उत्तर प्रदेश में फिर सक्रिय हुआ मॉनसून, 11 जिलों में मूसलाधार बारिश का येलो अलर्ट जारी, 50 से ज्यादा जिलों में गरज-चमक और वज्रपात की चेतावनी

उत्तर प्रदेश में फिर सक्रिय हुआ मॉनसून, 11 जिलों में मूसलाधार बारिश का येलो अलर्ट जारी, 50 से ज्यादा जिलों में गरज-चमक और वज्रपात की चेतावनी

उत्तर प्रदेश में पिछले दो-तीन दिनों से जारी उमस और बारिश की सुस्ती के बाद अब एक बार फिर मौसम का मिजाज पूरी तरह बदलने जा रहा है। भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) के अनुसार, राज्य में मॉनसून एक बार फिर पूरी तरह से सक्रिय हो गया है। 13 अगस्त से पूर्वी उत्तर प्रदेश के रास्ते बारिश का एक नया और शक्तिशाली स्पेल शुरू हो रहा है, जो अगले 5 से 6 दिनों तक पूरे प्रदेश में झमाझम बारिश कराएगा। मौसम विभाग ने आज प्रदेश के 50 से ज्यादा जिलों में बारिश और वज्रपात का अनुमान जताया है, जिसमें से विशेष रूप से 11 जिलों में मूसलाधार बारिश का येलो अलर्ट जारी किया गया है।

मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार, उत्तर-पश्चिमी बंगाल की खाड़ी पर बने चक्रवाती हवाओं के दबाव और मॉनसूनी ट्रफ रेखा के सामान्य स्थिति में आने की वजह से बारिश की गतिविधियों में यह बड़ा इजाफा देखने को मिल रहा है। 13 अगस्त को पूर्वांचल के सीमावर्ती जिलों से शुरू होकर यह बारिश 14 अगस्त तक मध्यवर्ती उत्तर प्रदेश और पश्चिमी हिस्सों तक फैल जाएगी। स्वतंत्रता दिवस यानी 15 अगस्त के दौरान भी प्रदेश के अधिकांश हिस्सों में बारिश का सिलसिला जारी रहने का पूर्वानुमान है।

इन 11 जिलों में भारी बारिश की चेतावनी और 20 जिलों में वज्रपात का खतरा

मौसम विभाग (IMD) द्वारा जारी ताजा बुलेटिन के मुताबिक, 13 अगस्त को पूर्वी उत्तर प्रदेश के 11 जिलों में भारी से बहुत भारी बारिश होने की प्रबल संभावना है। जिन जिलों में भारी बारिश का अलर्ट जारी किया गया है, उनमें सोनभद्र, चंदौली, गाजीपुर, मऊ, बलिया, देवरिया, गोरखपुर, कुशीनगर, महाराजगंज, सिद्धार्थनगर और बलरामपुर शामिल हैं। इन जिलों में गरज-चमक के साथ तेज रफ्तार हवाएं चलने और निचले इलाकों में पानी भरने की आशंका जताई गई है।

इसके साथ ही, लगभग 20 जिलों में बादलों की गड़गड़ाहट और आकाशीय बिजली (वज्रपात) गिरने को लेकर विशेष चेतावनी जारी की गई है। सीतापुर, लखीमपुर खीरी, शाहजहांपुर, फर्रुखाबाद, कन्नौज, बहराइच, श्रावस्ती, गोंडा, अयोध्या, सुल्तानपुर, जौनपुर, वाराणसी, बस्ती, अंबेडकर नगर, आजमगढ़, मिर्जापुर, प्रतापगढ़, प्रयागराज और संत रविदास नगर जैसे जिलों में एक-दो स्थानों पर वज्रपात के साथ हल्की से मध्यम बारिश होने के आसार हैं। मौसम विभाग ने चेतावनी दी है कि इस दौरान खुले मैदानों में न रहें और पेड़ों या बिजली के खंभों के नीचे शरण लेने से बचें।

लखनऊ, एनसीआर और पश्चिमी यूपी में कैसा रहेगा मौसम का मिजाज?

राजधानी लखनऊ और आसपास के क्षेत्रों में 13 अगस्त को आसमान में आंशिक से लेकर मुख्य रूप से बादल छाए रहेंगे। लखनऊ में दिन का अधिकतम तापमान 35 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 28 डिग्री सेल्सियस के आसपास रहने का अनुमान है। राजधानी में 13 अगस्त की शाम से बारिश का दायरा बढ़ेगा और 14 से 17 अगस्त के बीच तेज बारिश देखने को मिल सकती है।

दूसरी ओर, पश्चिमी उत्तर प्रदेश के नोएडा, गाजियाबाद, मेरठ, मुजफ्फरनगर और बुलंदशहर में 13 अगस्त को मौसम मुख्यतः शुष्क रहने और हल्की उमस बने रहने की संभावना है। हालांकि, 14 अगस्त की रात से इन जिलों में भी बादलों की आवाजाही बढ़ेगी और 15 अगस्त यानी स्वतंत्रता दिवस के दिन पश्चिमी यूपी के अधिकांश हिस्सों में झमाझम बारिश होने का अनुमान जताया गया है। बिजनौर, सहारनपुर, बरेली, मुरादाबाद, रामपुर और पीलीभीत जैसे तराई वाले जिलों में 14 से 17 अगस्त तक भारी बारिश का अलर्ट रहेगा।

14 से 18 अगस्त तक बढ़ेगा बारिश का दायरा: किसानों के लिए राहत की खबर

अगस्त के शुरुआती 12 दिनों में पूर्वी उत्तर प्रदेश में सामान्य से काफी कम बारिश दर्ज की गई थी, जिससे सूखे जैसे हालात बनने लगे थे। आंकड़ों के मुताबिक, अगस्त की शुरुआत से अब तक पूर्वी यूपी में केवल 43 मिमी बारिश हुई है, जबकि सामान्यतः इस दौरान औसतन अधिक बारिश होती है। हालांकि, 13 अगस्त से शुरू हो रहा यह नया मॉनसूनी सिस्टम किसानों के लिए संजीवनी साबित होने वाला है।

मौसम विभाग का कहना है कि 14 से 18 अगस्त के बीच पूर्वांचल और मध्य यूपी के लगभग सभी जिलों में व्यापक बारिश होगी। इससे धान की खेती और अन्य खरीफ फसलों को भारी फायदा पहुंचेगा। मौसम विभाग ने जिला प्रशासनों को सतर्क रहने के निर्देश जारी किए हैं और जलभराव वाले क्षेत्रों में उचित व्यवस्था बनाए रखने की सलाह दी है।

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