लखनऊ, कानपुर समेत यूपी के 60 जिलों में स्कूलों की छुट्टी; 12वीं तक के सभी स्कूल-कॉलेज बंद

लखनऊ, कानपुर समेत यूपी के 60 जिलों में स्कूलों की छुट्टी; 12वीं तक के सभी स्कूल-कॉलेज बंद

उत्तर प्रदेश में स्कूली विद्यार्थियों और अभिभावकों के लिए बड़ी खबर सामने आई है। राजधानी लखनऊ, कानपुर, प्रयागराज, गाजियाबाद, वाराणसी और मेरठ समेत प्रदेश के प्रमुख जिलों में 12वीं कक्षा तक के सभी परिषदीय, सहायता प्राप्त, मान्यता प्राप्त और निजी स्कूलों में एक दिन के शैक्षणिक अवकाश की घोषणा की गई है। विभिन्न जिला प्रशासनों द्वारा जारी आधिकारिक दिशा-निर्देशों के अनुसार, यह आदेश सीबीएसई (CBSE), आईसीएसई (ICSE), यूपी बोर्ड (UP Board) और संस्कृत बोर्ड से मान्यता प्राप्त सभी शैक्षणिक संस्थानों पर एक समान रूप से लागू होगा। पिछले कुछ दिनों से प्रदेश में मौसम के बदले मिजाज, चक्रवाती दबाव के चलते जारी तेज हवाओं व बारिश के अलर्ट और राज्यस्तरीय महत्वपूर्ण परीक्षाओं के आयोजन को देखते हुए जिलाधिकारियों और जिला विद्यालय निरीक्षकों (DIOS) ने यह फैसला लिया है। इस आदेश के बाद प्राथमिक कक्षाओं से लेकर इंटरमीडिएट तक के छात्र-छात्राओं को राहत मिली है, वहीं स्कूल प्रबंधन को निर्देशों का कड़ाई से अनुपालन सुनिश्चित करने को कहा गया है।

किन-किन कक्षाओं पर लागू रहेगा अवकाश और कौन से संस्थान रहेंगे बंद?

जिला प्रशासन द्वारा जारी अधिसूचना के अनुसार, इस एक दिवसीय अवकाश के दायरे में प्री-प्राइमरी, नर्सरी, प्राथमिक (कक्षा 1 से 5), उच्च प्राथमिक (कक्षा 6 से 8) और माध्यमिक व उच्च माध्यमिक (कक्षा 9 से 12) के सभी विद्यालय शामिल रहेंगे। लखनऊ में जिलाधिकारी के अनुमोदन के उपरांत जिला विद्यालय निरीक्षक द्वारा जारी आदेश में स्पष्ट किया गया है कि राजकीय विद्यालयों, अशासकीय सहायता प्राप्त (एडेड) विद्यालयों, वित्तविहीन निजी स्कूलों, मिशनरी स्कूलों और केंद्रीय विद्यालयों सहित सभी शिक्षण संस्थानों में छात्रों के लिए पठन-पाठन पूरी तरह स्थगित रहेगा।

कानपुर नगर और प्रयागराज में भी बेसिक शिक्षा अधिकारियों (BSA) तथा डीआईओएस द्वारा अलग-अलग सर्कुलर जारी कर स्पष्ट किया गया है कि किसी भी बोर्ड से संबद्ध विद्यालय इस दिन नियमित कक्षाएं संचालित नहीं करेंगे। यदि किसी स्कूल द्वारा आदेश की अनदेखी कर छात्रों को परिसर में बुलाया जाता है, तो आपदा प्रबंधन अधिनियम और शिक्षा विभाग के नियमों के तहत संबंधित प्रबंधन के विरुद्ध वैधानिक कार्रवाई की जाएगी।

