रेवेन्यू में 69000% का ऐतिहासिक उछाल, मुनाफा 23 गुना बढ़ते ही रॉकेट बना सिनेमा शेयर

रेवेन्यू में 69000% का ऐतिहासिक उछाल, मुनाफा 23 गुना बढ़ते ही रॉकेट बना सिनेमा शेयर

भारतीय शेयर बाजार के स्मॉल-कैप सेगमेंट में सोमवार, 26 अक्टूबर 2026 को एक ऐसी अप्रत्याशित तेजी देखी गई जिसने दलाल स्ट्रीट के विश्लेषकों को भी हैरान कर दिया। सिनेमा और एंटरटेनमेंट सेक्टर से जुड़ी कंपनी सिटी पल्स मल्टीवेंचर्स लिमिटेड के शेयरों में बाजार खुलते ही जबर्दस्त खरीदारी का रुख बना और स्टॉक 5 प्रतिशत के ऊपरी सर्किट (अपर सर्किट) को छूते हुए ₹113.36 के स्तर पर लॉक हो गया। कंपनी द्वारा 30 सितंबर 2026 को समाप्त हुई पहली छमाही (H1 FY27) के वित्तीय परिणाम जारी किए जाने के ठीक बाद यह जबरदस्त उछाल देखने को मिला। चालू वित्त वर्ष की पहली छमाही में कंपनी ने राजस्व और शुद्ध लाभ के मोर्चे पर ऐसी अभूतपूर्व वृद्धि दर्ज की है जो सामान्य तौर पर कॉर्पोरेट जगत में बहुत दुर्लभ मानी जाती है।

कंपनी द्वारा एक्सचेंज फाइलिंग में साझा की गई जानकारी के अनुसार, चालू वित्त वर्ष की पहली छमाही में कंपनी का कंसोलिडेटेड रेवेन्यू बढ़कर ऐतिहासिक ₹1,613.75 करोड़ के स्तर पर पहुंच गया है। पिछले वित्त वर्ष की इसी समान अवधि में यह आंकड़ा महज ₹2.31 करोड़ दर्ज किया गया था। प्रतिशत के लिहाज से देखा जाए तो कंपनी के कुल राजस्व में करीब 69,714 फीसदी की आश्चर्यजनक और रिकॉर्डतोड़ छलांग लगी है। इस असाधारण प्रदर्शन ने न केवल कंपनी के मार्केट कैप को एक बड़ा सहारा दिया है, बल्कि खुदरा और संस्थागत निवेशकों के बीच भी इस शेयर को लेकर भारी दिलचस्पी पैदा कर दी है।

शुद्ध लाभ में 23 गुना से ज्यादा का उछाल, ईपीएस बढ़कर ₹21 के पार

सिटी पल्स मल्टीवेंचर्स ने केवल टॉप-लाइन (राजस्व) ही नहीं, बल्कि बॉटम-लाइन (मुनाफे) के स्तर पर भी शानदार मजबूती पेश की है। कंपनी का कंसोलिडेटेड शुद्ध मुनाफा (Net Profit) पिछले वर्ष की समान छमाही के ₹99.02 लाख की तुलना में बढ़कर ₹23.49 करोड़ दर्ज किया गया है, जो 23 गुना से भी अधिक की वास्तविक वृद्धि को प्रदर्शित करता है। इसी तरह, कंपनी का कर पूर्व लाभ (PBT) ₹1.34 करोड़ से कई गुना बढ़कर ₹31.74 करोड़ के स्तर को छू चुका है। परिचालन मुनाफे में आए इस भारी सुधार ने कंपनी के वित्तीय आधार को बेहद मजबूत स्थिति में पहुंचा दिया है।

वित्तीय आंकड़ों में इस भारी सुधार का सीधा और सकारात्मक असर कंपनी की प्रति शेयर आय (EPS) पर भी पड़ा है। पिछले वर्ष ₹0.93 रहने वाली प्रति शेयर आय अब बढ़कर ₹21.31 के स्तर पर आ गई है। विश्लेषकों का ध्यान इस बात ने भी खींचा है कि वर्तमान में इस शेयर का वैल्यूएशन बेहद आकर्षक बना हुआ है। कंसोलिडेटेड आय के आधार पर यह स्टॉक फिलहाल 7 गुना से भी कम प्राइस-टू-अर्निंग (P/E) मल्टीपल पर ट्रेड कर रहा है, जिसे बाजार विशेषज्ञ भविष्य की संभावित ग्रोथ के लिहाज से काफी रीजनेबल मान रहे हैं।

