शेयर बाजार अपडेट: बजाज की 'धुन' पर झूम उठा दलाल स्ट्रीट! सेंसेक्स 78,000 के पार हुआ बंद, निफ्टी में भी शानदार उछाल

शेयर बाजार अपडेट: बजाज की 'धुन' पर झूम उठा दलाल स्ट्रीट! सेंसेक्स 78,000 के पार हुआ बंद, निफ्टी में भी शानदार उछाल

भारतीय शेयर बाजार के लिए जुलाई महीने का अंतिम कारोबारी दिन बेहद शानदार रहा और हफ्ते के आखिरी दिन बाजार हरे निशान में बंद हुआ। वैश्विक बाजारों से मिलेजुले संकेतों के बावजूद घरेलू निवेशकों का उत्साह उच्च स्तर पर बना रहा। शुक्रवार को समाप्त हुए सत्र में बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज का प्रमुख सूचकांक सेंसेक्स (BSE Sensex) 166.49 अंकों की मजबूती के साथ 78,094.64 के स्तर पर बंद हुआ। वहीं, नेशनल स्टॉक एक्सचेंज का निफ्टी 50 (NSE Nifty) भी 66.45 अंकों की तेजी के साथ 24,383.60 के महत्वपूर्ण स्तर पर बंद होने में कामयाब रहा। पूरे महीने के दौरान बाजार में आई यह तेजी इस बात का सबूत है कि घरेलू अर्थव्यवस्था के बुनियादी फंडामेंटल्स मजबूत बने हुए हैं और निवेशकों का भरोसा लगातार बढ़ रहा है।

बजाज फिनसर्व और बजाज फाइनेंस का रहा जलवा, शेयरों में तूफानी तेजी

आज के कारोबार में बाजार की चाल को सबसे ज्यादा रफ्तार देने का काम दिग्गज कंपनियों 'बजाज ग्रुप' के शेयरों ने किया। हाल ही में आए शानदार तिमाही वित्तीय परिणामों (Q1 Earnings) के बाद बजाज फाइनेंस (Bajaj Finance) के शेयरों में लगभग 8 प्रतिशत से अधिक का भारी उछाल देखने को मिला और यह सेंसेक्स के सबसे बड़े गेनर्स की सूची में शीर्ष पर रहा। इसके अलावा, बजाज फिनसर्व (Bajaj Finserv) के शेयरों में भी करीब 6.5 प्रतिशत से ज्यादा की जोरदार तेजी दर्ज की गई। वित्तीय और ऑटोमोबाइल सेक्टर, विशेष रूप से महिंद्रा एंड महिंद्रा (M&M) के शेयरों में हुई लिवाली ने बाजार को ऊपर उठाने में बहुत बड़ा योगदान दिया। बाजार के जानकारों का मानना है कि इन प्रमुख दिग्गज शेयरों में आई तेजी ने पूरे बाजार का सेंटिमेंट पॉजिटिव बनाए रखा, जिससे निवेशकों की संपत्ति में उल्लेखनीय बढ़ोतरी हुई।

आईटी शेयरों में मुनाफावसूली और सेक्टरवार मिलाजुला रुख

एक तरफ जहां फाइनेंशियल और ऑटो सेक्टर ने बाजार की गाड़ी को तेजी से आगे बढ़ाया, वहीं दूसरी तरफ सूचना प्रौद्योगिकी (IT) शेयरों में बिकवाली का दबाव साफ तौर पर देखा गया। इस महीने की शुरुआत में शानदार प्रदर्शन करने वाले आईटी शेयरों में आज मुनाफावसूली (Profit Booking) हावी रही, जिसके चलते टीसीएस (TCS), इंफोसिस (Infosys), टेक महिंद्रा और एचसीएल टेक जैसी दिग्गज कंपनियों के शेयर लाल निशान में बंद हुए। आईटी सेक्टर में आई इस सुस्ती के कारण बाजार की रफ्तार थोड़ी सीमित जरूर हुई, लेकिन अन्य सेक्टर्स जैसे रियल्टी, मीडिया, ऑयल एंड गैस और फार्मा में हुई खरीदारी ने इस अंतर को आसानी से पाट लिया। ब्रॉडर मार्केट में भी सकारात्मक रुझान देखने को मिला, जहां मिडकैप और स्मॉलकैप शेयरों में खरीदारी का सिलसिला जारी रहा।

जुलाई महीने का शानदार समापन और एफआईआई (FII) का रुख

यह कारोबारी हफ्ता और महीना दोनों ही भारतीय शेयर बाजार के लिए राहत भरे रहे हैं, क्योंकि इस महीने बेंचमार्क इंडेक्स ने लगातार दूसरे महीने बढ़त के साथ क्लोजिंग दी है। साल के शुरुआती महीनों में लगातार बिकवाली करने वाले विदेशी संस्थागत निवेशक (FIIs) जुलाई के दौरान भारतीय बाजारों में फिर से शुद्ध खरीदार के रूप में उभरे हैं, जिससे बाजार को एक मजबूत तकनीकी सपोर्ट मिला है। इसके अलावा, भारत का रुपया भी मजबूती के साथ टिके रहने में कामयाब रहा है, हालांकि कच्चे तेल (Crude Oil) की कीमतों में उतार-चढ़ाव और भू-राजनीतिक तनाव अब भी निवेशकों के रडार पर बने हुए हैं।

निवेशकों के लिए आगे की बाजार चाल और एक्सपर्ट्स की राय

तकनीकी विश्लेषकों और बाजार विशेषज्ञों का कहना है कि निफ्टी और सेंसेक्स का अपने अहम समर्थन स्तरों (Support Zones) से ऊपर टिके रहना यह दर्शाता है कि बाजार का मध्यम अवधि का रुझान अभी भी सकारात्मक बना हुआ है। आने वाले सत्रों में यदि ग्लोबल मार्केट्स से कोई बड़ी नकारात्मक बाधा नहीं आती है, तो बाजार और नए उच्च स्तर की ओर बढ़ सकता है। हालांकि, ऊंचे स्तरों पर हल्की-फुल्की मुनाफावसूली से इंकार नहीं किया जा सकता, इसलिए निवेशकों को स्टॉक-स्पेसिफिक स्ट्रैटेजी अपनानी चाहिए और मजबूत फंडामेंटल वाली कंपनियों पर ही दांव लगाना चाहिए।

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