आदेश के पीछे की दोहरी वजह: मौसम का अलर्ट और प्रतियोगी परीक्षाओं की व्यवस्था

इस सामूहिक अवकाश के पीछे दो प्रमुख कारण सामने आए हैं। पहला बड़ा कारण राज्य में विभिन्न जिलों में आयोजित हो रही राज्यस्तरीय भर्ती और पात्रता परीक्षाएं हैं। कई जिलों में परीक्षा केंद्रों के रूप में प्रमुख इंटर कॉलेजों और डिग्री कॉलेजों का अधिग्रहण किया गया है। परीक्षा के दौरान सुरक्षा व्यवस्था, चेकिंग, परीक्षार्थियों की भारी भीड़ और यातायात जाम से स्कूली बच्चों को बचाने के लिए प्रशासन ने छात्रों की छुट्टी रखने का निर्णय लिया है ताकि परीक्षा सुचारू रूप से संपन्न हो सके।

दूसरा महत्वपूर्ण पहलू मौसम की प्रतिकूलता है। मौसम विज्ञान विभाग (IMD) द्वारा पूर्वी और मध्य उत्तर प्रदेश के जिलों में तेज हवाओं, गरज-चमक और मूसलाधार बारिश का अलर्ट जारी किया गया था। चक्रवाती तंत्र के असर से कई इलाकों में सड़कों पर जलभराव और तेज हवाओं से पेड़ व होर्डिंग्स गिरने का जोखिम बना हुआ है। ऐसे प्रतिकूल वातावरण में सुबह और दोपहर के समय छोटे बच्चों का स्कूल बसों व वैन से आवागमन जोखिम भरा हो सकता था। इसी को ध्यान में रखते हुए जिला स्तर पर बच्चों की सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए शैक्षणिक अवकाश घोषित किया गया।

क्या शिक्षकों और प्रशासनिक कर्मचारियों की भी रहेगी छुट्टी?

अक्सर ऐसे अवकाशों के दौरान शिक्षकों और गैर-शैक्षणिक कर्मचारियों के मन में संशय रहता है कि क्या उन्हें विद्यालय आना होगा। आदेश में इस बात को पूरी तरह साफ किया गया है कि यह अवकाश मुख्य रूप से छात्र-छात्राओं के अध्ययन कार्य के लिए है। जिन विद्यालयों को परीक्षा केंद्र बनाया गया है, वहां के प्रधानाचार्य, शिक्षक और अन्य कर्मचारी केंद्र व्यवस्थापक के निर्देशों के तहत अपनी ड्यूटी पर अनिवार्य रूप से उपस्थित रहेंगे।

वहीं जिन विद्यालयों में कोई परीक्षा केंद्र नहीं है, वहां प्रशासनिक कार्य, प्रवेश प्रक्रिया, आगामी परीक्षाओं की तैयारी और अभिलेखों के रख-रखाव के लिए शिक्षकों को उपस्थित रहने या आवश्यकतानुसार कार्य करने के निर्देश दिए गए हैं। हालांकि, छात्रों की उपस्थिति पूरी तरह प्रतिबंधित रहेगी और किसी भी तरह की आंतरिक परीक्षा या खेलकूद गतिविधि भी आयोजित नहीं की जा सकेगी।

अभिभावकों और छात्रों के लिए जरूरी दिशा-निर्देश: आधिकारिक सूचनाओं पर ही करें भरोसा

शिक्षा विभाग ने अभिभावकों से अपील की है कि वे सोशल मीडिया पर वायरल होने वाले पुराने या फर्जी नोटिफिकेशनों के भ्रम में न आएं। किसी भी छुट्टी की पुष्टि के लिए अपने संबंधित विद्यालय के आधिकारिक व्हाट्सएप ग्रुप, स्कूल ऐप या जिला प्रशासन के आधिकारिक सोशल मीडिया हैंडल व वेबसाइट पर जारी सूचना का ही संज्ञान लें। यदि किसी जिले में स्थिति सामान्य रहती है और केवल कुछ विशेष कक्षाओं के लिए आदेश जारी हुआ है, तो स्थानीय नोटिस को ही अंतिम माना जाए।

शनिवार से सभी विद्यालय अपने पूर्व निर्धारित समय सारिणी के अनुसार पुनः नियमित रूप से संचालित होंगे। मौसम विभाग और प्रशासन स्थिति पर लगातार नजर बनाए हुए हैं और आवश्यकता पड़ने पर आगे भी विद्यार्थियों की सुरक्षा के मद्देनजर उचित दिशा-निर्देश जारी किए जाएंगे।