स्टैंडअलोन बनाम कंसोलिडेटेड आंकड़ों का विश्लेषण और मजबूत बैलेंस शीट

कंपनी के स्टैंडअलोन नतीजों पर नजर डालें तो वहां भी स्थिर वृद्धि दर्ज की गई है। स्टैंडअलोन आधार पर कंपनी का कुल राजस्व ₹13.27 करोड़ दर्ज किया गया, जबकि बीते वर्ष यह ₹2.31 करोड़ था। वहीं स्टैंडअलोन नेट प्रॉफिट ₹99.02 लाख से बढ़कर ₹1.66 करोड़ रहा। वित्तीय विश्लेषकों के अनुसार, स्टैंडअलोन और कंसोलिडेटेड आंकड़ों के बीच का यह विशाल अंतर इस बात का स्पष्ट संकेत है कि ग्रुप द्वारा हाल ही में अधिग्रहित किए गए नए कारोबारों और सहायक कंपनियों (Subsidiaries) ने समेकित बैलेंस शीट में भारी और प्रभावी वित्तीय योगदान दिया है।

छमाही अवधि के दौरान कंपनी की बैलेंस शीट में भी सकारात्मक संरचनात्मक बदलाव देखने को मिले हैं। कंपनी की कुल समेकित संपत्ति (Total Consolidated Assets) मार्च 2026 के अंत में ₹101.68 करोड़ थी, जो 30 सितंबर 2026 तक तेजी से बढ़कर ₹146.08 करोड़ हो गई। इसके साथ ही, शेयरधारकों का कुल फंड ₹93.76 करोड़ से मजबूत होकर ₹130.11 करोड़ पहुंच चुका है, जबकि कंपनी के रिजर्व्स और सरप्लस में भी शानदार इजाफा दर्ज हुआ है और यह ₹83.09 करोड़ से बढ़कर ₹119.09 करोड़ पर आ गया है। कंपनी के पास उपलब्ध लिक्विडिटी में भी सुधार हुआ है; कैश और बैंक बैलेंस पिछले वित्त वर्ष के ₹6.84 करोड़ से बढ़कर ₹12.26 करोड़ हो गया है, जबकि ट्रेड रिसीवेबल्स ₹22.07 करोड़ और पेड-अप इक्विटी शेयर कैपिटल ₹11.03 करोड़ दर्ज की गई है।

'हर घर सिनेमा घर' पहल: टियर-2 और टियर-3 शहरों में 100 मिनीप्लेक्स खोलने का मेगा प्लान

शानदार वित्तीय नतीजों के साथ ही कंपनी प्रबंधन ने अपने मुख्य सिनेमा प्रदर्शन कारोबार को लेकर एक महत्वाकांक्षी विस्तार योजना का खाका भी प्रस्तुत किया है। कंपनी ने अपनी महत्वाकांक्षी परियोजना 'हर घर सिनेमा घर' के माध्यम से सिनेमाई प्रदर्शन क्षेत्र में आक्रामक विस्तार की रणनीति तैयार की है। इस रणनीतिक पहल के तहत कंपनी का प्राथमिक लक्ष्य देश के टियर-2 और टियर-3 शहरों के साथ-साथ अर्ध-शहरी कस्बों में फ्रेंचाइजी-आधारित मिनीप्लेक्स थियेटर मॉडल के जरिए 100 नए स्क्रीन्स स्थापित करना है।

इस दूरदर्शी परियोजना का मुख्य उद्देश्य छोटे कस्बों और दूरदराज के क्षेत्रों में सिनेमाई अनुभव को आम नागरिकों के लिए सुलभ, आधुनिक और आर्थिक रूप से किफायती बनाना है। इसके साथ ही यह मॉडल स्थानीय उद्यमियों, युवाओं और फ्रेंचाइजी भागीदारों के लिए नए व्यावसायिक अवसर और रोजगार के साधन भी सृजित करेगा। प्रबंधन ने स्पष्ट किया है कि हाल के महीनों में किए गए रणनीतिक अधिग्रहणों और विभिन्न सेक्टर्स में विविधीकरण ने कंपनी की परिचालन दक्षता को कई गुना बढ़ाया है। पहले सिटी पल्स मल्टीप्लेक्स लिमिटेड के रूप में पहचानी जाने वाली यह कंपनी अब केवल सिनेमा हॉल तक सीमित नहीं है, बल्कि इसने रिन्यूएबल एनर्जी, डिजिटल मीडिया, शिक्षा, फ्यूल रिटेल और शहरी बुनियादी ढांचा विकास जैसे नए दौर के क्षेत्रों में भी अपने कदम तेजी से बढ़ा दिए हैं।