Jio Allotment Status: जियो के शेयरों का आज फाइनल अलॉटमेंट, 1 करोड़ आवेदनों के बाद ऐसे चेक करें स्टेटस
भारतीय शेयर बाजार के इतिहास में अब तक के सबसे बड़े और बहुप्रतीक्षित पब्लिक इश्यू में शुमार रिलायंस समूह की कंपनी जियो प्लेटफॉर्म्स लिमिटेड के ₹30,200 करोड़ के मेगा आईपीओ का अलॉटमेंट आज 26 अक्टूबर को अंतिम रूप से तय होने की पूरी संभावना है। 23 अक्टूबर को बंद हुए इस ऐतिहासिक आईपीओ को लेकर निवेशकों के बीच जिस स्तर की दीवानगी देखने को मिली, उसने प्राथमिक बाजार के पिछले सभी वैश्विक और घरेलू रिकॉर्ड्स को ध्वस्त कर दिया है। आधिकारिक आंकड़ों के मुताबिक इस आईपीओ के लिए 1 करोड़ से अधिक आवेदन प्राप्त हुए हैं, जो किसी भी भारतीय पब्लिक इश्यू के लिए अब तक की सबसे बड़ी संख्या है। इससे पहले सबसे ज्यादा आवेदनों का कीर्तिमान वारी एनर्जीज (Waaree Energies) के नाम दर्ज था, जिसे करीब 97 लाख आवेदन मिले थे। जियो के इस नए बेंचमार्क ने न केवल खुदरा निवेशकों की बढ़ती ताकत को दिखाया है बल्कि वैश्विक मंच पर भारतीय पूंजी बाजार की गहराई को भी स्थापित किया है।
बोली लगाने वाले लाखों खुदरा, गैर-संस्थागत और संस्थागत निवेशकों की निगाहें अब इश्यू के रजिस्ट्रार केफिन टेक्नोलॉजीज और दोनों प्रमुख एक्सचेंजों के पोर्टल पर टिकी हुई हैं। यह इश्यू बोली के पहले ही दिन खुलने के महज 100 मिनट के भीतर पूरी तरह सब्सक्राइब हो गया था, जो भारत के कॉर्पोरेट इतिहास में इतने बड़े आकार के आईपीओ के लिए सबसे तेज सब्सक्रिप्शन की गति है। अब जब शेयर अलॉटमेंट की घड़ी आ गई है, तो बाजार में इस बात को लेकर भारी उत्सुकता है कि लॉटरी सिस्टम के जरिए किन भाग्यशाली निवेशकों को रिलायंस की इस दिग्गज डिजिटल इकाई के शेयर आवंटित होते हैं।
सब्सक्रिप्शन के आंकड़ों में दिखा संस्थागत निवेशकों का दबदबा, 22 गुना से अधिक हुआ इश्यू
जियो प्लेटफॉर्म्स आईपीओ के कुल सब्सक्रिप्शन की स्थिति पर गौर करें तो यह इश्यू अंतिम दिन तक कुल मिलाकर 22.19 गुना भरकर बंद हुआ। सबसे ज्यादा आक्रामक भागीदारी योग्य संस्थागत खरीदारों (QIB) की श्रेणी में दर्ज की गई, जहां यह कोटा 70.55 गुना सब्सक्राइब हुआ। देश-विदेश के बड़े म्यूचुअल फंड्स, बीमा कंपनियों और विदेशी पोर्टफोलियो निवेशकों ने इस श्रेणी में जमकर बोलियां लगाईं। वहीं गैर-संस्थागत निवेशकों (NII या HNI) का कोटा भी 14 गुना सब्सक्राइब हुआ। आम खुदरा निवेशकों (Retail) की श्रेणी में यह 2.72 गुना भरकर बंद हुआ।
इश्यू खुलने से पहले कंपनी ने एंकर निवेशकों से ₹1,065 से ₹1,119 के प्राइस बैंड के ऊपरी स्तर पर ₹8,109.85 करोड़ जुटाए थे, जिसे वैश्विक वित्तीय संस्थानों से जबरदस्त समर्थन मिला था। खुदरा हिस्से में 2.72 गुना सब्सक्रिप्शन का सीधा अर्थ यह है कि कई खुदरा निवेशकों को आनुपातिक या कंप्यूटर आधारित रैंडम ड्रा के जरिए ही शेयर मिल सकेंगे। जिन निवेशकों का कोटा पूरा नहीं होगा, उनके ब्लॉक किए गए पैसे को बैंकों द्वारा वापस अनब्लॉक करने की प्रक्रिया अलॉटमेंट के तुरंत बाद शुरू हो जाएगी।
Kfin Technologies, BSE और NSE पर घर बैठे ऐसे चेक करें अलॉटमेंट स्टेटस
यदि आपने भी जियो प्लेटफॉर्म्स के इस मेगा आईपीओ के लिए बिड सबमिट की थी, तो आप घर बैठे बेहद आसान डिजिटल स्टेप्स के जरिए अपना अलॉटमेंट स्टेटस जान सकते हैं। अलॉटमेंट की प्रक्रिया पूरी होते ही स्टेटस को तीन प्रमुख पोर्टल्स पर लाइव किया जाता है:
