऊंचे पेड़ों या टीन शेड के नीचे शरण न लें। ग्रामीण इलाकों में मवेशियों को सुरक्षित और पक्के बाड़ों में बांधने और बिजली के तारों से दूर रहने की हिदायत दी गई है। मौसम विभाग का अनुमान है कि 48 घंटों के इस जोरदार स्पैल के बाद शनिवार से मौसमी सिस्टम कमजोर पड़ना शुरू होगा, जिसके बाद राज्य में धीरे-धीरे आसमान साफ होने लगेगा।