यूपी में दिवाली से पहले बड़ा कांड, पत्नी को कुर्सी में दिया बांध, फिर लगा दी आग, जिंदा जलकर हुई मौत

यूपी में दिवाली से पहले बड़ा कांड, पत्नी को कुर्सी में दिया बांध, फिर लगा दी आग, जिंदा जलकर हुई मौत

उत्तर प्रदेश के शांतिप्रिय माहौल और त्योहार की खुशियों के बीच एक ऐसी रोंगटे खड़े कर देने वाली सनसनीखेज वारदात सामने आई है, जिसने मानवीय संवेदनाओं और रिश्तों की पवित्रता को पूरी तरह तार-तार कर दिया है। दीपावली की पूर्व संध्या पर जहां पूरा प्रदेश रोशनी और खुशियों की तैयारियों में डूबा हुआ था, वहीं एक दिल दहला देने वाली घटना में एक पति ने हैवानियत की सारी हदें पार कर दीं। आपसी विवाद और गृहकलेश के चलते पति ने अपनी ही धर्मपत्नी को पहले तो निर्दयता से रस्सी के सहारे कुर्सी से मजबूती से बांध दिया और फिर उस पर पेट्रोल छिड़क कर सरेआम आग के हवाले कर दिया। आग की लपटों से घिरी बेबस महिला जब तक मदद के लिए चीखती-चिल्लाती, तब तक जिंदा जलकर उसकी दर्दनाक मौत हो चुकी थी। इस खौफनाक हत्याकांड की खबर जैसे ही इलाके में जंगल की आग की तरह फैली, पूरे क्षेत्र में भारी अफरा-तफरी, सन्नाटा और दहशत का माहौल व्याप्त हो गया। घटना की सूचना मिलते ही स्थानीय पुलिस की टीमें, फॉरेंसिक एक्सपर्ट्स और आला अधिकारी तुरंत मौके पर पहुंचे और खून से सने साक्ष्य जुटाकर जांच शुरू कर दी।

विवाद से शुरू हुई हैवानियत और बर्बरता का वो काला सच

स्थानीय सूत्रों और पुलिस द्वारा की गई प्राथमिक पड़ताल के अनुसार, पति और पत्नी के बीच पिछले काफी समय से पारिवारिक मामलों, आर्थिक तंगी और घरेलू बातों को लेकर तीखी खींचतान चल रही थी। त्योहार के दिन सुबह किसी छोटी सी बात पर शुरू हुआ जुबानी विवाद देखते ही देखते इतने उग्र रूप में बदल गया कि आरोपी पति अपने गुस्से पर काबू नहीं रख सका। पड़ोसियों का कहना है कि घर के भीतर से आ रही तेज चिल्लाने की आवाजों को उन्होंने सामान्य झगड़ा समझा था, लेकिन किसी को इस बात का अंदाजा तक नहीं था कि भीतर इतना खौफनाक मंजर रचा जा रहा है। आरोपी ने पहले पत्नी के साथ मारपीट की और जब वह असहाय हो गई, तो उसे लोहे-लकड़ी की एक मजबूत कुर्सी पर बैठाकर कसकर बांध दिया। इसके बाद घर में रखे ज्वलनशील पदार्थ का इस्तेमाल कर उसमें आग लगा दी। बंद कमरे में चीख-पुकार मचने के बावजूद किसी को संभलने का मौका नहीं मिला और पलक झपकते ही महिला का शरीर पूरी तरह खाक में तब्दील हो गया।

फॉरेंसिक टीम का मौका-ए-वारदात पर छापा और पुलिस की सख्त कार्रवाई

वारदात की सूचना मिलते ही वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (SSP) और क्षेत्राधिकारी (CO) के नेतृत्व में भारी पुलिस बल और फिंगरप्रिंट विशेषज्ञ घटना स्थल पर पहुंचे। पुलिस ने तुरंत पूरे क्राइम सीन को सील कर दिया और साक्ष्यों को सुरक्षित करने के लिए फॉरेंसिक फॉरेंसिक यूनिट को तैनात किया। कमरे की घेराबंदी कर राख के नमूनों, केरोसिन/पेट्रोल के डिब्बों और जली हुई कुर्सी के अवशेषों को सील कर फॉरेंसिक लैब जांच के लिए भेज दिया गया है। पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए पीड़िता के परिजनों की लिखित तहरीर पर सुसंगत धाराओं, जिसमें हत्या (IPC/BNS) और दहेज/घरेलू हिंसा की सख्त धाराएं शामिल हैं, के तहत मुकदमा दर्ज कर लिया है। आरोपी पति घटना को अंजाम देने के बाद मौके से फरार होने की फिराक में था, लेकिन पुलिस की सतर्कता और घेराबंदी के चलते उसे चंद घंटों के भीतर ही गिरफ्तार कर लिया गया है। पुलिस का कहना है कि आरोपी से कड़ी पूछताछ जारी है और मामले में किसी भी दोषी को बख्शा नहीं जाएगा।

ग्रामीणों और परिजनों का फूटा गुस्सा, न्याय की गुहार

इस जघन्य हत्याकांड के बाद से ही मृतका के मायके वालों और गांव के स्थानीय निवासियों में भारी रोष और आक्रोश का माहौल है। पीड़िता के परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है और उन्होंने आरोपी पति तथा इस षड्यंत्र में शामिल अन्य संदिग्धों के खिलाफ कड़ी से कड़ी सजा यानी फांसी की सजा की मांग की है। गांव में तनावपूर्ण स्थिति को देखते हुए एहतियात के तौर पर अतिरिक्त पुलिस बल की तैनाती कर दी गई है ताकि कानून-व्यवस्था की स्थिति पूरी तरह से नियंत्रण में रहे। स्थानीय लोगों का कहना है कि इस प्रकार की घिनौनी और रोंगटे खड़े कर देने वाली घटनाएं समाज के लिए एक बहुत बड़ा कलंक हैं, और ऐसे अपराधियों को त्वरित अदालत (Fast Track Court) के जरिए जल्द से जल्द सख्त सजा मिलनी चाहिए ताकि समाज में एक कड़ा संदेश दिया जा सके।

रिश्तों पर हावी होता अंधा गुस्सा और समाज के लिए एक बड़ा सवाल

त्योहारों के इस पावन समय में घटी इस खौफनाक वारदात ने पूरे समाज और पुलिस प्रशासन को झकझोर कर रख दिया है। आज के आधुनिक युग में भी जब घरेलू हिंसा और आपसी रंजिश इस हद तक उग्र रूप ले लेती है कि इंसान राक्षस का रूप धारण कर लेता है, तो यह कई गंभीर सामाजिक सवाल खड़े करता है। पुलिस विभाग द्वारा मामले की स्पीडी ट्रायल (Speedy Trial) कराकर चार्जशीट जल्द से जल्द अदालत में दाखिल करने का आश्वासन दिया गया है। उत्तर प्रदेश पुलिस के अधिकारियों ने साफ किया है कि इस तरह के संगीन अपराधों में जीरो टॉलरेंस की नीति के तहत कार्रवाई की जाएगी और पीड़िता को न्याय दिलाने के लिए मजबूत पैरवी की जाएगी। फिलहाल पुलिस की फॉरेंसिक रिपोर्ट और पोस्टमॉर्टम की विस्तृत रिपोर्ट का इंतजार किया जा रहा है ताकि अदालत के समक्ष पुख्ता और अकाट्य कानूनी साक्ष्य पेश किए जा सकें।