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रजिस्ट्रार Kfin Technologies की आधिकारिक वेबसाइट के जरिए:
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सबसे पहले Kfin Technologies के आधिकारिक आईपीओ अलॉटमेंट पोर्टल पर जाएं।
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वहां मौजूद ड्रॉपडाउन मेनू में से "Jio Platforms Limited" का चयन करें।
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इसके बाद अपनी सुविधा के अनुसार पैन नंबर, एप्लीकेशन नंबर या डीपी क्लाइंट आईडी में से किसी एक विकल्प को चुनें।
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संबंधित विवरण और स्क्रीन पर दिखने वाला सुरक्षा कैप्चा कोड दर्ज कर सबमिट बटन पर क्लिक करें। आपका शेयर अलॉटमेंट स्टेटस तुरंत स्क्रीन पर प्रदर्शित हो जाएगा।
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बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज (BSE) की वेबसाइट के जरिए:
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बीएसई के आधिकारिक इन्वेस्टर्स स्टेटस चेक पेज पर जाएं।
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इश्यू टाइप में 'Equity' का चयन करें।
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ड्रॉपडाउन सूची से 'Jio Platforms Limited' को चुनें।
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अपना एप्लीकेशन नंबर और पैन विवरण दर्ज करें।
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'I am not a robot' कैप्चा वेरिफाई कर सर्च पर क्लिक करते ही अलॉटमेंट की स्थिति साफ हो जाएगी।
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नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (NSE) के जरिए:
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एनएसई की वेबसाइट पर ट्रेड बिड्स वेरिफिकेशन मॉड्यूल में लॉगिन करें।
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अपने रजिस्टर्ड यूजरनेम या पैन नंबर के जरिए जियो प्लेटफॉर्म्स आईपीओ का चयन कर स्टेटस जांचें।
अलॉटमेंट के बाद क्या होगा अगला कदम? डीमैट क्रेडिट और 28 अक्टूबर को लिस्टिंग की तैयारी
शेयर अलॉटमेंट प्रक्रिया पूरी होने के बाद जिन निवेशकों को शेयर आवंटित किए जाएंगे, उन्हें कंपनी के रजिस्ट्रार और उनके संबंधित डिपॉजिटरी पार्टिसिपेंट (CDSL या NSDL) की ओर से ईमेल और एसएमएस अलर्ट प्राप्त होंगे। अलॉट किए गए शेयर मंगलवार, 27 अक्टूबर 2026 तक पात्र निवेशकों के डीमैट खातों में सीधे ट्रांसफर (क्रेडिट) कर दिए जाएंगे। इसके अगले ही दिन यानी बुधवार, 28 अक्टूबर 2026 को जियो प्लेटफॉर्म्स के शेयरों की बीएसई और एनएसई पर भव्य लिस्टिंग की जाएगी।
चूंकि यह इश्यू भारी ओवरसब्सक्रिप्शन के साथ बंद हुआ है, इसलिए जिन निवेशकों को शेयर नहीं मिल पाएंगे, उन्हें निराश होने की आवश्यकता नहीं है। उनके यूपीआई मैंडेट या बैंक खाते में ब्लॉक की गई एएसबीए (ASBA) राशि को बैंकों द्वारा तय समयसीमा के भीतर अनब्लॉक कर दिया जाएगा। बाजार के जानकार मान रहे हैं कि मजबूत वित्तीय स्थिति और डिजिटल स्पेस में एकछत्र विस्तार के दम पर जियो प्लेटफॉर्म्स की बाजार में लिस्टिंग काफी हलचल भरी और ऐतिहासिक हो सकती है।